प्रयागराज : संगम में नहाते समय बीए का छात्र डूबा, अस्पताल में मौत पर हंगामा
होली की छुट्टी होने पर शुक्रवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों ने पहले होली खेली, इसके बाद नहाने के लिए संगम गए। वहां देवरिया के सलेमपुर स्थित सोहनाग गांव निवासी इलाहाबाद विश्वविद्यालय के बीए तृतीय वर्ष का 21 वर्षीय छात्र राज सिंह पुत्र रामनिवास गहरे पानी में जाने की वजह से डूबने लगा।
विस्तार
इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर में होली खेलने के बाद संगम नहाने गए छात्रों में से एक की डूबने से मौत हो गई। साथी छात्रों ने डूब रहे युवक को निकालकर स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी मौत हो गई। इसके बाद साथ आए छात्रों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। उनका कहना था कि समय पर सीपीआर मिला होता तो जान बचाई जा सकती थी।
होली की छुट्टी होने पर शुक्रवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों ने पहले होली खेली, इसके बाद नहाने के लिए संगम गए। वहां देवरिया के सलेमपुर स्थित सोहनाग गांव निवासी इलाहाबाद विश्वविद्यालय के बीए तृतीय वर्ष का 21 वर्षीय छात्र राज सिंह पुत्र रामनिवास गहरे पानी में जाने की वजह से डूबने लगा। वह नहाने के दौरान अपने एक साथी के साथ बैरिकेडिंग को पार कर गया। जलधारा तेज होने के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया और वह डूबने लगा।
राज को तैरना नहीं आता था। उसे डूबते देख साथी अंकित और पारंगत ने बचाने की कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। साथी छात्रों के शोर मचाने पर आसपास के नाविक वहां पहुंचे और उसे बाहर निकाला गया। तब तक एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच गई। सभी उसे लेकर निजी वाहन से दोपहर बाद 3:30 बजे एसआरएन पहुंचे। छात्रों ने बताया कि जब राज को अस्पताल लाया गया तब उसकी सांसें चल रही थीं।
छात्रों ने आरोप लगाया कि ट्रामा सेंटर में मौजूद ईएमओ और उनके सहायकों ने सीपीआर देने में देर कर दी। जिसके कारण शाम चार बजे राज की मौत हो गई। थोड़ी ही देर में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एसआरएन परिसर में जमा हो गए। मामला गरम होता देख भारी मात्रा में पुलिस बल एसआरएन पहुंच गया। पुलिस के समझाने के बाद छात्र पंचनामा कराने को तैयार हुए। करीब एक घंटे बाद छात्र के शव को मर्चरी में रखवाया गया। शनिवार को परिजनों की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा।
वर्जन-
अस्पताल लाए जाने से पहले ही छात्र की मौत हो चुकी थी। ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों ने तत्काल उसकी इसीजी कराई और जो जरूरी कदम हो सकते हैं, उठाए गए। लेकिन, सांसे पहले ही थम चुकी थीं। इसके बाद कुछ छात्रों ने चिकित्सकों को लेकर शोर-शराबा मचाना शुरू कर दिया था। बाद में समझा बुझा कर सबको शांत कराया गया। - डॉ. एसपी सिंह, प्राचार्य, मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज।
चार महीने से घर नहीं गया था पढ़ाई में अव्वल राज
दोस्तों संग संगम नहाते समय डूबने वाला छात्र राज पढ़ने में अव्वल था। इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई गृह जनपद देवरिया में करने के बाद प्रयागराज विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा पास कर इसका प्रमाण भी दिया था। पढ़ाई के कारण वह जल्दी घर नहीं जाता था। पिछले चार महीने से वह घर नहीं गया था। परीक्षाएं चल रही थीं, इसलिए वह होली पर भी घर नहीं जाने वाला था।राज शहर के अल्लापुर में किराये का कमरा लेकर रहता था। उसके गांव के पड़ोसी आशुतोष और उनकी पत्नी भी अल्लापुर में ही रहते हैं। यही दोनों उसके स्थानीय अभिभावक थे। राज की मौत की सूचना पर आशुतोष और उनकी पत्नी भी स्वरूपरानी अस्पताल पहुंचे। जहां दोनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। आशुतोष ने बताया कि राज अपने परिवार का बड़ा बेटा था और उसका छोटा भाई इंटरमीडिएट का छात्र है। राज की मां हृदय रोगी हैं, जिसकी वजह से उन्हें बेटे की मौत की सूचना नहीं दी गई।
बीए तृतीय वर्ष का पूरा बैच था संगम पर मौजूद
होली का अवकाश घोषित होने के बाद छात्र-छात्राओं ने पहले कॉलेज में होली खेली थी। इसी दौरान संगम चलने का प्लान बना। पूरे बैच के तकरीबन 42 से अधिक छात्र-छात्राएं संगम पहुंचे थे। पानी में मौज मस्ती के दौरान राज कब बैरीकेटिंग पार गया और डूब गया किसी को पता ही नहीं चला। साथी की मृत्यु हो जाने पर पूरे बैच के छात्र-छात्राएं अस्पताल परिसर में मौजूद रहे।
पुलिस को शंका, घटना की वजह कुछ और तो नहीं ...
मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों के शक की सूई मृतक राज के इर्द-गिर्द मौजूद रहे कुछ छात्र-छात्राओं पर घूम रही है। पुलिस ने शंका जताई कि कहीं किसी कारण से राज की किसी से कोई दुश्मनी तो नहीं थी। पुलिस ने कुछ छात्रों को अलग से बुलाकर पूछताछ भी की। बड़े पैमाने पर छात्र-छात्राओं की संख्या मौके पर होने के बावजूद राज के अकेले डूब जाने की बात पुलिस के गले नहीं उतर रही है।