बाघम्बरी गद्दी जाकर अखिलेश ने नरेंद्र गिरि का लिया आशीर्वाद, कहा-मौका मिला तो कराएंगे और बेहतर कुंभ
इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ कार्यक्रम में शामिल होने से रोके जाने तथा आंदोलनरत कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज की घटना के बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शनिवार को शहर आए। वह हर उस जगह गए जो उस दिन और घटना से संबंधित है। साथ ही बाघंबरी गद्दी आश्रम पहुंचकर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि का भी आशीर्वाद लिया और भोजन किया। उनकी इस मुलाकात को संतों की सियासत से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री को 12 फरवरी को छात्रसंघ के कार्यक्रम के अलावा महंत नरेंद्र गिरि से भी मिलना था, लेकिन लखनऊ में ही रोक लिया गया था। उन दिनों अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर संतों के बीच परस्पर विरोधभासी बयान आ रहे थे। विश्व हिंदू परिषद के धर्म संसद में पारित प्रस्ताव से इतर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने अलग से शिलान्यास की घोषणा कर दी थी। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि और महामंत्री हरि गिरि ने भी एक अलग आंदोलन की घोषणा की थी। ऐसे में अखिलेश यादव की महंत नरेंद्र गिरि से मुलाकात नहीं हो पाने पर भी सपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। अखिलेश यादव ने बाघंबरी गद्दी पहुंचकर संतों की इस सियासत को भी साधने की कोशिश की।
एक सवाल के जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि मौका मिला तो और बेहतर कुंभ कराएंगे। अखिलेश का कहना था कि वह हर कुंभ में संतों और महंत नरेंद्र गिरि का आशीर्वाद लेने आते हैं, लेकिन उन्हें संतों के आशीर्वाद से भी रोका गया था। पूर्व मुख्यमंत्री ने रविवार को संगम स्नान के लिए आ रहे प्रधानमंत्री के दौरे पर कटाक्ष किया। उनका कहना था कि अब तो संत जा चुके हैं। फिर प्रधानमंत्री किसका आशीर्वाद लेने आ रहे हैं। इससे पहले अखिलेश यादव जार्जटाउन स्थित आवास पर सांसद नागेंद्र सिंह पटेल से मिले और पार्टी टिकट के लिए आश्वस्त लिया। उन्होंने नागेंद्र से लोकसभा चुनाव की तैयारी करने के लिए कहा।
इस दौरान नागेंद्र के परिवार वालों के अलावा गोरखपुर के सपा सांसद प्रवीण निषाद, प्रशांत सिंह, रामवृक्ष यादव, पंधारी यादव, बसपा के मंडल कोऑर्डिनेटर अशोक सिद्धार्थ, जिलाध्यक्ष आरके गौतम, ज्ञान सिंह पटेल, सईद चौधरी आदि मौजूद रहे। इसके बाद वह तेलियरगंज स्थित विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह के घर गए और लाठीचार्ज के घायलों से मुलाकात की। वहां वरिष्ठ नेता विनोद चंद्र दुबे, केके राय आदि भी मौजूद रहे। अखिलेश प्रीतम नगर स्थित मयंक यादव के आवास पर भी गए। वह मयंक की शादी में शामिल नहीं हो पाए थे। पूर्व मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में भी राघवेंद्र यादव, अजीत यादव विधायक आदि घायलों से मुलाकात की। सर्किट हाउस में बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रजनीकांत की मां को पांच लाख देने की मांग
छात्रावास न मिलने से हताश इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र रजनीकांत ने आत्महत्या कर ली थी। छात्रनेता अजीत यादव विधायक, परमिल आदि के साथ रजनीकांत की मां चंदा देवी ने सर्किट हाउस में अखिलेश यादव से मुलाकात की और मदद की गुहार लगाई। अखिलेश ने चंदा देवी की हर स्तर पर मदद का आश्वासन दिया। साथ ही पांच लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने यह मुद्दा विधानसभा में भी उठाने की बात कही। इस बाबत राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखेंगे।