फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Prayagraj : High Court said - transport of cow skin is not a violation of the Cow Slaughter Act

Prayagraj : हाईकोर्ट ने कहा- गाय की खाल का परिवहन गो हत्या अधिनियम का उल्लंघन नहीं

Wed, 24 Aug 2022 02:33 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 24 Aug 2022 02:33 AM IST
सार

Prayagraj : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि मजिस्ट्रेट को सीआरपीसी की धारा 451 या धारा 457 के तहत उस वाहन को छोड़ने की शक्ति है. जिस वाहन के जरिये से गोवंश की खाल को ले जाया जा रहा था। यह आदेश न्यायमूर्ति मोहम्मद असलम ने मंजीत तंवर उर्फ मंजीत टंकर की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।

विज्ञापन
Prayagraj : High Court said - transport of cow skin is not a violation of the Cow Slaughter Act
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : डेमो

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि गाय की खाल का परिवहन उत्तर प्रदेश गो हत्या रोकथाम अधिनियम-1955 के प्रावधानों के किसी भी उल्लंघन के दायरे में नहीं है। इसलिए मजिस्ट्रेट को सीआरपीसी की धारा 451 या धारा 457 के तहत उस वाहन को छोड़ने की शक्ति है. जिस वाहन के जरिये से गोवंश की खाल को ले जाया जा रहा था। यह आदेश न्यायमूर्ति मोहम्मद असलम ने मंजीत तंवर उर्फ मंजीत टंकर की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।

विज्ञापन


कोर्ट ने विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, आगरा के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें याची द्वारा दायर आवेदन को खारिज कर दिया गया था। याची ने आवेदन में गाय के चमड़े के परिवहन के लिए इस्तेमाल किए गए अपने वाहन को छोड़ने की मांग की थी। सीजेएम आगरा ने तर्क दिया था कि चूंकि वाहन (कैंटर) को एक विशेष आपराधिक अधिनियम उत्तर प्रदेश गो हत्या रोकथाम अधिनियम-1955 के तहत जब्त किया गया है। इसलिए आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 451, 452 और 457 के तहत अपनी शक्ति का प्रयोग करके इसे छोड़ने का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है।
विज्ञापन


इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मोहम्मद हनीफ  बनाम यूपी राज्य और अन्य के केस का हवाला देते हुए सीजेएम के आदेश को रद्द कर दिया। यह मानते हुए चूंकि गाय के चमड़े के परिवहन को गाय वध अधिनियम या उत्तर प्रदेश गोहत्या नियम के तहत विशेष रूप से प्रतिबंधित नहीं किया गया है। इसलिए विशेष मजिस्ट्रेट आगरा वास्तव में विचाराधीन वाहन को छोड़ने का निर्णय लेने का क्षेत्राधिकार रखते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


मामले में याची मंजीत तंवर उर्फ  मंजीत टंकर के वाहन को ज़ब्त कर लिया गया और आरोप लगाया गया कि ट्रक गाय की खाल से लदा था। उत्तर प्रदेश गोहत्या (रोकथाम) अधिनियम की धारा 3/5क/8 के तहत दंडनीय अपराधों के तहत गिरफ्तार किए जाने के बाद वाहन के चालक के खिलाफ  भी मामला दर्ज किया गया था।


इसके बाद याचिकाकर्ता ने वाहन को छुड़वाने के लिए विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन किया। हालांकि, विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आगरा द्वारा 11 नवंबर 2021 ने आवेदन आक्षेपित आदेश द्वारा खारिज कर दिया, जिस पर याची ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में प्राथमिक निवेदन था कि वाहन गायों के चमड़े का परिवहन कर रहा था जो कि गोहत्या अधिनियम के प्रावधानों द्वारा निषिद्ध नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed