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प्रतापगढ़ : तीन दरोगा, नौ सिपाहियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने का आदेश
Wed, 20 Jan 2021 09:30 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 20 Jan 2021 09:30 PM IST
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- फोटो : prayagraj
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सांगीपुर इलाके के बाबूतारा गांव में दबिश के दौरान पुलिस की पिटाई से वृद्ध मकबूल खान की मौत के मामले में सीजेएम ने तीन दरोगा और नौ सिपाहियों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। आरोपियों में सांगीपुर थाने में तैनात रहे तत्कालीन एसओ प्रमोद सिंह का नाम भी शामिल है।
जिले के लालगंज इलाके के बाबूतारा गांव निवासी रमजान खान ने सीजेएम कोर्ट में वाद दायर कर आरोप लगाया था कि 19-20 सितंबर 2020 को तत्कालीन सांगीपुर एसओ प्रमोद सिंह, दरोगा रामअधार यादव, गणेशदत्त पटेल, सिपाही राममिलन, श्रवण कुमार, रविशंकर, रामनिवास और पांच अज्ञात सिपाहियों ने घर में घुसकर उसके पिता मकबूल की पिटाई कर दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने मनमानी करते हुए अपनी मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार करा दिया। वकीलों की दलीलें सुनने के बाद सीजेएम कमल सिंह ने एसओ सांगीपुर से सात दिन के अंदर सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने और स्वयं जांच करने को कहा है। बता दें कि मकबूल की मौत के बाद जिले में कई दिनों तक हंगामा हुआ था। घटना को लेकर पुलिस की किरकिरी हुई थी।
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जिले के लालगंज इलाके के बाबूतारा गांव निवासी रमजान खान ने सीजेएम कोर्ट में वाद दायर कर आरोप लगाया था कि 19-20 सितंबर 2020 को तत्कालीन सांगीपुर एसओ प्रमोद सिंह, दरोगा रामअधार यादव, गणेशदत्त पटेल, सिपाही राममिलन, श्रवण कुमार, रविशंकर, रामनिवास और पांच अज्ञात सिपाहियों ने घर में घुसकर उसके पिता मकबूल की पिटाई कर दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
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पुलिस ने मनमानी करते हुए अपनी मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार करा दिया। वकीलों की दलीलें सुनने के बाद सीजेएम कमल सिंह ने एसओ सांगीपुर से सात दिन के अंदर सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने और स्वयं जांच करने को कहा है। बता दें कि मकबूल की मौत के बाद जिले में कई दिनों तक हंगामा हुआ था। घटना को लेकर पुलिस की किरकिरी हुई थी।
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