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Prayagraj: दिल के मरीजों काे पेसमेेकर, एंजियोग्राफी कराने में नहीं ढीली करनी हाेगी जेब, एसआरएन में कैथ लैब सुविधा अगले हफ्ते से
Wed, 16 Mar 2022 01:08 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 16 Mar 2022 01:08 AM IST
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heart disease
- फोटो : istock
हृदय रोगों से पीड़ित मरीजों को महंगी जांचों के लिए अब जेब नहीं ढीली करनी होगी। एसआरएन अस्पताल में तैयार कैथ लैब अगले सप्ताह से काम करने लगेगी। हालांकि इसकी तिथि की घोषणा नहीं की गई है।
कैथ लैब में लगी नई मशीरों के सर्विसिंग कराई जा चुकी है। जबकि मरीजों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कैथलैब की शुरू होने से एसआरएन में हृदय रोगियों को पेसमेेकर, एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी के लिए जेब नहीं ढीली करनी पड़ेगी। निजी अस्पतालों में इसके लिए लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
एसआरएन अस्पताल में तैयार कैथलैब के निर्माण में 6 करोड़ की लागत आई है। इसकी तैयारी लंबे समय से चल रही थी। अब लैब में सभी जरूरी उपकरणों को इंस्टाल कर लिया गया है। मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अभिषेक सचदेवा के मुताबिक कैथ लैब अगले सप्ताह से काम करने लगेगी।
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इसके लिए मरीजों का रजिस्ट्रेशन और उन्हें भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कैथ लैब शुरू होने से सबसे ज्यादा फायदा एंजियोप्लास्टी कराने में होगा। एंजियोप्लास्टी के लिए जरूरी है कि हृदय के अंदर की सभी नसों को साफ देखने की सुविधा हो। कैथ लैब के जरिए हृदय का इंट्रावैक्सकुलर अल्ट्रासाउंड करने की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।
इससे इलाज में सहूलियत होगी। इसके अलावा कैथ लैब में आइवस ओसीटी मशीन लगी है। जिसके जरिए हृदय में सूजन, ब्लॉकेज का सटीक पता चल सकेगा। अभी तक इस मशीन की सुविधा प्रयागराज में नहीं थी।
कम होगा इलाज का खर्च
डॉ. अभिषेक सचदेवा के मुताबिक निजी अस्पतालों में एंजियोग्राफी का खर्च 20 से 25 हजार रुपये तक है। जबकि कैथ लैब शुरू होने के बाद एसआरएन में इसका खर्च करीब 2000 रुपये ही आएगा। इसी प्रकार निजी अस्पताल में पेसमेकर लगवाने पर करीब डेढ़ से दो लाख रुपये खर्च आता है, वहीं सरकारी अस्पताल में यह 70 हजार रुपये में आसानी से हो जाएगा। एंजियोप्लास्टी में इंस्टेंट का खर्च करीब 35 से 40 हजार ही आएगा। जबकि निजी अस्पताल में डेढ़ से दो लाख रुपये का खर्च आता है।
एसआरएन में कैथ लैब की सुविधा अगले सप्ताह से शुरू हो जाएगी। इसके लिए सभी तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही हैं। डॉ. एसपी सिंह, प्राचार्य,एमएलएन मेडिकल कालेज
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कैथ लैब में लगी नई मशीरों के सर्विसिंग कराई जा चुकी है। जबकि मरीजों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कैथलैब की शुरू होने से एसआरएन में हृदय रोगियों को पेसमेेकर, एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी के लिए जेब नहीं ढीली करनी पड़ेगी। निजी अस्पतालों में इसके लिए लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
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एसआरएन अस्पताल में तैयार कैथलैब के निर्माण में 6 करोड़ की लागत आई है। इसकी तैयारी लंबे समय से चल रही थी। अब लैब में सभी जरूरी उपकरणों को इंस्टाल कर लिया गया है। मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अभिषेक सचदेवा के मुताबिक कैथ लैब अगले सप्ताह से काम करने लगेगी।
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इसके लिए मरीजों का रजिस्ट्रेशन और उन्हें भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कैथ लैब शुरू होने से सबसे ज्यादा फायदा एंजियोप्लास्टी कराने में होगा। एंजियोप्लास्टी के लिए जरूरी है कि हृदय के अंदर की सभी नसों को साफ देखने की सुविधा हो। कैथ लैब के जरिए हृदय का इंट्रावैक्सकुलर अल्ट्रासाउंड करने की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।
इससे इलाज में सहूलियत होगी। इसके अलावा कैथ लैब में आइवस ओसीटी मशीन लगी है। जिसके जरिए हृदय में सूजन, ब्लॉकेज का सटीक पता चल सकेगा। अभी तक इस मशीन की सुविधा प्रयागराज में नहीं थी।
कम होगा इलाज का खर्च
डॉ. अभिषेक सचदेवा के मुताबिक निजी अस्पतालों में एंजियोग्राफी का खर्च 20 से 25 हजार रुपये तक है। जबकि कैथ लैब शुरू होने के बाद एसआरएन में इसका खर्च करीब 2000 रुपये ही आएगा। इसी प्रकार निजी अस्पताल में पेसमेकर लगवाने पर करीब डेढ़ से दो लाख रुपये खर्च आता है, वहीं सरकारी अस्पताल में यह 70 हजार रुपये में आसानी से हो जाएगा। एंजियोप्लास्टी में इंस्टेंट का खर्च करीब 35 से 40 हजार ही आएगा। जबकि निजी अस्पताल में डेढ़ से दो लाख रुपये का खर्च आता है।
एसआरएन में कैथ लैब की सुविधा अगले सप्ताह से शुरू हो जाएगी। इसके लिए सभी तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही हैं। डॉ. एसपी सिंह, प्राचार्य,एमएलएन मेडिकल कालेज