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Prayagraj : आईजीएसटी ने रख ली लाज, नहीं तो प्रयागराज जोन रह जाता फिसड्डी
Mon, 02 Sep 2024 04:27 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 02 Sep 2024 04:27 PM IST
सार
जीएसटी लागू होने के बाद अगस्त माह में अब तक का सर्वाधिक कलेक्शन राज्य वाणिज्य कर विभाग प्रयागराज जोन को वर्ष 2023 में मिला था। तब यहां 160.87 करोड़ का जीएसटी कलेक्शन हुआ। इस बार उम्मीद जताई जा रही थी कि जीएसटी कलेक्शन का आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में कम से कम दस फीसदी बढ़ेगा।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Istock
विस्तार
एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर (आईजीएसटी) यानी इंटीग्रेटेड गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स ने इस बार राज्य वाणिज्य कर विभाग प्रयागराज जोन की लाज रख ली। अगस्त 24 में अपेक्षाकृत जीएसटी कलेक्शन कम होने की वजह से प्रयागराज जोन प्रदेश में सबसे कम राजस्व देने वाले पांच जोन में शामिल होते-होते बच गया। प्रयागराज जोन को आईजीएसटी की मद में 109 करोड़ रुपये अतिरिक्त कलेक्शन मिल गया। इसका असर यह हुआ कि अगस्त माह का जीएसटी कलेक्शन पहली बार 250 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया।
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जीएसटी लागू होने के बाद अगस्त माह में अब तक का सर्वाधिक कलेक्शन राज्य वाणिज्य कर विभाग प्रयागराज जोन को वर्ष 2023 में मिला था। तब यहां 160.87 करोड़ का जीएसटी कलेक्शन हुआ। इस बार उम्मीद जताई जा रही थी कि जीएसटी कलेक्शन का आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में कम से कम दस फीसदी बढ़ेगा, लेकिन 30 अगस्त तक विभाग के खाते में 144 करोड़ रुपये ही आए तो यही लगा कि प्रयागराज इस बार प्रदेश के सभी 20 जोन में कहीं सबसे पीछे न रह जाए।
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मात्र 144 करोड़ का जीएसटी कलेक्शन होने की वजह से प्रयागराज जोन कम कलेक्शन वाले सूबे के पांच जोन में शामिल हो गया, लेकिन राहत भरी बात यह रही कि इस बीच आईजएसटी का 109 करोड़ रुपये भी प्रयागराज जोन को मिल गया। इससे यहां का जीएसटी कलेक्शन बढ़कर 253 करोड़ रुपये हो गया। इससे विभागीय कर्मचारियों के साथ अफसरों ने भी राहत भरी सांस ली।
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सरकारी विभागों की खरीदारी की वजह से हुआ अतिरिक्त 109 करोड़ रुपये का कलेक्शन
दरअसल तमाम सरकारी विभाग अगर कोई सामान खरीदते हैं तो वह उसका टैक्स भी जमा करते हैं। यह आईजीएसटी के मद में जमा हो जाता है। उदाहरण के लिए अगर स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय, मोती लाल नेहरू चिकित्सालय, नगर निगम प्रशासन द्वारा कोई सामान या मशीन आदि मंगवाई जाती है तो उससे आने वाली आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट ) आईजीएसटी में रहती है।
पूर्व में मार्च माह बीतने पर आईजीएसटी संबंधित राज्यों को समानुपातिक रूप में बांट दी जाती थी, लेकिन अगस्त 22 से नई व्यवस्था बनी। जो आईटीसी उपयोग नहीं होती थी उसे रिवर्स कर दिया जाने लगा। प्रयागराज जोन की बात करें तो यहां इसी मद में 218 करोड़ रुपये आए। इसमें से 109 करोड़ रुपये सेंट्रल जीएसटी और इतनी ही राशि स्टेट जीएसटी को मिली।
जीएसटी कलेक्शन का बढ़ना एवं घटना लगा रहता है। इस बार आईजीएसटी की वजह विभाग ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और अगस्त माह का कलेक्शन 250 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया। - राम कुबेर, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन, वाणिज्य कर विभाग।