{"_id":"5cfc0f36bdec22078d331014","slug":"prayagraj-busted-factory-of-fake-liquor-making","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रयागराजः नकली शराब बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रयागराजः नकली शराब बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़
Sun, 09 Jun 2019 01:10 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 09 Jun 2019 01:10 AM IST
विज्ञापन
allahabad me nakali sharab
- फोटो : प्रयागराज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाराबंकी में जहरीली शराब से मौत की घटना के बाद जगह-जगह चल रही छापेमारी के बीच शनिवार को आबकारी विभाग को बड़ी कामयाबी हार्थ आई। सराय ममरेज के चकहौंदा गांव में आबकारी टीम ने छापेमारी करते हुए नकली शराब बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। यहां से नकली शराब की 1200 से अधिक बोतलों समेत बोतल सील करने की मशीन और नकली क्यूआर कोड भी बरामद किए। इधर, छापेमारी के बीच संचालक मौके से फरार हो गया। पकड़ी गई शराब की कीमत बाजार के लिहाज से करीब तीन लाख रुपये आंकी गई है।
हण्डिया सर्किल के अंतर्गत सराय ममरेज में काफी समय से शिकायत मिल रही थी। पड़ताल के दौरान चकहौंदा गांव में नकली शराब बनाए जाने की सूचना मिली। डीओ संदीप बिहारी मोडवेल ने आबकारी निरीक्षक इंद्रजीत गर्ग, सुभाष चंद्र, कौशलेंद्र प्रताप की अगुवाई में एक टीम गठित की। टीम ने तड़के करीब पौने चार बजे चकहौंदा निवासी वीरेंद्र पटेल के अहाते में छापा मारा। टीम के पहुंचते ही वहां हड़कंप मच गया। तलाशी लेने पर वहां 35 पेटी एक ब्रांडेड व्हिस्की बरामद हुई। इसके जरिए मिलावट करके नकली शराब बनाई जा रही थी। मौके से एक अन्य व्हिस्की ब्रांड का रैपर लगी 25 पेटियों में रखी बोतलें भी मिलीं। साथ ही 1200 पौवे, एक बड़ा नकली क्यूआर कोड रोल, दो सील करने की मशीन, 300 ढक्कन, छह हजार क्यूआर कोड एवं एक वाहन बरामद हुआ।
आबकारी अधिकारियों के मुताबिक आरोपी मध्य प्रदेश एवं पंजाब से सस्ती शराब लाकर मिलावट के बाद बाजार में बेची जाती थी। अहाते में बॉटलिंग की पूरी व्यवस्था थी। बोतल के ढक्कन के साथ उसे सील करने की मशीन लगी थी। आबकारी टीम ने सभी वस्तुएं बरामद करके स्थानीय पुलिस को सौंप दीं। जिला आबकारी अधिकारी संदीप बिहारी मोडवेल के मुताबिक चकहौंदा निवासी वीरेंद्र पटेल एवं धीरेंद्र पटेल पुत्र गया प्रसाद पटेल मौके से फरार हो गए। उनके बारे में पुलिस को सूचना दी गई है। पुलिस भी उनकी तलाश रही है।
विज्ञापन
नकली शराब की रोकथाम के लिए जिस क्यूआर कोड की व्यवस्था लागू की गई, उसे भी सिंडीकेट ने तोड़ दिया। छापेमारी के दौरान वहां बड़ी संख्या में मौजूद फर्जी क्यूआर कोड देखकर आबकारी टीम भी हैरान रह गई। बदमाशों ने कंप्यूटर से स्कैन करके हूबहू क्यूआर कोड बना लिए थे। यह क्यूआर कोड इतनी सफाई से तैयार किए गए थे कि इनको देखकर किसी को इनके नकली होने का शक नहीं हो सकता।
प्रयागराज। ऐसी ही फैक्ट्रियों से बनी नकली शराब पीकर लोग काल के गाल में समाते हैं। नकली शराब बनाने वाले मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब से शराब ले आते हैं। यहां उसमें मिलावट करके उसकी तादात बढ़ाते हैं। मध्य प्रदेश में 25 रुपये में बिकने वाला क्वार्टर यहां 65 रुपये तक में बिकता है। एक बोतल में 40 रुपये का मुनाफा होता है। कई बार इसी चक्कर में शराब जहरीली बन जाती है। नकली शराब बनाने वालों की पहुंच सरकारी ठेकों तक है। हाल में हुई दो घटनाएं सरकारी ठेके से शराब पीने के बाद ही हुई।
पकड़ी गई नकली शराब की बाजार में कीमत करीब तीन लाख रुपये है। फरार आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत आबकारी अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
संदीप बिहारी मोडवेल, जिला आबकारी अधिकारी, प्रयागराज
विज्ञापन
हण्डिया सर्किल के अंतर्गत सराय ममरेज में काफी समय से शिकायत मिल रही थी। पड़ताल के दौरान चकहौंदा गांव में नकली शराब बनाए जाने की सूचना मिली। डीओ संदीप बिहारी मोडवेल ने आबकारी निरीक्षक इंद्रजीत गर्ग, सुभाष चंद्र, कौशलेंद्र प्रताप की अगुवाई में एक टीम गठित की। टीम ने तड़के करीब पौने चार बजे चकहौंदा निवासी वीरेंद्र पटेल के अहाते में छापा मारा। टीम के पहुंचते ही वहां हड़कंप मच गया। तलाशी लेने पर वहां 35 पेटी एक ब्रांडेड व्हिस्की बरामद हुई। इसके जरिए मिलावट करके नकली शराब बनाई जा रही थी। मौके से एक अन्य व्हिस्की ब्रांड का रैपर लगी 25 पेटियों में रखी बोतलें भी मिलीं। साथ ही 1200 पौवे, एक बड़ा नकली क्यूआर कोड रोल, दो सील करने की मशीन, 300 ढक्कन, छह हजार क्यूआर कोड एवं एक वाहन बरामद हुआ।
विज्ञापन
आबकारी अधिकारियों के मुताबिक आरोपी मध्य प्रदेश एवं पंजाब से सस्ती शराब लाकर मिलावट के बाद बाजार में बेची जाती थी। अहाते में बॉटलिंग की पूरी व्यवस्था थी। बोतल के ढक्कन के साथ उसे सील करने की मशीन लगी थी। आबकारी टीम ने सभी वस्तुएं बरामद करके स्थानीय पुलिस को सौंप दीं। जिला आबकारी अधिकारी संदीप बिहारी मोडवेल के मुताबिक चकहौंदा निवासी वीरेंद्र पटेल एवं धीरेंद्र पटेल पुत्र गया प्रसाद पटेल मौके से फरार हो गए। उनके बारे में पुलिस को सूचना दी गई है। पुलिस भी उनकी तलाश रही है।
विज्ञापन
नकली शराब की रोकथाम के लिए जिस क्यूआर कोड की व्यवस्था लागू की गई, उसे भी सिंडीकेट ने तोड़ दिया। छापेमारी के दौरान वहां बड़ी संख्या में मौजूद फर्जी क्यूआर कोड देखकर आबकारी टीम भी हैरान रह गई। बदमाशों ने कंप्यूटर से स्कैन करके हूबहू क्यूआर कोड बना लिए थे। यह क्यूआर कोड इतनी सफाई से तैयार किए गए थे कि इनको देखकर किसी को इनके नकली होने का शक नहीं हो सकता।
प्रयागराज। ऐसी ही फैक्ट्रियों से बनी नकली शराब पीकर लोग काल के गाल में समाते हैं। नकली शराब बनाने वाले मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब से शराब ले आते हैं। यहां उसमें मिलावट करके उसकी तादात बढ़ाते हैं। मध्य प्रदेश में 25 रुपये में बिकने वाला क्वार्टर यहां 65 रुपये तक में बिकता है। एक बोतल में 40 रुपये का मुनाफा होता है। कई बार इसी चक्कर में शराब जहरीली बन जाती है। नकली शराब बनाने वालों की पहुंच सरकारी ठेकों तक है। हाल में हुई दो घटनाएं सरकारी ठेके से शराब पीने के बाद ही हुई।
पकड़ी गई नकली शराब की बाजार में कीमत करीब तीन लाख रुपये है। फरार आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत आबकारी अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
संदीप बिहारी मोडवेल, जिला आबकारी अधिकारी, प्रयागराज