फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   poltical news

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने तलब की रिपोर्ट

Fri, 08 Jan 2016 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Fri, 08 Jan 2016 12:00 AM IST
विज्ञापन
 जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में अपना दल प्रत्याशी को महज दो वोट मिले जबकि प्रत्याशी को भाजपा का समर्थन था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने जिलाध्यक्ष से रिपोर्ट तलब कर ली है। जिलाध्यक्ष हार का ठीकरा अपना दल प्रत्याशी पर फोड़ रहे हैं। उनका कहना है कि चुनाव से पहले ही प्रत्याशी ने भाजपा से दूरी बना ली थी और चुनाव भर किसी तरह का तालमेल नहीं रखा।
विज्ञापन


भाजपा के जिम्मेदारी पदाधिकारी इस बात से परेशान हैं कि जिन पर भरोसा कर चुनाव में समर्थन दिया, उन्हीं ने चुनाव जीतने के बाद पार्टी को धोखा दे दिया। बृहस्पतिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष पद का परिणाम सामने आने के बाद भाजपा ने पार्टी समर्थित जिला पंचायत सदस्यों को तलब कर लिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन परिस्थितियों में उन्हें सपा प्रत्याशी का समर्थन करना पड़ा। हालांकि यह बात जगजाहिर है कि जिला पंचायत के चुनाव में धनबल और बाहुबल चलता है। ऐसे में भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्यों का सपा को समर्थन देना अप्रत्याशित नहीं कहा जा सकता।
विज्ञापन


भाजपा के जिलाध्यक्ष रामरक्षा द्विवेदी का कहना है कि चुनाव से पहले ही अपना दल प्रत्याशी ने भाजपा से दूरी बना ली थी। चुनाव को लेकर अलग से कोई चर्चा तक नहीं की। उन्हें अपना दल के वोट ही नहीं मिले। फिर भी मंथन हो रहा है कि भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्यों के वोट अपना दल प्रत्याशी को क्यों नहीं मिले। उधर, प्रत्याशी बबिता सिंह का कहना है कि चुनाव से पहले जिलाध्यक्ष से मुलाकात हुई थी। उन्होंने बैठक भी बुलाई थी और भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्यों से उन्हें समर्थन देने को कहा था। इसके बावजूद उन्हें वोट नहीं मिले। वजह भाजपा ही बता सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


 जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए बृहस्पतिवार को हुए मतदान और मतगणना के दौरान पूरा जिला पंचायत परिसर छावनी में तब्दील रहा। जिला पंचायत परिसर के बाहर भी बैरिकेडिंग लगाकर सड़क पर ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया। वोट देने पहुंचे जिला पंचायत सदस्यों की गहन तलाशी के बाद उन्हें प्रवेश की अनुमति दी गई।

परिसर के भीतर और बाहर बैरिकेडिंग के आसपास मंडराते लोगों को संदिग्ध मानकर तलाशी ली गई। आधा दर्जन लोगों को पुलिस ने उठा लिया और मतदान पूरा होने के बाद चेतावनी देकर निजी मुचलके पर उन्हें छोड़ा। कई जिला पंचायत सदस्य फोटोयुक्त आईडी के बगैर वोट देने पहुंच गए। उन्हें मेन गेट से ही वापस कर दिया गया। बाद में पहचान पत्र साथ लेकर आने पर वोट देने की अनुमति मिली। इस दौरान प्रेक्षक हिमांशु कुमार, कमिश्नर राजन शुक्ला, डीएम संजय कुमार और एसएसपी केएस इमैनुएल सहित तमाम अफसर जिला पंचायत परिसर का निरीक्षण करते रहे।

हालांकि जिला पंचायत की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर ट्रैफिक रोक दिए जाने से शहरियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। मनमोहन पार्क चौराहे और महाराणा प्रताप चौराहे पर वाहनों की लंबी कतार लगी रही, जिसकी वजह से कटरा और स्टेनली रोड पर लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ा।


 सपा प्रत्याशी रेखा सिंह और बसपा प्रत्याशी केशरी देव पटेल का घर जिला पंचायत परिसर से चंद कदमों के फासले पर है। मतदान के दौरान दोनों के घरों में पार्टी के दिग्गजों का जमावड़ा लगा रहा। रेखा सिंह के आवास पर सभी आठ विधायकों, जिलाध्यक्ष सहित मंत्री प्रतिनिधि विकास टिकैट, डॉ. उज्ज्वल पांडेय, बृजेश यादव, कुलदीप त्रिपाठी आदि मौजूद थे तो केशरी देवी के आवास पर पूर्व विधायक आनंद कुमार सहित रणजीत सोनकर, रामकृष्ण दुबे, बंशीलाल सहित कई नेताओं का जमावड़ा लगा था। रेखा सिंह के आवास से भाजपा समर्थित कुछ जिला पंचायत सदस्यों को भी बाहर निकलते देखा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed