प्रयागराज शहर पश्चिमी : अतीक का गढ़ में इस मुद्दे पर बंटे दिखे मतदाता, कम अंतर से होगी जीत हार
शहर पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम, दलित व पिछड़ा वर्ग निर्णायक माने जाते हैं। ज्यादातर केंद्रों पर वोटर धर्म-जाति के मुद्दे पर बंटे नजर आए। इसके साथ ही अलग-अलग मुद्दों पर वोट करने वालों की भी कमी नहीं रही।
विस्तार
शहर पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र में मतदाता इस बार धर्म-जाति के मुद्दे पर बंटे नजर आए। इसके साथ ही अलग अलग मुद्दे भी हावी रहे। धूमनगंज, करेली, पूरामुफ्ती, शाहगंज आदि इलाकों में मतदाताओं में भारी उत्साह देखने को मिला।
लेकिन सबसे खास बात यह रही कि इनमें बड़ी संख्या मुस्लिम महिलाओं की रही। यहां ज्यादातर केंद्रों पर दो प्रत्याशियों में ही सीधी टक्कर देखने को मिली। मुकाबला कांटे का माना जा रहा है और यह भी माना जा रहा है कि हार-जीत का अंतर बहुत बड़ा नहीं होने जा रहा।
शहर पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम, दलित व पिछड़ा वर्ग निर्णायक माने जाते हैं। ज्यादातर केंद्रों पर वोटर धर्म-जाति के मुद्दे पर बंटे नजर आए। इसके साथ ही अलग-अलग मुद्दों पर वोट करने वालों की भी कमी नहीं रही।
नफरत की राजनीति के विरोध में डाले वोट
धूमनगंज के पुलिस मॉडर्न स्कूल टीपी नगर केंद्र पर वोट डालकर बाहर निकले धूमनगंज के मकसूद अहमद ने बताया कि उन्होंने व उनके परिवार ने नफरत की राजनीति खत्म करने के लिए वोटिंग की है। इसी केंद्र के बाहर मिलीं न्यू कैंट विद्यालय की शिक्षिका चित्रांगदा ने बताया कि उन्होंने कानून व्यवस्था के मुद्दे पर वोट डाला है।
उधर, हरवारा परिषदीय विद्यालय केंद्र पर वोट डालने जा रहीं हरवारा निवासी शकीला बानो ने कहा कि इस बार वह संविधान व देश बचाने के मुद्दे पर मतदान करेंगी। धूमनगंज के ही मदर्स प्राइड केंद्र पर बहन व पति सुबोध आर्या के साथ वोट डालकर निकलीं नीता आर्या ने बताया कि आतंकवाद व कानून व्यवस्था बेहतर करने वाली सरकार ही चुनी जानी चाहिए।
उधर, धूमनगंज के महिला ग्राम इंटर कॉलेज केंद्र पर वोट डालकर निकलीं शिक्षिका भारती शर्मा ने बताया कि पुरानी पेंशन का मुद्दा इस बार कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ा मुद्दा है और न सिर्फ उन्होंने बल्कि उनके कई साथी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने इस बार इसी मुद्दे पर वोटिंग की है।
लगभग चार फीसदी ज्यादा मतदान
अंतिम आंकड़ों के हिसाब से देखा जाए तो 2017 के मुकाबले इस बार शहर पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र में लगभग चार फीसदी ज्यादा मतदान हुआ। पिछले चुनाव में यहां का कुल मतदान प्रतिशत 47.44 था और इस बार रविवार शाम को मतदान समाप्ति के बाद जारी आंकड़ों के मुताबिक 51.20 फीसदी वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
जानकारों का कहना है कि मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी के कई कारक होते हैं। इनमें से एक यह भी है कि वोटर सरकार के कामकाज को लेकर संतुष्ट हैं। लेकिन मतदाता जागरुकता समेत इसके अलावा भी कई कारक होते हैं जो वोटिंग प्रतिशत को प्रभावित करते हैं। ऐसे में महज मतदान प्रतिशत के आधार पर हार-जीत को लेकर कुछ स्पष्ट कह पाना मुश्किल है।
कब कितना मतदान
9 बजे- 5.50 फीसदी
11 बजे- 19.19 फीसदी
1 बजे- 27.0 फीसदी
3 बजे- 36.40 फीसदी
5 बजे- 45.40 फीसदी
मतदान समाप्ति के बाद- 51.20 फीसदी