प्रयागराज : सामूहिक दुष्कर्म के बाद शव कुएं में फेंकने के मामले के मुख्य आरोपी ने किया सरेंडर, नहीं लगा पुलिस के हाथ
इस मामले में मृतका का दोस्त अमन सिंह राजपूत व उसके दो साथी निखिल कनौजिया व दीपक यादव पहले जेल भेजे गए। इसके बाद घटनास्थल सादियाबाद के पास ही रहने वाला अफजल भी गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाया गया।
विस्तार
कर्नलगंज में सामूहिक दुष्कर्म के बाद बीए की छात्रा की हत्या बीए की छात्रा की हत्या में फरार निसार ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। खास बात यह है कि उसकी तलाश में कर्नलगंज पुलिस के साथ ही एसओजी की भी टीमें लगी थीं। पुलिस से लेकर स्पेशल टीमें तक उसे खोजती रहीं और वह सभी को चकमा देते हुए कोर्ट में पेश होकर जेल चला गया। पुलिस अब उसे रिमांड पर लेने की तैयारी में है।
निसार के जेल चले जाने के बाद पुलिस के सामने कई नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। दरअसल मामले में अब भी कई ऐसी बातें हैं, जिनका खुलासा होना बाकी है। इसके साथ ही एक बड़ी बात यह है कि छात्रा का मोबाइल अब तक बरामद नहीं हो पाया है। निसार पुलिस के हाथ आया होता तो मोबाइल बरामद होने के साथ ही अन्य राजों का खुलासा होता। गौरतलब है कि जेल भेजे गए अफजल ने पूूछताछ में पुलिस को बताया था कि छात्रा का मोबाइल निसार के पास है। दरअसल सूत्रों का कहना है कि छात्रा का मोबाइल बरामद होने के बाद भी कुछ अहम राज खुल सकते हैं।
दोस्त समेत चार आरोपी भेजे जा चुके हैं जेल
इस मामले में मृतका का दोस्त अमन सिंह राजपूत व उसके दो साथी निखिल कनौजिया व दीपक यादव पहले जेल भेजे गए। इसके बाद घटनास्थल सादियाबाद के पास ही रहने वाला अफजल भी गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाया गया।
पुलिस के खुलासे के मुताबिक, अमन छात्रा को अपने साथ घटनास्थल पर ले गया जहां उसने विवाद होने पर गुस्से में उसका नाक-मुंह दबा दिया जिससे वह अचेत हो गई। इसके बाद उसने उससे दुष्कर्म किया। इसी दौरान किसी के आवाज लगाने पर वह भाग निकला। पुलिस का यह भी कहना है कि इसके बाद अफजल व निसार मौकेपर पहुंचे। जिन्होंने छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और फिर उसका शव कुएं में फेंककर भाग निकले।