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पं. नेहरू की प्रतिमा हटाने पर सियासत गरमाई, शिफ्टिंग शुरू

Sat, 15 Sep 2018 01:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 15 Sep 2018 01:55 AM IST
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Political warming, shifting begins to remove Nehru's statue
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
बालसन चौराहे से देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा हटाए जाने का मामला अब सियासी गलियारों में तूल पकड़ने लगा है। आनंद भवन से करीब 100 मीटर की दूरी पर स्थित स्थित पं. नेहरू की प्रतिमा के साथ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा भी स्थापित थी। बृहस्पतिवार को प्रतिमा हटाए जाने के बाद सियासत गरमाई तो क्रेन के जरिए बोरे में लपेट कर नेहरू की प्रतिमा को पास ही दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने का काम शुक्रवार को किया गया। कांग्रेस और समाजवादी छात्र सभा ने आरोप लगाया कि भाजपा राज में महापुरुषों का अपमान किया जा रहा है। ये काम जनसंघ के अध्यक्ष रहे पं. दीनदयाल उपाध्याय के प्रतिमा स्थल को विस्तार देेने के लिए किया गया।
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कांग्रेस ने शुक्रवार को एक बार फिर योगी सरकार पर निशाना साधते हुए प्रतिमा स्थल परिवर्तन के बहाने उस पर नेहरू और कांग्रेस की विचारधारा को खत्म करने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया। इस मुद्दे पर मुखर समाजवादी छात्र सभा ने भाजपा पर महापुरुषों का अपमान करने का आरोप जड़ा। नेताओं ने कहा कि जनसंघी विचारधारा थोपने की साजिश के तहत ऐसा किया जा रहा है। नेहरू-गांधी प्रतिमा को विवादित तरीके से हटाए जाने के मामले में सरकारी अमले और कार्यदायी संस्था एडीए ने बृहस्पतिवार को तो चुप्पी साध ली लेकिन, शुक्रवार सफाई दी कि सड़क चौड़ीकरण के बाद प्रस्तावित सड़क पर प्रतिमा आने के कारण वहीं पास ही सम्मानजनक तरीके से उसे स्थानांतरित कर स्थापित किया गया।
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 उल्लेखनीय है कि संगमनगरी में कुछ महीनों बाद लगने वाले कुंभ मेले के लिए चौराहों और सड़कों के चौड़ीकरण व सौंदर्यीकरण का काम चल रहा है। आनंद भवन के पास बालसन चौराहे पर तीन महापुरुषों में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू और जनसंघ के अध्यक्ष रहे पंडित दीन दयाल उपाध्याय की प्रतिमाएं अलग-अलग पार्कों में स्थापित की गई थीं। इस चौराहे के चौड़ीकरण और सुंदरीकरण का इलाहाबाद विकास प्राधिकरण (एडीए) केंद्र सरकार की ओर से नियुक्त स्वतंत्र एजेंसी यूएमटीसी के साथ मिलकर कर रहा है। योजना यह बनाई गई कि दीन दयाल उपाध्याय के प्रतिमा स्थल पार्क को विस्तार देना है। इसलिए पं. नेहरू की मूर्ति को बीच चौराहे से हटाने का फैसला किया गया। इसी फैसले के तहत बृहस्पतिवार को पं. नेहरू की प्रतिमा को गंदे बोरे में लपेटकर उसे क्रेन के जरिए हटा दिया गया। मूर्ति हटाए जाने से पहले मजदूरों ने जूते चप्पल पहनकर वहां कई घंटे तक तोड़फोड़ की थी।
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प्रतिमा मामले ने सियासी रंग लेना शुरू किया तो शुक्रवार सरकारी अमला हरकत में आ गया। अफसरों ने नेहरू की हटाई गई मूर्ति को पड़ोस में कुछ दूर पर ही खाली जगह पर स्थापित करने का काम शुरू कर दिया है। मूर्ति पर लिपटे गंदे बोरे हटाकर उसे सफेद कपड़े से ढंक दिया गया है। मूर्ति अब भी क्रेन से लटकाकर ही खड़ी की जा रही है जबकि उसके इर्दगिर्द बांधी गईं रस्सियां भी खोल दी गई हैं। मूर्ति स्थापित करने के काम में तीन दिन का समय लगने की उम्मीद है। एडीए के अधिशासी अभियंता एसडी शर्मा ने भी आज दीन दयाल उपाध्याय के मूर्ति स्थल को बढ़ाए जाने की बात मानी है। मूर्ति स्थल के विस्तार का काम भी शुरू कर दिया गया है। कांग्रेसियों और समाजवादी छात्र सभा का आरोप है कि दीन दयाल उपाध्याय के मूर्ति स्थल को विस्तार देने और समाजवादी विचारधारा को कमजोर करने के लिए ही नेहरू की मूर्ति को बेवजह हटाया गया है। दोनों पार्टी के नेताओं ने इस मुद्दे पर आंदोलन करने का एलान किया है।

बालसन चौराहे पर लगी पंडित दीन दयाल उपाध्याय की प्रतिमा के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई। जबकि देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू की प्रतिमा को हटाने का काम प्रशासन कर रहा है। बालसन चौराहे पर स्थित पंडित नेहरू और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा हटाने के साथ ही अगर पंडित दीन दयाल उपाध्याय की प्रतिमा को नहीं शिफ्ट किया जाता है तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेगी। तीनों प्रतिमाओं को एक ही पार्क में किए जाने की योजना थी। भाजपा को सत्ता का अहंकार नहीं होना चाहिए। अफसरों को चाहिए कि इस मामले में भेदभाव नहीं तटस्थ भाव से काम करें।
-अनुग्रह नारायण सिंह, वरिष्ठ नेता कांग्रेस एवं प्रदेश प्रभारी उत्तराखण्ड

भाजपा भेदभाव में नहीं विकास में विश्वास करती है। कुंभ की तैयारी के तहत सड़कों और चौराहों का चौड़ीकरण और सुंदरीकरण कराया जा रहा है। इस कार्य में किसी भी नेता के अपमान करने जैसी कोई बात नहीं है। एडीए स्वीकृत प्रस्ताव और डिजायन के मुताबिक ही निर्माण कार्य करा रहा है। कांग्रेस और अन्य दलों के नेता बेवजह अनर्गल आरोप लगा रहे हैं।

-अवधेश गुप्ता, अध्यक्ष महानगर भाजपा

देश के पूर्व प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू की प्रतिमा को मूल स्थान से हटाकर तीस मीटर दूरी पर स्थापित भी कर दिया है। एडीए ने प्रतिमा लगाने वाले प्रशिक्षित लोगों की मदद से हाइड्रा मशीन के जरिए बेहद सावधानी से शिफ्टिंग का काम कराया है। इससे पहले प्रतिमा को सुरक्षित रखने के लिए जूट से लपेट कर टाट बांधा गया। प्रतिमा पूर्णतया सुरक्षित है। कुंभ के लिए सड़कों के चौड़ीकरण की जद में प्रतिमा आ रही थी। जिसके लिए प्रतिमा को शिफ्ट किया गया। सारा कुछ तकनीकी परामर्श देने वाली एजेंसी की सलाह पर किया है।
पीएन यादव, जनसंपर्क अधिकारी, एडीए
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