Prayagraj : गुरुदत्त अखाड़े को मान्यता देने से अखाड़ा परिषद ने किया इन्कार
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने पंच दशनाम श्रीसंत गुरुदत्त अखाड़े को मान्यता देने से इन्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि 13 अखाड़े की विधि मान्य हैं। इसके अलावा कोई भी अखाड़ा न गठित हुआ है और ना ही मान्यता दी गई है।
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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने पंच दशनाम श्रीसंत गुरुदत्त अखाड़े को मान्यता देने से इन्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि 13 अखाड़े की विधि मान्य हैं। इसके अलावा कोई भी अखाड़ा न गठित हुआ है और ना ही मान्यता दी गई है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी सोमवार को महाकुंभ मेले की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं। हाल में ही प्रयागराज में श्री संत गुरुदत्त अखाड़े के गठन पर उनका कहना है कि जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर रहे गोल्डन बाबा के शिष्य आदित्यानंद की ओर से किसी अखाड़े की बात की जा रही है, जो भ्रामक है। ऐसे किसी भी अखाड़े को मान्यता नहीं दी गई है।
महामंडलेश्वर हिमांगी सखी पहुंचीं, भूमि-सुविधाओं पर मंथन
पांच भाषाओं में श्रीमद्भागवद् कथा करने वाली महामंडलेश्वर स्वामी हिमांगी सखी रविवार को प्रयागराज पहुंचीं। बमरौली एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया। महामंडलेश्वर हिमांगी ने बताया कि महाकुंभ दिव्य, भव्य होगा। देश ही नहीं विदेश से बड़ी संख्या में शिष्य, श्रद्धालु शामिल होंगे और कल्पवास करेंगे।
शिविर में कथा, प्रवचन, विभिन्न सामाजिक विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम, पूजन, हवन और भंडारा चलेगा, जिसमें बड़ी संख्या में देश, विदेश के शिष्य और श्रद्धालु शामिल होकर प्रसाद ग्रहण करेंगे और वह लोग परिवार सहित माहभर शिविर में रहकर दोनों वक्त गंगा स्नान और कल्पवास करेंगे। महामंडलेश्वर स्वामी हिमांगी सखी मां ने बताया कि महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में लगे मेरे शिविर में अमेरिका,जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस, ब्राजील, रूस, नेपाल सहित अन्य देशों से बड़ी संख्या में शिष्य परिवार सहित आ रहे हैं।