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प्रतापगढ़ः पुरवा हवाओं की दखल, आसमान में बादलों का डेरा
Mon, 18 Mar 2019 01:17 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 18 Mar 2019 01:17 AM IST
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पुरवा हवाओं की दखल से एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। आसमान में बादलों ने डेरा जमा लिया है। इससे तापमान में तेजी से गिरावट आई है, ठंड में इजाफा हुआ है। अधिकतम तापमान 25.8 व न्यूनतम 12.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। ंवहीं मौसम का रुख देखकर किसानों को फसलों की चिंता सता रही है। जानकारों की मानें तो बारिश होने पर फसलों को भारी नुकसान होगा।
मार्च महीने के दूसरे सप्ताह की शुरुआत होते ही मौसम का मिजाज बदल गया। जबकि इसके पहले तेजी से तापमान में बढ़ रहा था। पश्चिमी हवाएं जोर पकड़ रही थीं। अधिकतम तापमान 32.0 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 18.0 डिग्री सेल्सियस तक रिकार्ड किया गया। दिन में धूप सहन नहीं हो रही थी। रात में भी गर्मी महसूस नहीं की जा रही थी। घरों में पंखे फर्राटे भर रहे थे। शनिवार से मौसम एकाएक बदल गया। पश्चिमी हवाओं को दबाकर पुरवा हवाओं ने अपनी पैठ मजबूत कर ली। इससे आसमान में बादलों ने पैठ जमा ली। देखते ही देखते ही आसमान मे ंबादलों ने डेरा जमा लिया। रविवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे।
सूर्यदेव बादलों के बीच मशक्कत करते नजर आए। दोपहर बाद थोड़ी देर के लिए धूप निकली तो मगर उसका असर तेज नहीं रहा। दिनभर बादल छाए रहे। 14 व 15 मार्च को जहां तापमान 30 के पार था, वहीं दो दिन के भीतर अधिकतम तापमान लुढक़र 25.0 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। न्यूनतम तापमान 18 से 12 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। इधर, मौसम का रुख देखकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। जानकारों का कहना है कि अगर बारिश हुई तो गेहूं, चना, मटर, सरसों समेत सभी फसलों को नुकसान होगा। मौसम वैज्ञानिक सुरेंद्र प्रजापति ने बताया कि पुरवा हवाओं के दवाब से मौसम बदला है। बूंदाबांदी व रिमझिम बारिश की संभावना है।
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मार्च महीने के दूसरे सप्ताह की शुरुआत होते ही मौसम का मिजाज बदल गया। जबकि इसके पहले तेजी से तापमान में बढ़ रहा था। पश्चिमी हवाएं जोर पकड़ रही थीं। अधिकतम तापमान 32.0 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 18.0 डिग्री सेल्सियस तक रिकार्ड किया गया। दिन में धूप सहन नहीं हो रही थी। रात में भी गर्मी महसूस नहीं की जा रही थी। घरों में पंखे फर्राटे भर रहे थे। शनिवार से मौसम एकाएक बदल गया। पश्चिमी हवाओं को दबाकर पुरवा हवाओं ने अपनी पैठ मजबूत कर ली। इससे आसमान में बादलों ने पैठ जमा ली। देखते ही देखते ही आसमान मे ंबादलों ने डेरा जमा लिया। रविवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे।
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सूर्यदेव बादलों के बीच मशक्कत करते नजर आए। दोपहर बाद थोड़ी देर के लिए धूप निकली तो मगर उसका असर तेज नहीं रहा। दिनभर बादल छाए रहे। 14 व 15 मार्च को जहां तापमान 30 के पार था, वहीं दो दिन के भीतर अधिकतम तापमान लुढक़र 25.0 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। न्यूनतम तापमान 18 से 12 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। इधर, मौसम का रुख देखकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। जानकारों का कहना है कि अगर बारिश हुई तो गेहूं, चना, मटर, सरसों समेत सभी फसलों को नुकसान होगा। मौसम वैज्ञानिक सुरेंद्र प्रजापति ने बताया कि पुरवा हवाओं के दवाब से मौसम बदला है। बूंदाबांदी व रिमझिम बारिश की संभावना है।
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