फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Prayagraj: Allahabad High Court's decision - throwing mud on the character of the husband is cruelty.

इलाहबाद हाईकोर्ट ने कहा: पति के चरित्र पर कीचड़ उछालना क्रूरता, बिना सबूत अवैध संबंधों का आरोप लगाना 'हत्या'

Sun, 08 Feb 2026 01:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 08 Feb 2026 01:12 AM IST
सार

हाईकोर्ट ने कहा कि बिना सबूत पति पर अवैध संबंध का आरोप लगाना उसकी सामाजिक और मानसिक हत्या करने जैसा है।

विज्ञापन
Prayagraj: Allahabad High Court's decision - throwing mud on the character of the husband is cruelty.
इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि पति के चरित्र पर कीचड़ उछालना क्रूरता है। बिना सबूत पति पर अवैध संबंध का आरोप लगाना उसकी सामाजिक और मानसिक हत्या करने जैसा है। इस टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति नीरज तिवारी और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने पति की ओर से दाखिल तलाक की अर्जी मंजूर कर ली। कोर्ट ने कहा अगर पति ने वर्षों तक कोई गिला-शिकवा नहीं किया तो इसका यह मतलब कतई नहीं है कि वह प्रताड़ित नहीं है। भारतीय समाज में पुरुष अक्सर लोकलाज और बच्चों के भविष्य के लिए नरक जैसी स्थिति झेलते हैं।

विज्ञापन


मामला वाराणसी का है। गुरुग्राम में एक निजी कंपनी में तैनात उप प्रबंधक की शादी वाराणसी में तैनात अध्यापिका से 25 नवंबर 2003 में हिंदू रीति-रिवाजों से हुई थी। उनके दो बेटे हैं। पति-पत्नी के बीच शंका की दीवार खड़ी होने से 2011 से दोनों अलग रहने लगे हैं। बच्चों का पालन-पोषण दादा-दादी कर रहे हैं।
विज्ञापन


पति ने कहा...मां पर फेंकी गर्म दाल, मासूम को लटकाया छत से
2014 में पति ने क्रूरता के आधार पर पत्नी से तलाक लेने की अर्जी वाराणसी के परिवार न्यायालय में दाखिल की। आरोप लगाया कि पत्नी झगड़ालू और शंकालु स्वभाव की है। वह उस पर भाभी संग अवैध संबंध का आरोप लगाती है। यही, नहीं मासूम बच्चों व माता-पिता संग क्रूरता का व्यवहार करती है। पति ने 2009 की घटना का जिक्र कर बताया कि चार माह के छोटे बेटे को पत्नी ने छत पर लटका दिया था। वहीं, बूढ़ी मां पर गर्म दाल भी फेंक दी थी। यह भी आरोप लगाया कि पत्नी उसे और उसके परिवार को सुसाइड नोट लिखकर जेल भिजवाने की धमकी देती थी। पति ने साक्ष्य के रूप में वॉइस रिकॉर्डिंग पेश की है। उसमें कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


परिवार न्यायालय ने खारिज की अर्जी, पति पहुंचा हाईकोर्ट
परिवार न्यायालय ने पहले पति की अर्जी एक पक्षीय आदेश पारित कर खारिज कर दी थी कि उसने पत्नी के व्यवहार को माफ कर दिया है। पति ने उसे नोटिस नहीं भेजा। इस आदेश के खिलाफ याची ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो पाया गया कि पत्नी ने खुद स्वीकार किया था कि पति का भाभी के साथ अवैध संबंध है। इस खुलासे ने पति को गहरे अवसाद और आत्महत्या के कगार पर धकेल दिया था। बाद में पत्नी दोनों बेटों को बेसहारा छोड़कर वाराणसी में ही अलग किराये के कमरे में रहने लगी। हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड में यह भी पाया कि पति की ओर से भेजा नोटिस पत्नी ने लेने से इन्कार कर दिया था।


जब एक मां अपने बच्चों को वर्षों तक छोड़ दे और पति के चरित्र पर कीचड़ उछाले तो उस शादी का केवल ढांचा बचता है, रूह नहीं। ऐसी स्थिति में तलाक ही एकमात्र विकल्प है।
-इलाहाबाद हाईकोर्ट

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed