Prayagraj : गंगापार में डीजल-पेट्रोल की किल्लत बढ़ी, पंपों पर डाल दिया काला कपड़ा
बढ़ते दाम के बीच डीजल और पेट्रोल की किल्लत गहराती जा रही है। बृहस्पतिवार को भी गंगापार के पेट्रोल पंपों पर डीजल और पेट्रोल का संकट बना रहा। हालात ऐसे रहे कि कई पंपों पर मशीनों को बंद कर उन पर काला कपड़ा डाल दिया गया।
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बढ़ते दाम के बीच डीजल और पेट्रोल की किल्लत गहराती जा रही है। बृहस्पतिवार को भी गंगापार के पेट्रोल पंपों पर डीजल और पेट्रोल का संकट बना रहा। हालात ऐसे रहे कि कई पंपों पर मशीनों को बंद कर उन पर काला कपड़ा डाल दिया गया। गंगापार के झूंसी इलाकेे में तकरीबन दो दर्जन पेट्रोल पंप हैं। कीमत बढ़ने के साथ ही पिछले कई दिनों से डीजल और पेट्रोल की नियमित आपूर्ति बाधित चल रही है। बुधवार के बाद बृहस्पतिवार को पेट्रोल पंपों पर तेल खत्म हो जाने से लोग परेशान रहे।
बुधवार को झूंसी के अंदावा, चमनगंज, मलावां और रहिमापुर आदि क्षेत्रों के कुछ पेट्रोल पंपों पर डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति जरूर पहुंची लेकिन पंप संचालकों ने सीमित मात्रा में ही डीजल और पेट्रोल का वितरण किया। बृहस्पतिवार को बकरीद की छुट्टी होने के कारण तेल की आपूर्ति नहीं हुई जिससे शाम होते-होते कई पंपों पर कम ईधन बचा रहा।
ऐसेे में रात 10 बजे तक ज्यादातर पेट्रोल पंप बंद कर दिए गए। दोपहिया वाहन चालकों को भी सीमित मात्रा में पेट्रोल दिया गया। पहले जहां एडवांस में डीजल और पेट्रोल का भंडारण रहता था, वहीं अब तेल खत्म होने के बाद ही टैंकर आपूर्ति लेकर पहुंच रहे हैं।
बुधवार की शाम अंदावा स्थित एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल की कमी हुई तो कर्मचारियों ने पंप बंद करने का टाइम बताकर वितरण बंद कर दिया। बृहस्पतिवार को बकरीद की छुट्टी के कारण आपूर्ति नहीं हुई तो समस्या और गहरा गई।
अंदावा स्थित गुलाब सिंह एंड संस के संचालक राजेंद्र खरे ने बताया कि लगातार घटते स्टॉक और अनियमित सप्लाई के चलते लोगों में चिंता है। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में जंग शुरू होने से पहले उनके यहां स्टॉक 60 हजार लीटर रहता था लेकिन जंग के बाद किल्लत बढ़ी तो अब एडवांस में पैसा देने पर रोजाना दस-दस हजार लीटर ही डीजल और पेट्रोल कंपनी डिलीवरी कर रही है।
हालांकि, अन्य पेट्रोल पंप के संचालकों का कहना है कि फिलहाल क्षेत्र में आपूर्ति पूरी तरह बाधित नहीं हुई है लेकिन पंपों पर ईंधन का स्टॉक सीमित समय के लिए ही बच रहा है। नगर और ग्रामीण इलाकों के पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों को पेट्रोल एवं डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है लेकिन पंप संचालक दबी जुबान में पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिलने की बात कह रहे हैं। वहीं, वाहन चालकों में भी भविष्य को लेकर आशंका बनी हुई है, जिसके चलते लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवाने के लिए पंपों पर पहुंच रहे हैं।