{"_id":"61fd6fee7a08f66d8a27d802","slug":"prayagraj-controversy-arose-over-the-statements-of-dharma-sansad-online-fir","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रयागराज : धर्म संसद के बयानों पर उठा विवाद, ऑनलाइन एफआईआर, आयोजक ने कहा- आरोप निराधार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रयागराज : धर्म संसद के बयानों पर उठा विवाद, ऑनलाइन एफआईआर, आयोजक ने कहा- आरोप निराधार
Sat, 05 Feb 2022 12:35 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 05 Feb 2022 12:35 AM IST
सार
कब्रिस्तान कमेटी के संयोजक जावेद मोहम्मद ने दावा किया कि तहरीर पर कोई निर्णय न लिए जाने पर उक्त संतों के विरुद्ध दारागंज थाने में ऑनलाइन प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
विज्ञापन
Prayagraj News : माघ मेले में आयोजित सम्मेलन में मौजूद संत।
- फोटो : प्रयागराज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
माघ मेले की धर्म संसद को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। इसमें मौजूद प्रवचनकर्ताओं शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती, महामंडलेश्वर प्रबोधानंद महाराज, यतींद्रनाथ गिरि, स्वामी आनंद स्वरूप, स्वामी राम लखन दास और साध्वी पूजा पर भावनाएं भड़काने, विद्वेष फैलाने और संविधान को अमर्यादित करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी गई है।
विज्ञापन
कब्रिस्तान कमेटी के संयोजक जावेद मोहम्मद ने दावा किया कि तहरीर पर कोई निर्णय न लिए जाने पर उक्त संतों के विरुद्ध दारागंज थाने में ऑनलाइन प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। आरोप है कि महावीर मार्ग स्थित ब्रह्मर्षि आश्रम ट्रस्ट में 29 जनवरी को हुई धर्म संसद में संयोजक स्वामी आनंद स्वरूप की ओर से ‘इस्लामिक जिहाद के खिलाफ और हिंदू राष्ट्र के निर्माण के लिए’ जैसी होर्डिंग के साथ ही स्वामी राम लखन दास की ओर से देवबंद और बरेली शरीफ के मदरसों को तत्काल बंद करने और प्रस्ताव पास कर भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित किए जाने की भी मांग की गई। ऐसे में धर्म संसद की कार्रवाई संविधान के मूल्यों, समरसता, धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ तथा वैमनस्यता फैलाने वाला है।
विज्ञापन
‘अमर उजाला’ से बातचीत में धर्म संसद के संयोजक स्वामी आनंद स्वरूप ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दो टूक कहा कि संत सम्मेलन में कोई भड़काऊ भाषण नहीं दिया गया। संतों ने सांविधानिक रूप से भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने का संकल्प लिया। उन जिहादियों के खिलाफ बात कही गई है जो आईडी देखकर गोली मार देते हैं। भारत हिंदू राष्ट्र हो जाएगा तो गैर हिंदू भी सुरक्षित रह सकेंगे, केवल मतदान का अधिकार नहीं होगा। धर्म संसद प्राचीन काल से होती रही है और आगे भी होती रहेगी।
विज्ञापन