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प्रयागराजः कोविड अस्पताल में भोजन-पानी के लिए हंगामा करने पर मरीज के खिलाफ केस
Mon, 15 Jun 2020 01:19 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 15 Jun 2020 01:19 AM IST
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एफआईआर की प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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कोरांव के एक मरीज को कोटवां-बनी अस्पताल में भोजन-पानी के लिए हंगामा करना भारी पड़ गया। रविवार को उसके खिलाफ मरीजों को भड़काने, उसका वीडियो वायरल कर स्वास्थ्य विभाग एवं प्रदेश सरकार की छवि धूमल करने के आरोप लगाकर सरायनाइत थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसके साथ ही उस पर हरियाणा से यहां आने और संक्रमण फैलाने का भी आरोप लगाया गया है।
कोरांव का रहने वाला चंद्रमा प्रसाद मिश्रा (30 वर्ष) न्यू भरत कॉलोनी फरीदाबाद हरियाणा में रहकर प्राइवेट नौकरी करता है। आरोप है कि 31 मई को उसकी फरीदाबाद में हुई जांच में वह कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। दो जून को वह प्राइवेट वाहन से हरियाणा से यहां चला आया और तीन जून की शाम को कोविड-एल-1 हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
13 जून उसकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उसकी छुट्टी कर दी गई। आरोप है कि चंद्रमा प्रसाद जब हरियाणा में हुई जांच में पॉजिटिव आया तो उसे फरीदाबाद में ही इंस्टीट्यूशंस क्वारंटीन होकर उपचार कराना चाहिए था। लेकिन वह वहां से भाग आया, जिससे हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश के लोगों में कोरोना संक्रमण का खतरा उत्पन्न हो हुआ।
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इसके अलावा अस्पताल में पॉजिटिव मरीजों को भड़काने और उसका वीडिया वायरल कर स्वास्थ्य विभाग एवं प्रदेश सरकार की छवि धूमल करने का आरोप लगाया गया है। मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटवा-बनी के अधीक्षक की ओर से सरायनाइत थाने में चंद्रमा प्रसाद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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कोरांव का रहने वाला चंद्रमा प्रसाद मिश्रा (30 वर्ष) न्यू भरत कॉलोनी फरीदाबाद हरियाणा में रहकर प्राइवेट नौकरी करता है। आरोप है कि 31 मई को उसकी फरीदाबाद में हुई जांच में वह कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। दो जून को वह प्राइवेट वाहन से हरियाणा से यहां चला आया और तीन जून की शाम को कोविड-एल-1 हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
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13 जून उसकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उसकी छुट्टी कर दी गई। आरोप है कि चंद्रमा प्रसाद जब हरियाणा में हुई जांच में पॉजिटिव आया तो उसे फरीदाबाद में ही इंस्टीट्यूशंस क्वारंटीन होकर उपचार कराना चाहिए था। लेकिन वह वहां से भाग आया, जिससे हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश के लोगों में कोरोना संक्रमण का खतरा उत्पन्न हो हुआ।
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इसके अलावा अस्पताल में पॉजिटिव मरीजों को भड़काने और उसका वीडिया वायरल कर स्वास्थ्य विभाग एवं प्रदेश सरकार की छवि धूमल करने का आरोप लगाया गया है। मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटवा-बनी के अधीक्षक की ओर से सरायनाइत थाने में चंद्रमा प्रसाद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।