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लाइनहाजिर इंस्पेक्टर का जलवा तो नेताओं से भी बढ़कर
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शीशगढ़। पराली जलाने का वीडियो ट्वीट करने एलएलबी छात्र को एनएसए में जेल भेजने की धमकी देने का मामला सुर्खियों में आने के बाद इंस्पेक्टर शीशगढ़ सुरेंद्र सिंह पचौरी ने अपनी गर्दन बचाने के लिए भरसक कोशिश की लेकिन शासन तक मामला पहुंच जाने के बाद कुर्सी नहीं बचा पाए। हालांकि लाइनहाजिर होने के बाद भी उन्होंने जलवा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। थाने का पूरा अमला लगाकर सैकड़ों लोगों को इकट्ठा किया फिर शानदार ढंग से विदाई ली। इससे पहले चहेतों के कंधे पर सिर रखकर खूब रोए और गरीबों से हमदर्दी दिखाने के लिए समारोह में आईं महिलाओं को पांच-पांच सौ के नोट भी बांटे।
पराली जलाने का वीडियो ट्वीट करने पर एलएलबी के छात्र को हड़काकर जेल भेजने की धमकी देने का मामला जब करीब-करीब सध चुका था तभी इसकी गूंज लखनऊ तक पहुंचने के बाद डीजीपी ने इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह पचौरी को तलब कर लिया और फिर उन पर कार्रवाई निश्चित हो गई। लखनऊ से लौटते ही रविवार को एसएसपी शैलेश पांडेय ने इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया। एसएसपी का आदेश मिलते ही इंस्पेक्टर ने अपने विदाई समारोह के आयोजन की तैयारी शुरू करा दी। रविवार को थाने का पूरा स्टाफ समारोह में भीड़ जुटाने के लिए लोगों से संपर्क करने में जुटा रहा।
इंस्पेक्टर ने चौकी के दरोगाओं को ग्राम प्रधानों के साथ ग्रामीणों को भी लाने की जिम्मेदारी सौंप दी। थाने में सजी विदाई की महफिल में सैकड़ों की तादाद में भीड़ तो इकट्ठा हो गई लेकिन इंस्पेक्टर की शान में कसीदे उनके कुछ खास लोगों ने ही काढ़े। आखिर में इंस्पेक्टर ने खुद माइक संभाला और अपनी गलती स्वीकार करते हुए सफाई दी। समारोह में जब फूल मालाएं पहनाने का दौर शुरू हुआ तो अपने हमदर्दों से गले मिलकर इंस्पेक्टर इस कदर भावुक हो गए कि खूब रोए। सूत्रों के मुताबिक इससे पहले इंस्पेक्टर जब लखनऊ से लौटे तो काफी बौखलाए हुए थे। रात में ही उन्होंने स्टाफ के साथ बैठक कर सबके पेच कसे थे। सभी को मीडिया से दूर रहने की सख्त हिदायत भी दी।
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पराली जलाने का वीडियो ट्वीट करने पर एलएलबी के छात्र को हड़काकर जेल भेजने की धमकी देने का मामला जब करीब-करीब सध चुका था तभी इसकी गूंज लखनऊ तक पहुंचने के बाद डीजीपी ने इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह पचौरी को तलब कर लिया और फिर उन पर कार्रवाई निश्चित हो गई। लखनऊ से लौटते ही रविवार को एसएसपी शैलेश पांडेय ने इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया। एसएसपी का आदेश मिलते ही इंस्पेक्टर ने अपने विदाई समारोह के आयोजन की तैयारी शुरू करा दी। रविवार को थाने का पूरा स्टाफ समारोह में भीड़ जुटाने के लिए लोगों से संपर्क करने में जुटा रहा।
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इंस्पेक्टर ने चौकी के दरोगाओं को ग्राम प्रधानों के साथ ग्रामीणों को भी लाने की जिम्मेदारी सौंप दी। थाने में सजी विदाई की महफिल में सैकड़ों की तादाद में भीड़ तो इकट्ठा हो गई लेकिन इंस्पेक्टर की शान में कसीदे उनके कुछ खास लोगों ने ही काढ़े। आखिर में इंस्पेक्टर ने खुद माइक संभाला और अपनी गलती स्वीकार करते हुए सफाई दी। समारोह में जब फूल मालाएं पहनाने का दौर शुरू हुआ तो अपने हमदर्दों से गले मिलकर इंस्पेक्टर इस कदर भावुक हो गए कि खूब रोए। सूत्रों के मुताबिक इससे पहले इंस्पेक्टर जब लखनऊ से लौटे तो काफी बौखलाए हुए थे। रात में ही उन्होंने स्टाफ के साथ बैठक कर सबके पेच कसे थे। सभी को मीडिया से दूर रहने की सख्त हिदायत भी दी।
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