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पूर्व सांसद अतीक अहमद के करीबी की तलाश में भाई को उठा लाई पुलिस
Tue, 29 Sep 2020 01:15 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 29 Sep 2020 01:15 AM IST
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माफिया अतीक अहमद
- फोटो : amar ujala
धोखाधड़ी के मामले में वांछित अतीक अहमद के करीबी की तलाश में गई धूमनगंज पुलिस उसके बसपा नेता भाई को उठा लाई। बाद में पता चला कि शक्ल एक जैसी होने की वजह से भ्रम हुआ। हालांकि देर रात तक हिरासत में लिए गए बसपा नेता से पूछताछ चलती रही।
धोखाधड़ी व अमानत में ख्यानत के मामले में अतीक अहमद का करीब मो. मुस्लिम वांछित है। उसकी तलाश में धूमनगंज थाने की एक टीम लखनऊ गई थी। वहां दबिश देकर पुलिस ने उसके भाई को हिरासत में ले लिया। वह रास्ते भर कहता रहा है कि वह वांछित नहीं है, लेकिन पुलिस ने उसका भरोसा नहीं किया। शहर लाए जाने के बाद एक बार फिर तफ्तीश की गई तो पता चला कि वह सही कह रहा है।
हिरासत में लिया गया आरोपी मो. मुस्लिम नहीं बल्कि उसका भाई है जो बसपा नेता और गैर जनपद से विधायकी का चुनाव भी लड़ चुका है। यह जानकारी सामने आने के बाद पुलिसकर्मी बैकफुट पर चले गए। अफसरों के पूछने पर बताया कि दोनों भाइयों की शक्ल एक जैसी होने की वजह से भ्रम हुआ।
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चौंकाने वाली बात यह रही कि इसी दौरान यह बात भी सामने आई कि हिरासत में लिए गए बसपा नेता के भाई के खिलाफ भी 2008 में एक मुकदमा धूमनगंज थाने में लिखाया गया था। जिसके बाद इस मुकदमे के बाबत धूमनगंज पुलिस उससे देर रात तक पूछताछ करती रही। इस मामले में धूमनगंज इंस्पेक्टर से बात की गई तो उनका कहना था कि वह रात में ही शहर लौटे हैं। ऐसे में जानकारी करने के बाद ही प्रकरण के बाबत कुछ बता पाएंगे।
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धोखाधड़ी व अमानत में ख्यानत के मामले में अतीक अहमद का करीब मो. मुस्लिम वांछित है। उसकी तलाश में धूमनगंज थाने की एक टीम लखनऊ गई थी। वहां दबिश देकर पुलिस ने उसके भाई को हिरासत में ले लिया। वह रास्ते भर कहता रहा है कि वह वांछित नहीं है, लेकिन पुलिस ने उसका भरोसा नहीं किया। शहर लाए जाने के बाद एक बार फिर तफ्तीश की गई तो पता चला कि वह सही कह रहा है।
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हिरासत में लिया गया आरोपी मो. मुस्लिम नहीं बल्कि उसका भाई है जो बसपा नेता और गैर जनपद से विधायकी का चुनाव भी लड़ चुका है। यह जानकारी सामने आने के बाद पुलिसकर्मी बैकफुट पर चले गए। अफसरों के पूछने पर बताया कि दोनों भाइयों की शक्ल एक जैसी होने की वजह से भ्रम हुआ।
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चौंकाने वाली बात यह रही कि इसी दौरान यह बात भी सामने आई कि हिरासत में लिए गए बसपा नेता के भाई के खिलाफ भी 2008 में एक मुकदमा धूमनगंज थाने में लिखाया गया था। जिसके बाद इस मुकदमे के बाबत धूमनगंज पुलिस उससे देर रात तक पूछताछ करती रही। इस मामले में धूमनगंज इंस्पेक्टर से बात की गई तो उनका कहना था कि वह रात में ही शहर लौटे हैं। ऐसे में जानकारी करने के बाद ही प्रकरण के बाबत कुछ बता पाएंगे।