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सोरांव में सपा, कोरांव, बारा से कांग्रेस प्रत्याशी मैदान में
अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Wed, 15 Feb 2017 02:09 AM IST
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लखनऊ, अखिलेश यादव, यूपी चुनाव
- फोटो : SELF
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जिले की तीन विधानसभा सीटों पर आखिरकार सपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों की स्थिति स्पष्ट हो गई। सपा ने कोरांव और बारा विधानसभा सीटें कांग्रेस पार्टी के लिए छोड़ दी हैं, जबकि कांग्रेस ने सोरांव सीट सपा के लिए छोड़ी दी है। इस पर समझौता होने के बाद मंगलवार को दोनों पार्टियों के अधिकृत पदाधिकारियों एसआरएस यादव एवं राजीव शुक्ला की ओर से पत्र भी जारी कर दिया गया।
सपा-कांग्रेस गठबंधन के बावजूद दोनों पार्टियों ने इन तीनों विधानसभा सीटों से अपने प्रत्याशी उतारे थे। कांग्रेस ने कोरांव से राम कृपाल कोल और बारा से सुरेश कुमार को प्रत्याशी बनाया था। इन दिनों के नामांकन के बाद अचानक सपा के टिकट पर कोरांव से राम देव निडर और बारा से अजय कुमार ने पर्चा दाखिल कर दिया। इसी तरह सपा ने सोरांव से पहले निवर्तमान विधायक सत्यवीर मुन्ना को प्रत्याशी बना लेकिन बाद में उनका टिकट काटकर यह सीट कांग्रेस के लिए छोड़ दी लेकिन बाद में निर्णय बदलते हुए पार्टी ने सत्यवीर को फिर से प्रत्याशी घोषित कर दिया। सत्यवीर के नामांकन के बाद सोरांव से कांग्रेस के टिकट पर जवाहर लाल दिवाकर ने भी नामांकन कर दिया था।
माना जा रहा था कि नाम वापसी के दौरान इन तीनों सीटों पर स्थिति स्पष्ट होगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कांग्रेस से जिलाध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने बताया कि कि संयुक्त रूप से प्रदेश नेतृत्व ने अंतिम निर्णय लिया। इसके कांग्रेस ने सोरांव से तो सपा ने कोरांव और बारा ने अपने प्रत्याशी हटा लिए। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि दोनों पार्टियों के जिलाध्यक्ष सुनिश्चित करेंगे कि प्रत्याशी चुनाव मैदान से हटकर एक दूसरे के समर्थन में केवल एक ही अधिकृत प्रत्याशी के पक्ष में कार्य करें।
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सपा-कांग्रेस गठबंधन के बावजूद दोनों पार्टियों ने इन तीनों विधानसभा सीटों से अपने प्रत्याशी उतारे थे। कांग्रेस ने कोरांव से राम कृपाल कोल और बारा से सुरेश कुमार को प्रत्याशी बनाया था। इन दिनों के नामांकन के बाद अचानक सपा के टिकट पर कोरांव से राम देव निडर और बारा से अजय कुमार ने पर्चा दाखिल कर दिया। इसी तरह सपा ने सोरांव से पहले निवर्तमान विधायक सत्यवीर मुन्ना को प्रत्याशी बना लेकिन बाद में उनका टिकट काटकर यह सीट कांग्रेस के लिए छोड़ दी लेकिन बाद में निर्णय बदलते हुए पार्टी ने सत्यवीर को फिर से प्रत्याशी घोषित कर दिया। सत्यवीर के नामांकन के बाद सोरांव से कांग्रेस के टिकट पर जवाहर लाल दिवाकर ने भी नामांकन कर दिया था।
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माना जा रहा था कि नाम वापसी के दौरान इन तीनों सीटों पर स्थिति स्पष्ट होगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कांग्रेस से जिलाध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने बताया कि कि संयुक्त रूप से प्रदेश नेतृत्व ने अंतिम निर्णय लिया। इसके कांग्रेस ने सोरांव से तो सपा ने कोरांव और बारा ने अपने प्रत्याशी हटा लिए। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि दोनों पार्टियों के जिलाध्यक्ष सुनिश्चित करेंगे कि प्रत्याशी चुनाव मैदान से हटकर एक दूसरे के समर्थन में केवल एक ही अधिकृत प्रत्याशी के पक्ष में कार्य करें।
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