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Prayagraj crime Network: जंक्शन पर मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 33 बच्चों का मामा गिरफ्तार

Fri, 25 Jun 2021 10:41 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 25 Jun 2021 10:41 PM IST
सार

  • छुड़ाए गए सभी 33 बच्चे, बिहार से ले जाए जा रहे थे दिल्ली व पंजाब, आठ गिरफ्तार

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Prayagraj crime network: Human trafficking gang busted at the junction, 33 children rescued
eight member of human traffiking gang arrested by police - फोटो : istock

विस्तार

जंक्शन पर बाल श्रम व अन्य मकसद से मानव तस्करी में लिप्त गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के बचपन बचाओ आंदोलन एनजीओ की सूचना पर जीआरपी ने आठ लोगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 33 बच्चों को मुक्त कराया। बिहार निवासी बच्चों को दिल्ली व पंजाब ले जाया जा रहा था। बच्चों को चाइल्ड लाइन को सौंप कर पुलिस देर रात तक आरोपियों से पूछताछ में जुटी थी। 
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बचपन बचाओ आंदोलन, दिल्ली के स्टेट कोऑर्डिनेटर सूर्य प्रताप मिश्रा ने बच्चों की तस्करी की सूचना राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को दी थी। जिसके बाद चेयरमैन डॉ. विशेष गुप्ता की ओर से एसएसपी को जानकारी देकर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया। जानकारी पर शुक्रवार दोपहर 12.30 बजे के करीब जंक्शन पहुंची नॉर्थ ईस्ट एक्सपे्रस की घेराबंदी कर जीआरपी ने चेकिंग श्ुारू की। इस दौरान अलग-अलग नौ लोगों के साथ कुल 33 बच्चे मिले।

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पूछताछ में पत चला कि वह बच्चों को बिहार से पंजाब व दिल्ली ले जा रहे थे। संतोषजनक जवाब न मिलने पर सभी को जीआरपी थाने लाया गया। जांच पड़ताल में सामने आया कि पकड़े गए जुबैर मुक्त कराए गए बच्चों में से दो का अभिभावक है लेकिन शेष आठ लोगों का अन्य बच्चों से कोई रिश्ता नहीं है। जीआरपी ने बताया कि मौके से नौ लोग पकड़े गए थे। जिनमें से एक व्यक्ति अपने बच्चों के साथ जा रहा था। शेष आठ लोगों में मो. हाशिम, शाहिद आलम, नोमान, अब्दुल सलाम, मुशाबिर, शाह आलम, शमशुल हक, हाफिज जावेद शामिल हैं। इन्हेें गिरफ्तार कर लिया गया है। 
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बयान के बाद बालगृह भेजे गए बच्चे

मुक्त कराए गए बच्चों को मामले की जानकारी पर पहुंची चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया। जहां से उन्हें बाल कल्याण समिति के मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। बयान दर्ज करने के बाद 10 साल से कम आयु के बच्चों को राजकीय बाल गृह खुल्दाबाद और इससे ज्यादा आयु वाले बच्चों को राजकीय बाल गृह राजरूपपुर भेज दिया गया। 

 

मदरसे ले जाने की कहते रहे बात

पुलिस ने जब बच्चों के साथ पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की तो उनका कहना था कि वह बच्चों को पढ़ाई के लिए दिल्ली के तुगलकाबाद स्थित मदरसे में ले जा रहे थे। जिसकी मंजूरी उन्होंने बच्चों के मां-बाप से ली है। लेकिन जब उनसे यह पूछा गया कि कोविड संकट के दौरान क्या मदरसों में पढ़ाई हो रही है तो वह कोई जवाब नहीं दे सके। इसके अलावा मदरसे के प्रबंधक से बात कराने को कहने पर भी वह निरुत्तर हो गए। आशंका जताई जा रही है कि बाल श्रम व अन्य मकसदों के लिए ही तस्करी कर बच्चे ले जाए जा रहे थे। 

तस्करों ने दी थी ट्रेनिंग, बच्चे बताते रहे ‘मामा’

तस्करी कर ले जाए जाने से पहले आरोपियों की ओर से बच्चों को ट्रेनिंग भी दी गई थी। इस बात का खुलासा तब  हुआ जब बाल कल्याण समिति के न्यायिक मजिस्ट्रेट की ओर से उनका बयान दर्ज किया जा रहा था। दरअसल पूछने पर बच्चों का यही कहना था कि उन्हें पढ़ाई के लिए दिल्ली के तुगलकाबाद ले जाया जा रहा है। अफसर तब चौंके जब पकड़े गए सभी लोगों को ज्यादातर बच्चे अपना मामा बताने लगे।

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