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पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह की याचिका पर फैसला सुरक्षित 

Wed, 08 Jul 2020 07:21 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 08 Jul 2020 07:21 PM IST
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prayagraj high court: Decision reserved on petition of former Chief Engineer Yadav Singh
नोएडा अथारिटी के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह - फोटो : amar ujala
नोएडा अथॉरिटी के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह ने सीबीआई द्वारा विलंब से चार्जशीट दाखिल करने के आधार पर जेल से रिहाई की मांग की है। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल कर अपनी निरुद्धि को अवैध बताया है।  बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर कोर्ट ने सीबीआई और यादव सिंह के वकीलों की बहस सुनने के बाद निर्णय सुरक्षित कर लिया है। 
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यादव सिंह पर आरोप है कि उन्होंने चीफ इंजीनियर रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग कर अपने परिचितों और रिश्तेदारों को अनुचित फायदा पहुंचाया। उन्होंने सात सरकारी ठेके बाजार मूल्य से कम कीमत पर दिए जिससे सरकार को करोड़ों रुपये का घाटा  हुुआ। इस मामले में गाजियाबाद में उन पर प्राथमिकी   दर्ज कराई गई है। 
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सीबीआई ने 10 फरवरी 20 को यादव सिंह को  गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तब से वह जेल में ही हैं। यादव सिंह का कहना है कि सी बी आई ने निर्धारित अवधि के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं की है।इसलिए उसे अवैध निरूद्धि से मुक्त किया जाए या जमानत पर रिहा किया जाए। याचिका की सुनवाई न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर तथा न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव की खंडपीठ कर रही है
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सी बी आई का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश व संजय यादव का कहना है कि कोविड 19 लाक डाउन के कारण अदालतें बंद थी। आठ जून को जिला अदालतें खुली तो गाजियाबाद की सी बी आई अदालत भी बैठी।इसी दिन चार्जशीट दाखिल कर दी गई।अनावश्यक देरी नही की गई है। इसे समय से दाखिल माना जाए।जब कि याची का कहना है कि सी बी आई ने  समय से चार्जशीट दाखिल नहीं की है ।इसलिए अवैध निरुद्धि को रद्द करते हुए उसे जमानत पर रिहा किया जाए।
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