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Prayagraj : नकल माफिया राजीव नयन पर पुलिस मेहरबान, 21 दिन बाद भी नहीं लगा गैंगस्टर

Sun, 07 Apr 2024 07:20 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 07 Apr 2024 07:20 PM IST
सार

राजीव नयन आरओ/एआरओ परीक्षा व सिपाही भर्ती परीक्षा के साथ ही कुल चार परीक्षाओं में सेंधमारी कर चुका है। इनमें मप्र की एनएचएम भर्ती परीक्षा के अलावा यूपी टीईटी 2021 भी शामिल है। 28 नवंबर 2021 को टीईटी से पहले एसटीएफ लखनऊ टीम ने कौशाम्बी में इस परीक्षा के पेपर के साथ रोशन सिंह पटेल को गिरफ्तार किया।

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Police kind to copycat mafia Rajeev Nayan, gangster not found even after 21 days
राजीव नयन मिश्र। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सिपाही भर्ती और आरओ/एआरओ परीक्षा का पेपर लीक कर प्रदेश भर में सनसनी फैलाने वाले नकल माफिया राजीव नयन मिश्र पर कौशाम्बी पुलिस प्रशासन की मेहरबानी चर्चा का विषय बनी हुई है। हाल यह है कि गैंगचार्ट बनने के 21 दिन बाद भी अनुमोदन नहीं होने से कार्रवाई अटकी पड़ी है।

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राजीव नयन आरओ/एआरओ परीक्षा व सिपाही भर्ती परीक्षा के साथ ही कुल चार परीक्षाओं में सेंधमारी कर चुका है। इनमें मप्र की एनएचएम भर्ती परीक्षा के अलावा यूपी टीईटी 2021 भी शामिल है। 28 नवंबर 2021 को टीईटी से पहले एसटीएफ लखनऊ टीम ने कौशाम्बी में इस परीक्षा के पेपर के साथ रोशन सिंह पटेल को गिरफ्तार किया। इसके कब्जे से प्रश्नपत्र की उत्तरकुंजी प्राप्त हुई। रोशन व तीन अन्य अभियुक्तों से पूछताछ में पता चला कि पेपर लीक का मास्टरमाइंड मेजा निवासी राजीव नयन है।
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इस पर उसे आरोपी बनाकर तलाश शुरू की गई और जुलाई 2022 में लखनऊ से गिरफ्तार किया गया। फरवरी 2023 में राजीव नयन समेत सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट लग गई लेकिन गैंगस्टर की कार्रवाई नहीं की गई। 14 मार्च को पुलिस भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले का भंडाफोड़ करते हुए एसटीएफ ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर खुलासा किया कि राजीव नयन ही इसका मास्टरमाइंड है। तब जब गैंगस्टर न लगाने के बाबत पूछा गया तो सीओ सिराथू अवधेश विश्वकर्मा ने बताया कि गैंगचार्ट अनुमोदन के लिए भेजा गया है।
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हालांकि, तब से 21 दिन बीत चुके हैं और अब तक नकल माफिया पर गैंगस्टर की कार्रवाई नहीं की जा सकी है। सीओ सिराथू ने शनिवार को भी यही कहा कि अनुमोदन होते ही गैंगस्टर लगाया जाएगा।

पुनर्विवेचना का आदेश, क्राइम ब्रांच भेजा गया

इस मामले में एक खास बात यह है कि इसकी पुनर्विवेचना का आदेश दिया गया है। दरअसल, कोखराज में इस मामले में परीक्षा से ठीक पहले गिरफ्तार रोशन सिंह पटेल ने संतोष चौरसिया, गोरखपुर के प्राइमरी शिक्षक प्रभात सिंह का भी नाम लिया था। आरोप लगाया था उसे भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र मूलरूप से बलिया निवासी प्रभात भी उपलब्ध कराता है।


बाद में विवेचना में राजीव नयन व पंडित जी का नाम प्रकाश में आया तो उन्हें भी मुकदमे में आरोपी बनाया गया। हालांकि, चार्जशीट केवल चार आरोपियों रोशन, संतोष, राजीव नयन व पंडित जी के खिलाफ दाखिल हुई और प्रभात सिंह का नाम मुकदमे से निकाल दिया गया था। सीओ सिराथू ने बताया कि मुकदमे से कुछ आरोपियों के नाम निकाले गए थे। ऐसे में उच्चाधिकारियों के आदेश पर पुनर्विवेचना कराई जा रही है।

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