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प्रयागराज: कारोबारी के बेटे की मौत पर मचा रहा कोहराम, रोते-रोते बेसुध होती रहीं मां

Tue, 19 Feb 2019 12:29 PM IST
shubham न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: shubham Updated Tue, 19 Feb 2019 12:29 PM IST
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Kumbh 2019: Missing cry at the death of businessman son

मेला क्षेत्र में हुए हादसे में कारोबारी के बेटे की मौत के बाद उनके घर में कोहराम मचा रहा। उधर, मोहल्ले में भी मातम पसरा रहा। कारोबारी की पत्नी तो बार-बार बेटे को याद कर बेसुध हो जा रही थी। उनकी हालत देखकर मोहल्ले के लोगों की भी आंखें भर आईं। घरवालों को आधी रात हादसे की खबर मिली तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आननफानन में सभी लोग घटनास्थल पर पहुंचे।

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उधर मेला क्षेत्र में मौजूद घर के अन्य लोग भी पहुंच गए। प्रांजल के मिलने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि अभ्युदय भी सुकशल बाहर निकाल लिया जाएगा। हालांकि उसकी तलाश में बीत रहा हर पल उनकी धड़कनें तेज करता रहा। चार बजे के करीब जब अभ्युदय को पीपा पुल 14 के पास खोज निकाला गया तो उसकी हालत बेहद गंभीर थी। परिजन उसे लेकर फौरन अस्पताल की ओर भागे लेकिन डॉक्टरों के जवाब देने के बाद उनमें कोहराम मच गया। पिता व अन्य परिजन फूट-फूटकर रोने लगे।
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पुलिस का कहना है कि परिजन पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे, ऐसे में पंचायतनामे के बाद शव उन्हें सौंप दिया गया। शव लेकर परिजन घर पहुंचे तो वहां कोहराम मच गया। मां, दादी समेत अन्य लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। मां की हालत तो यह थी कि रोते-रोते वह बेसुध हुई जा रही थीं। आस-पड़ोस की महिलाएं उन्हें संभालने की कोशिश करती लेकिन, उनकी हालत देख उनकी भी आंखें भर आतीं।
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पिता की भी आंखों से आंसू बहते रहे। हादसे की खबर पर रिश्तेदारों के साथ बड़ी संख्या में आसपास के लोग भी जमा हो गए थे। दोपहर दो बजे के करीब शव लेकर परिजन रसूलाबाद घाट के लिए रवाना हो गए।

पुणे से पहुंचा भाई

Kumbh 2019: Missing cry at the death of businessman son

जिस वक्त यह हादसा हुआ, मृतक छात्र का बड़ा भाई वैभव मिश्रा पुणे में था। वह वहीं रहकर पढ़ाई कर रहा है। भाई की मौत की खबर मिलते ही वह स्तब्ध रह गया। फ्लाइट से शाम करीब 4.30 बजे शहर पहुंचने के बाद उसे रसूलाबाद घाट ले जाया गया। भाई का शव देखते ही वह बिलख पड़ा। परिजनों ने किसी तरह उसे संभाला और फिर उसने ही शव को मुखाग्नि दी।

कैसे हुआ हादसा, नहीं मिल पाई जानकारी
पुलिस का कहना है कि जब तक दुर्घटनाग्रस्त कार नदी से बाहर नहीं निकाली जाती, यह पता लगाना बहुत कठिन है कि हादसे की वजह क्या रही। 15 नंबर पीपा पुल के पास सीसीटीवी कैमरा भी लगा हुआ है। हालांकि इसकी फुटेज देखने से भी वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। दरअसल यहां एक मूविंग कैमरा लगा है, जो नियमित अंतराल पर चारों ओर घूमता रहता है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जिस वक्त कार नदी मेें गिरी, कैमरे का लेंस पीछे की ओर था। यही वजह है कि फुटेज में गाड़ी नदी में गिरते हुए नहीं दिख रही है।

 

जवानों की मुस्तैदी से बची एक की जान

Kumbh 2019: Missing cry at the death of businessman son

हादसे के बाद एनडीआरएफ के जवानों की मुस्तैदी ही थी कि एक युवक की जान बचाई जा सकी। सूचना मिलने के तुरंत बाद ही डिप्टी कमांडेंट पीएल शर्मा के नेतृत्व में इंस्पेक्टर सचिन नलवाडे 15 जवानों की टीम लेकर मौके पर पहुंचे और डूबे युवकों को बाहर निकालने के लिए नदी में उतर गए।

रात का वक्त और पानी का बहाव बहुत तेज होने के चलते उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा इसके बावजूद जवानों ने प्रशांत को बाहर निकाल लिया। बदकिस्मती से तेज बहाव की चपेट में आकर अभ्युदय बहते हुए 14 नंबर पीपा पुल के पास पहुंच गया। जब तक उसे बाहर निकाला जाता, बहुत देर हो चुकी थी।

कुंभ मेला से जुड़े अफसर भले ही कुंभ की दिव्यता व भव्यता के दावे करते न थक रहे हों लेकिन, हादसे के बाद उपजे हालात कुछ और ही कहानी कहते हैं। हाल यह है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी मेला प्रशासन इस स्थिति मेें नहीं है कि दुर्घटना की स्थिति में नदी में गिरे वाहन को बाहर निकाला जा सके। रविवार रात नदी में गिरी एसयूवी को दिन भर की मशक्कत के बाद भी बाहर नहीं निकाला जा सका। इससे पहले 26 दिसंबर की रात हुए हादसे में पीपा पुल 12 से नदी में गिरे ट्रक को करीब दो महीने बाद भी बाहर नहीं निकाला जा सका है। इस हादसे में खलासी फरियाद(18) निवासी मुजफ्फरपुर की मौत भी हो गई थी।

अब तक नहीं निकाला जा सका गंगा में गिरा ट्रक

कुंभ मेला से जुड़े अफसर भले ही कुंभ की दिव्यता व भव्यता के दावे करते न थक रहे हों लेकिन, हादसे के बाद उपजे हालात कुछ और ही कहानी कहते हैं। हाल यह है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी मेला प्रशासन इस स्थिति मेें नहीं है कि दुर्घटना की स्थिति में नदी में गिरे वाहन को बाहर निकाला जा सके।

रविवार रात नदी में गिरी एसयूवी को दिन भर की मशक्कत के बाद भी बाहर नहीं निकाला जा सका। इससे पहले 26 दिसंबर की रात हुए हादसे में पीपा पुल 12 से नदी में गिरे ट्रक को करीब दो महीने बाद भी बाहर नहीं निकाला जा सका है। इस हादसे में खलासी फरियाद(18) निवासी मुजफ्फरपुर की मौत भी हो गई थी।

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