Prayagraj : सूदखोरों से बचाने के लिए थाने पहुंचे युवक को पुलिस ने भगाया, क्षुब्ध युवक ट्रेन के आगे कूदा
मामला करछना थाना क्षेत्र के जगौती गांव का है। थानाध्यक्ष और एसआई के प्रताड़ित करने पर युवक ने ट्रेन के नीचे आकर आत्महत्या करने की कोशिश की। युवक को गंभीर चोटें आई हैं। अस्पताल में जिंदगी के जूझ रहे जगौती के कमलेश पटेल की पत्नी रंजना ने अपने पति की इस हालत के लिए करछना के थानाध्यक्ष को जिम्मेदार ठहराया है।
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सूदखोरों से बचाने की गुहार लगाने पर करछना के थानाध्यक्ष ने पीड़ित युवक उल्टा फटकार लगाकर भगा दिया। थानाध्यक्ष ने युवक से कहा कि जाकर जान दे देना, लेकिन दोबारा थाने मत आना। पुलिस और सूदखोरों की मिली भगत से परेशान होकर आखिरकार युवक ने ट्रेन के आगे छलांग लगाकर जान देने की कोशिश की। यह आरोप युवक की पत्नी रंजना पटेल ने मंगलवार को लगाया। फिलहाल गंभीर रूप से घायल होने के बाद बेहोशी की हालत उसके पति का इलाज एसआरएन अस्पताल में चल रहा है।
मामला करछना थाना क्षेत्र के जगौती गांव का है। थानाध्यक्ष और एसआई के प्रताड़ित करने पर युवक ने ट्रेन के नीचे आकर आत्महत्या करने की कोशिश की। युवक को गंभीर चोटें आई हैं। अस्पताल में जिंदगी के जूझ रहे जगौती के कमलेश पटेल की पत्नी रंजना ने अपने पति की इस हालत के लिए करछना के थानाध्यक्ष को जिम्मेदार ठहराया है। उसका कहना है कि बीते 18 जून को उसके पति करछना थाने में सूदखोरी की शिकायत करने गए थे।
वहां थानाध्यक्ष विश्वजीत सिंह व एसआई मनमोहन मिश्रा ने उसके पति को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। उसके पति को ही थाने में बैठा लिया गया। उसके पति को इस हिदायत पर छोड़ा गया कि दोबारा शिकायत करने नहीं आना। आओगे तो फर्जी मुकदमे में जेल भेज दिया जाएगा। रंजना का कहना है कि थानाध्यक्ष ने उसके पति से कहा कि जान दे देना , लेकिन लेकिन दोबारा थाने मत आना।
रंजना का आरोप है कि इस अपमान से क्षुब्ध होकर उसके पति ने 19 जून की सुबह ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। जिसमें पति की जान तो बच गई, लेकिन गंभीर चोट आने की वजह से वह कोमा में चले गए। जिनका इलाज एसआरएन अस्पताल में चल रहा है। युवक की पत्नी रंजना ने करछना थाने की पुलिस पर सूदखोरों को बचाने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि पति अस्पताल में मौत से जूझ रहे हैं और उस पर समझौते को लेकर दबाव बनाया जा रहा है।