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अक्षयवट के दर्शन से ही प्रसन्न होते हैं तीर्थराज प्रयाग: प्रखर महाराज
Tue, 22 Jan 2019 12:27 PM IST
vivek shukla
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 22 Jan 2019 12:27 PM IST
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प्रखर महाराज
श्री प्रखर परोपकार मिशन के प्रमुख प्रखर महाराज ने कहा कि बेनीमाधव भगवान और अक्षयवट के दर्शन करने के बाद ही तीर्थराज प्रयाग प्रसन्न होते हैं। सोमवार को वह अपने शिविर में श्रद्धालुओं को कथा का श्रवण करा रहे थे।
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उन्होंने कहा कि यह बड़े सौभाग्य की बात है कि सभी लोग प्रयाग की धरती पर बैठकर भगवान की कथा का आनंद उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि संगम क्षेत्र में गंगा स्नान को लाभ तो श्रद्धालु उठा ही रहे हैं, इसके बाद दारागंग क्षेत्र में प्रष्ठिापित भगवान बेनी माधव के मंदिर जाकर उनका दर्शन करने से जीवन को सुख मिलता है।
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उन्होंने बताया कि भगवान बेनी माधव के चरणों से वरुणा और असी नामक दो नदियां प्रवाहित हुई है, जो संगम को चीरती हुई वाराणसी में जाकर मिलती है। इन नदियों के नाम से वाराणसी शहर का नामकरण हुआ है।
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प्रखर महाराज ने बताया कि तीर्थराज प्रयाग ही ऐसा देव स्थान है, जहां 10 करोड़ तीर्थों के फल की प्राप्ति यहां पर कल्पवास करने से होती है। इस मौके पर शिविर में पहुंचे उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंंत्री मदन कौशिक ने प्रखर महाराज को अंगवस्त्र देकर आशीर्वाद लिया।
इस बीच प्रखर महाराज का आशीर्वाद लेने कानपुर की महापौर प्रमिला पांडेय भी पहुंची। इस अवसर पर विश्वनाथ कनोडिया, पंडित नरेंद्र शर्मा, सुरेश गुप्ता, संतोष गर्ग, हरिप्रकाश, मंगला, गोविंद लोहिया सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।