{"_id":"6265af8fa07579685723386d","slug":"prayagraj-first-filariasis-patient-got-disability-certificate-in-the-district","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रयागराज : जिले में पहले फायलेरिया रोगी को मिला दिव्यांगता प्रमाणपत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रयागराज : जिले में पहले फायलेरिया रोगी को मिला दिव्यांगता प्रमाणपत्र
Mon, 25 Apr 2022 01:44 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 25 Apr 2022 01:44 AM IST
सार
जिले में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए संचालित आईडीए कार्यक्रम के दौरान बैजनाथ की जांच की गई। इसमें वह फाइलेरिया पॉजिटिव पाये गए। फाइलेरिया से मुक्ति के लिए इनका पूरा उपचार किया गया, लेकिन पैर की सूजन समाप्त नहीं हो सकी।
विज्ञापन
Prayagraj News : फाइलेरिया पीड़ित मरीज को दिव्यांगता प्रमाण पत्र देते अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
फाइलेरिया रोगी बैजनाथ (47) को दिव्यांगता प्रमाणपत्र दिया गया है। यह जनपद के ऐसे पहले फाइलेरिया रोगी हैं, जिन्हें यह प्रमाणपत्र मिला है। जिला मलेरिया अधिकारी आनंद कुमार सिंह के प्रयास के बाद सीएमओ डॉ. नानक सरन के निर्देश पर बैजनाथ को प्रमापपत्र दिया गया है।
विज्ञापन
जिले में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए संचालित आईडीए कार्यक्रम के दौरान बैजनाथ की जांच की गई। इसमें वह फाइलेरिया पॉजिटिव पाये गए। फाइलेरिया से मुक्ति के लिए इनका पूरा उपचार किया गया, लेकिन पैर की सूजन समाप्त नहीं हो सकी। पैर में अधिक सूजन के कारण बैजनाथ अपने दोनों पैरों से चल नहीं पाते हैं और जीवन निर्वाह के लिए पूरी तरह से परिवार पर आश्रित हैं।
विज्ञापन
सीएमओ डॉ. नानक सरन ने बतया कि फाइलेरिया जैसी बीमारी में सामान्य तौर पर मौत तो नहीं होती है, लेकिन इससे होने वाली दिव्यांगता से जिंदगी बदतर हो जाती है। फाइलेरिया दुनिया की दूसरे नम्बर की ऐसी बीमारी है, जो बड़े पैमाने पर लोगों को दिव्यांग बना रही है।
विज्ञापन