Ateeq Ahmad: प्रयागराज में अतीक अहमद के दफ्तर पर पुलिस का छापा, 74 लाख नकद, 10 असलहे बरामद, पांच गिरफ्तार
उमेश पाल हत्याकांड में मंगलवार को प्रयागराज पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली। पुलिस ने अतीक अहमद के कर्बला चकिया स्थित कार्यालय पर छापा मारकर कुल 74 लाख 62 हजार रुपया कैश 10 असलहे जिसमें पांच पिस्टल, पांच तमंचे और एक मैगजीन के साथ 112 कारतूस बरामद किया।
विस्तार
खुल्दाबाद थाना क्षेत्र के करबला इलाके में स्थित कार्यालय में पुलिस ने मंगलवार को छापा मारकर दस असलहे और करीब साढ़े 74 लाख रुपये बरामद किए। पुलिस ने इससे पहले धूमनगंज इलाके से अतीक के पांच गुर्गों को गिरफ्तार किया था, उनकी निशानदेही पर ही ये बरामदगी हुई। बड़ी संख्या में नकदी को गिनने के लिए मशीन मंगाई गई। पांचों गुर्गों में एक अतीक का ड्राइवर और दूसरा मुंशी है। बाकी तीनों ने उमेश पाल की रेकी की थी। उनसे पूछताछ की जा रही है। रात में उमेश हत्याकांड से संबंधित कई और राज खुलने की संभावना है।
उमेश पाल हत्याकांड के खुलासे में जुटी पुलिस ने मंगलवार को धूमनगंज के जयरामपुर से नियाज अहमद, मोहम्मद सजर, कैश अहमद, राकेश कुमार उर्फ लाला और अरशद कटरा को गिरफ्तार कर लिया। कैश अहमद माफिया अतीक के घर में वर्षों से ड्राइवर है। राकेश उर्फ लाला माफिया के घर 19 वर्ष से मुंशी का काम करता रहा है। कैश और राकेश की निशानदेही पर पुलिस ने अतीक अहमद के करबला स्थित कार्यालय पर छापा मारा।
कार्यालय में भारी मात्रा में नकदी, असलहे और कारतूस मिले।नोटों की गड्डियां गिनने के लिए मशीन मंगाई गई। पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा ने बताया कि मौके से पांच पिस्टल, पांच तमंचे, एक मैगजीन के साथ 112 कारतूस बरामद किए गए। अतीक के कार्यालय से 72.37 लाख रुपये भी बरामद किए गए। जबकि, इस मामले में पकड़े गए उसके पांचों गुर्गों के पास से भी 2.25 लाख रुपये मिले। इस तरह कुल 74.62 लाख रुपये बरामद हुए।
नियाज की असद ने अतीक से कराई थी बात
कमिश्नर के मुताबिक अतीक के पांच गुर्गों में नियाज अहमद धूमनगंज का रहने वाला है। असद ने अतीक और अशरफ से बात कराई थी। नियाज को काम सौंपा गया था कि वह कचहरी से घर तक की रेकी करने के साथ ही उमेश की गाड़ी की पूरी लोकेशन देता रहा। जयंतीपुर का रहने वाला मो. सजर उमेश का पड़ोसी है। उसे असद ने आईफोन दिया था।
इंटरनेट कॉलिंग के माध्यम से वह लगातार बताता था कि उमेश कितने बजे घर से निकला और कितने बजे वापस आया। कटरा का रहने वाला अरशद कटरा अतीक के घर में हत्या की साजिश वाली बैठक में शामिल हुआ था। अतीक के चालक कैश अहमद को असलहे और नकदी छिपाने की जिम्मेदारी दी गई थी। अतीक के मुंशी राकेश कुमार उर्फ लाला को भी घटना के बाद कैश और असलहे छिपाने की जिम्मेदारी दी गई थी।
उमेश पाल हत्याकांड में रेकी करने वाले और असलहे व कैश छिपाने वाले पांच बदमाशों को पकड़ा गया है। इनमें से एक ड्राइवर और दूसरा मुंशी है। उनसे पूछताछ की जा रही है। आगे जो जानकारी मिलेगी, उसे बताया जाएगा। - रमित शर्मा, पुलिस कमिश्नर
सबको दी गई थी अलग अलग जिम्मेदारी
नियाज अहमद - रियाज को असद ने फोन पर इंटरनेट के माध्यम से अशरफ से बात कराई थी। यह अतीक के घर पर हुई मीटिंग में भी शामिल था। एक फोन इसके पास से मिला है।
मोहम्मद सजद - ये जयंतीपुर सुलेमसराय थाना धूमनगंज का रहने वाला है। यह उमेश पाल के घर के पास रहता है। इसको असद ने अपने घर बुलाकर आईफोन दिया था, जिसमे कुछ नंबर सेव थे। अतीक, अशरफ, सजर से लोकेशन लेने का काम दिया था। इसे उमेश पाल की गाड़ी आने जाने की सूचना देने का काम मिला था।
अरशद कटरा - उमेश और दो सुरक्षाकर्मी की हत्या की जो बैठक होती थी, उसकी साजिश में यह शामिल था।
कैश अहमद- ये 16 साल से अतीक अहमद और परिवार में ड्राइवर का काम कर रहा है। घटना के बाद अतीक, असद और परिवार के कहने पर इसने हथियार, कैश छिपाने का काम किया था। इसकी निशानदेही पर रिकवरी हुई है।
राकेश कुमार उर्फ लाला- ये अतीक अहमद के घर के काम और मुंशी का काम करता था। घटना के बाद कैश और हथियार असद और अतीक और परिवार के कहने पर कैश हथियार छिपाए थे।
दीवार तोड़कर बरामद किए गए कैश और असलहे
अतीक अहमद के कार्यालय के दीवारों को तोड़कर और जमीन को खोदकर असहले और कैश छिपाए गए थे। पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने बरामद किया। कैश को गिनने के लिए मशीन लगाई गई थी। बरामद कैश दो सौ और पांच सौ रुपये में है। हर कमरों के दीवारों को तोड़़कर कैश और असलहे बरामद किए गए।
2020 में ढहाया गया था दफ्तर
20 सितंबर 2020 को अतीक के कार्यालय पर बुलडोजर चला था। आधे से ज्यादा हिस्से को पीडीए ने कराया ध्वस्त करा दिया था। इससे पहले गैंगस्टर एक्ट के तहत इसे कुर्क भी किया जा चुका था। पुलिस ने करेली से अतीक के एक करीबी को हिरासत में लिया है। इसके साथ ही एक अन्य युवक को भी पकड़ा है। इन दोनों की ही निशानदेही पर छापा मारा गया। दोनों को साथ लेकर अतीक अहमद के कर्बला स्थित कार्यालय पर पुलिस पहुंची थी।
इसी दफ्तर से बरामद हो चुकी है पिस्टल
1000 वर्ग क्षेत्रफल में आलीशान कार्यालय बना है। खुल्दाबाद थाना क्षेत्र के कर्बला चौराहे पर कार्यालय स्थित है। 2017 में अतीक अहमद का शस्त्र लाइसेंस निरस्त किया गया था लेकिन इससे संबंधित शस्त्र अतीक ने जमा नहीं कराए थे। जुलाई 2020 को इसी तरह नाटकीय ढंग से अतीक अहमद की राइफल और पिस्टल इसी कार्यालय से बरामद की गई थी, जिसके बाद मार्च 2020 में उसके खिलाफ एफआइआर भी दर्ज कराई गई थी। जुलाई 2019 में मोहित जायसवाल अपहरण कांड की जांच में जुटी सीबीआई भी इस कार्यालय में छापा मार चुकी है।
चार लाख की अमेरिकन कोल्ट पिस्टल और मैगजीन मिली
पुलिस ने अतीक के कार्यालय से दस असलहों को बरामद किया। इसमें एक अमेरिकन कोल्ट पिस्टल भी है। इसकी कीमत चार लाख रुपये की है। कोल्ट पिस्टल की 10 कारतूस वाली मैगजीन भी बरामद हुई है। पुलिस ने जो पिस्टल बरामद की है। उसमें तीन .32 बोर की और एक .455 बोर की है। एक अमेरिकन कोल्ट पिस्टल को मिलाकर कुल पांच पिस्टल बरामद की हैं। तीन तमंचे 312 बोर के तो दो 315 बोर के हैं। बरामद कुल कारतूसों की संख्या 112 है।