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बेरहमी से पीटे गए युवक की इलाज के दौरान मौत

Wed, 25 Sep 2019 01:09 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 25 Sep 2019 01:09 AM IST
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Prayagraj Crime
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टूट गई थी गर्दन की हड्डी, अन्य चोटें भी आईं थी शरीर पर
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सिविल लाइंस में हुई थी घटना, पुलिस ने दर्ज की थी एनसीआर
प्रयागराज। सिविल लाइंस में तीन दिन पहले सरेआम बेरहमी से पीटे गए युवक की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। लोहे की रॉड व डंडों से हुई पिटाई में उसके गर्दन की हड्डी टूट गई थी और शरीर में अन्य कई गंभीर चोटें आई थीं। युवक की मौत से उसके घर में कोहराम है।
नगर निगम में सफाईकर्मी के पद पर तैनात मस्ताना बाबू सिविल लाइंस में लोहिया मार्ग पर हर्ष होटल के सामने रहता है। उसका बेटा मुन्ना बाबू ई रिक्शा चलाता था। मस्ताना ने बताया कि 20 सितंबर को रात आठ बजे पत्थर गिरजाघर के पास रहने वाले कुछ लोगों से मुन्ना का विवाद हो गया। जिसके बाद वहां रहने वाले पिंटू व उसके अज्ञात साथियों ने उसे घेरकर सरेआम लाठी-डंडों व लोहे की रॉड से पीटना शुरू कर दिया। बेतहाशा पिटाई से वह अधमरा होकर होकर सड़क पर गिर गया जिसके बाद हमलावर भाग निकले। शोरगुल सुनकर जुटे परिजन पहुंचे तो उसकी हालत देख स्तब्ध रह गए। सूचना पर 100 नंबर की पुलिस पहुंची और फिर घायल को एसआरएन ले जाया गया। वहां हालत गंभीर देख उसे रेफर कर दिया गया जिस पर परिजन उसे लेकर पीजीआई पहुंचे। लेकिन वहां जगह न होने का हवाला देकर उसे बेली अस्पताल भेज दिया गया। परिजन उसे बेली लेकर पहुंचे तो हालत गंभीर देख वहां के उॉक्टरों ने भी एसआरएन रेफर कर दिया। पिता ने बताया कि इसके बाद उसने घायल बेटे को लाउदर रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां मंगलवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पिता ने बताया कि बेरहमी से पीटे जाने के कारण मुन्ना के गर्दन की हड्डी टूट गई थी और उसकी रीढ़ की हड्डी में भी चोट आई थी। जिसकी जानकारी इलाज करने वाले डॉक्टरों ने दी। उसने थाने पहुंचकर बेटे की मौत की सूचना दी तो पुलिस पहुंची और जांच पड़ताल के बाद लौट गई। देर रात तक शव पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा जा सका था। युवक की मौत पर उसकी पत्नी माया देवी व तीन बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था।
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लापरवाही आई सामने
इस मामले में सिविल लाइंस पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। पिता का आरोप है कि उसने नामजद तहरीर दी। इसके बावजूद उचित धाराअेां में रिपोर्ट न दर्ज कर पुलिस ने एनसीआर लिखकर उन्हें चलता कर दिया। एनसीआर भी दो दिन बाद दर्ज की गई। मामले में सिविल लाइंस इंस्पेक्टर का कहना है कि पिता ने जो तहरीर दी थी उसके आधार पर एनसीआर दर्ज की गई। जांच की जा रही है।
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कहां थी पुलिस?
घटना पुलिस अफसरों के दावों की पोल भी खोलती है। सिविल लाइंस में सरेआम युवक को बेरहमी से पीटा गया लेकिन इसकी भनक पुलिस को नहीं लगी। रात आठ बजे यानी जिस वक्त की यह घटना बताई जा रही है, उस वक्त तक सिविल लाइंस में खासा चहल पहल रहती है। इसके बावजूद युवक को पीटकर अधमरा करने के बाद हमलावर आसानी से निकल भागे। जिससे सिविल लाइंस पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है।
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