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अधिशासी अभियंता पर मुकदमा, एसपी क्राइम को जांच

Tue, 18 Feb 2020 10:27 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 18 Feb 2020 10:27 PM IST
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power corporation corruption case
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सीजेएम कोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई, 31 मार्च तक न्यायालय में जमा करनी जांच रिपोर्ट
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अधिशासी अभियंता ने उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के आदेश को दरकिनार कर काट दिया कनेक्शन
प्रयागराज। उपभोक्ता का विद्युत बिल संशोधित न किया जाना पॉवर कॉरपोरेशन के एक अधिशासी अभियंता को महंगा पड़ गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की कोर्ट के आदेश पर कल्याणी देवी के अधिशासी अभियंता एलपी चक्रवेदी के खिलाफ कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मामले की जांच एसपी क्राइम कर रहे हैं। उन्हें 31 मार्च तक इस संबंध में अपनी रिपोर्ट न्यायालय को देनी होगी।
अरूण मिश्रा बनाम एलपी चक्रवेदी के मामले की सुनवाई करते हुए सीजेएम कोर्ट ने कहा कि अधिशासी अभियंता ने न केवल उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के आदेशों को नहीं माना बल्कि अरुण कुमार के मुवक्किल आदित्य जायसवाल के खिलाफ उत्पीड़न की कार्रवाई करते हुए तीन जनवरी 2020 को उसका कनेक्शन भी काट दिया। मामले में आदित्य जायसवाल की मां ने दीपक और एसके सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
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आवेदक अरूण मिश्रा जब इस संबंध में बात करने के लिए मुख्य अभियंता से मिले और उनसे मामले के वाद विपक्षी अधिशासी अभियंता एलपी चक्रवेदी के अतिरिक्त किसी अन्य से बिजली बिल संशोधित कराए जाने का अनुरोध किया तो मुख्य अभियंता के कार्यालय में मौजूद दो सौ लोगों (जिसमें एलपी चक्रवेदी भी शामिल रहे) ने उनके साथ बदतमीजी करते हुए दो घंटे तक घेरे रखा। आवेदक ने इस संबंध में पुलिस से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। कोर्ट ने कहा है कि मामले की जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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मामले में आवेदक अरूण मिश्रा के मुवक्किल आदित्य जायसवाल द्वारा उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम में वाद दाखिल कर बिल सुधरवाने की मांग की गई थी। फोरम में 29 अप्रैल 2019 को मामले को निर्णित करते हुए अधिशासी अभियंता को बिल संशोधित करने का निर्देश दिया। लेकिन विपक्षी अधिशासी अभियंता ने उपभोक्ता का बिल संशोधित नहीं किया। फोरम में दाखिल एक अन्य वाद में अधिशासी अभियंता को आवेदक के खिलाफ उत्पीड़न की कार्रवाई न किए जाने का आदेश भी दिया गया था लेकिन इन आदेशों के बावजूद उपभोक्ता का बिल संशोधित नहीं किया गया और उसके खिलाफ उत्पीड़न की कार्रवाई कर कनेक्शन काट दिया गया।
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