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पुलिस की पाठशाला : एसीपी ने दी नसीहत- सोच-समझकर दें मोबाइल की गैलरी और कैमरे का एक्सेस
Sat, 29 Mar 2025 04:03 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 29 Mar 2025 04:03 PM IST
सार
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शुक्रवार को पुलिस की पाठशाला में एसीपी अतरसुइया आईपीएस राजकुमार मीणा ने कही। उन्होंने फाफामऊ स्थित रामनिहोर इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल एंड नर्सिंग में छात्राओं को नए दौर के साइबर अपराध और उससे बचाव के तरीके बताए।
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फाफामऊ स्तिथ विनीता हॉस्पिटल में अमर उजाला की ओर से पुलिस की पाठशाला में उपस्थित छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
अनजान नंबरों से आने वाली फोन कॉल्स को ट्रेस करने के लिए ज्यादातर लोग कॉलर आईडी एप का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कभी सोचा है कि कॉलर आईडी एप को मोबाइल की गैलरी और कैमरे का एक्सेस क्यों दें। ऐसा करने से आपकी तस्वीरों का गलत इस्तेमाल हो सकता है, इसलिए मोबाइल फोन में एप इंस्टॉल करते वक्त बहुत सोच-समझ कर ही अनुमति दें।
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शुक्रवार को पुलिस की पाठशाला में एसीपी अतरसुइया आईपीएस राजकुमार मीणा ने कही। उन्होंने फाफामऊ स्थित रामनिहोर इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल एंड नर्सिंग में छात्राओं को नए दौर के साइबर अपराध और उससे बचाव के तरीके बताए। मीणा ने कहा, आजकल म्यूल आईडी का प्रयोग करके फर्जी ईमेल भी भेजे जा रहे हैं। इसमें हूबहू किसी की ओरिजिनल आईडी जैसी ही फेक आईडी बनाकर ईमेल भेजे जाते हैं और मदद के नाम पर रुपये ऐंठे जाते हैं।
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ऐसे में जब भी ईमेल खोलें तो यह सुनिश्चित कर लें कि वह इस व्यक्ति ने भेजा है या नहीं। इसके लिए रिप्लाई के बगल में दिखाई देने वाले तीन डॉट पर क्लिक करके ‘शो ओरिजिनल’ ऑप्शन का प्रयोग करें।
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एसीपी ने सेक्सटॉर्शन, यूपीआई संबंधी वित्तीय फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग, बुलिंग जैसे अन्य साइबर अपराध के बारे में भी जानकारी दी।
फाफामऊ स्तिथ विनीता हॉस्पिटल में अमर उजाला की ओर से पुलिस की पाठशाला में बोलते आईपीएस राजकुमार मीना।
- फोटो : अमर उजाला।
ईमेल या अन्य अकाउंट के जरिये लाॅगिन करने से बचें
एसीपी ने बताया कि कई बार किसी वेबसाइट या एप पर लॉगिन के लिए यूजर आईडी, पासवर्ड बनाना पड़ता है। इसके अलावा ईमेल आईडी या सोशल मीडिया अकाउंट के जरिये लॉगिन न करें। इससे आपकी व्यक्तिगत जानकारियां लीक हो सकती हैं।
पासवर्ड हर महीने बदलें। साइबर अपराध का शिकार होने पर 1930 पर कॉल करें। वित्तीय धोखाधड़ी के मामलाें में तुरंत अपराधी का खाता फ्रीज करा दिया जाता है।
इसके बाद नजदीकी साइबर थाने या थाने पर जाकर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि रकम वापसी के लिए कार्रवाई की जा सके। साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक होने के लिए http://cytrain.ncrb.gov.in वेबसाइट पर जाएं।
छात्राओं के सवालों के दिए जवाब
एसीपी ने छात्राओं के सवालों के जवाब भी दिए। संस्थान की प्रबंध निदेशक विनीता विश्वकर्मा ने मुख्य अतिथि का स्वागत और धन्यवाद ज्ञापन किया। कहा कि कार्यक्रम में जो जानकारी छात्राओं को मिली है, वह निश्चित ही उससे न सिर्फ खुद बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करेंगी। कार्यक्रम में निदेशक डाॅ. बिंदु विश्वकर्मा, प्रधानाचार्य देव्यानी दुबे समेत शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
एसीपी ने बताया कि कई बार किसी वेबसाइट या एप पर लॉगिन के लिए यूजर आईडी, पासवर्ड बनाना पड़ता है। इसके अलावा ईमेल आईडी या सोशल मीडिया अकाउंट के जरिये लॉगिन न करें। इससे आपकी व्यक्तिगत जानकारियां लीक हो सकती हैं।
पासवर्ड हर महीने बदलें। साइबर अपराध का शिकार होने पर 1930 पर कॉल करें। वित्तीय धोखाधड़ी के मामलाें में तुरंत अपराधी का खाता फ्रीज करा दिया जाता है।
इसके बाद नजदीकी साइबर थाने या थाने पर जाकर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि रकम वापसी के लिए कार्रवाई की जा सके। साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक होने के लिए http://cytrain.ncrb.gov.in वेबसाइट पर जाएं।
छात्राओं के सवालों के दिए जवाब
एसीपी ने छात्राओं के सवालों के जवाब भी दिए। संस्थान की प्रबंध निदेशक विनीता विश्वकर्मा ने मुख्य अतिथि का स्वागत और धन्यवाद ज्ञापन किया। कहा कि कार्यक्रम में जो जानकारी छात्राओं को मिली है, वह निश्चित ही उससे न सिर्फ खुद बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करेंगी। कार्यक्रम में निदेशक डाॅ. बिंदु विश्वकर्मा, प्रधानाचार्य देव्यानी दुबे समेत शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।