{"_id":"667df07bc1951edc70067f29","slug":"police-could-not-produce-the-accused-despite-attachment-warrant-issued-a-year-ago-allahabad-news-c-3-1-jam1016-403319-2024-06-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj News: सालभर पहले जारी कुर्की वारंट के बावजूद अभियुक्त को पेश नहीं कर सकी पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj News: सालभर पहले जारी कुर्की वारंट के बावजूद अभियुक्त को पेश नहीं कर सकी पुलिस
विज्ञापन
चेक बाउंस मामले में फरार आरोपी के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती और कुर्की वारंट जारी किया है। एक साल से अधिक का समय बीतने के बाद भी आरोपी को पुलिस कोर्ट में हाजिर नहीं कर सकी है। आरोपी कहां छिपा बैठा है, पुलिस अभी तक इसका पता नहीं लगा पाई। वहीं, वृद्ध रुपये न मिलने से परेशान है।
वादी अलोपीबाग निवासी राजेश पांडेय ने बैरहना निवासी प्रॉपर्टी डीलर सुरेश कुमार गर्ग को कई किस्तों में एक करोड़ 30 लाख रुपये दिए थे। इसके बदले में सुरेश ने उन्हें चेक दिया था। जब चेक को बैंक में लगाया गया तो वह बाउंस हो गया। इस संबंध में 2017 में एनआईए एक्ट के तहत परिवाद दाखिल किया गया। कोर्ट ने आरोपी के विरुद्ध समन वारंट जारी किया। आरोपी कोर्ट में हाजिर हुआ और समझौते के तहत एक करोड़ 75 लाख रुपये देने को तैयार हुआ।
28 जुलाई 2021 को समझौता दाखिल किया। साथ ही पांच माह में रुपये अदा करने का समय मांगा। इसके बावजूद आरोपी ने रुपये वापस नहीं किए। इस पर वादी राजेश पांडेय ने आदेश के पालन के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया। इस पर कोर्ट ने रिकवरी वारंट जारी किया। 25 जनवरी 2023 को आरोपी का बेटा कोर्ट में हाजिर हुआ और 10 लाख रुपये वादी को दिए। वहीं, जल्द बाकी रकम अदा करने का समय मांगा।
विज्ञापन
इसके बाद एक साल से अधिक का समय बीत गया है और समझौते की धनराशि अदा नहीं की गई। आरोपी के खिलाफ कोर्ट ने वारंट भी जारी किया है, लेकिन पुलिस उसे कोर्ट में हाजिर नहीं करा पा रही है।
60-65 तारीखें लगीं, आरोपी को हाजिर नहीं कर पा रही पुलिस
वादी राजेश पांडेय ने बताया कि कोर्ट ने गैर जमानती और रिकवरी वारंट जारी कर रखा है। इस दौरान 60-65 तारीखें भी न्यायालय ने लगाई हैं। लेकिन, पुलिस वारंट जारी होने के एक साल बाद भी आरोपी को कोर्ट में हाजिर नहीं कर पाई है।
विज्ञापन
वादी अलोपीबाग निवासी राजेश पांडेय ने बैरहना निवासी प्रॉपर्टी डीलर सुरेश कुमार गर्ग को कई किस्तों में एक करोड़ 30 लाख रुपये दिए थे। इसके बदले में सुरेश ने उन्हें चेक दिया था। जब चेक को बैंक में लगाया गया तो वह बाउंस हो गया। इस संबंध में 2017 में एनआईए एक्ट के तहत परिवाद दाखिल किया गया। कोर्ट ने आरोपी के विरुद्ध समन वारंट जारी किया। आरोपी कोर्ट में हाजिर हुआ और समझौते के तहत एक करोड़ 75 लाख रुपये देने को तैयार हुआ।
विज्ञापन
28 जुलाई 2021 को समझौता दाखिल किया। साथ ही पांच माह में रुपये अदा करने का समय मांगा। इसके बावजूद आरोपी ने रुपये वापस नहीं किए। इस पर वादी राजेश पांडेय ने आदेश के पालन के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया। इस पर कोर्ट ने रिकवरी वारंट जारी किया। 25 जनवरी 2023 को आरोपी का बेटा कोर्ट में हाजिर हुआ और 10 लाख रुपये वादी को दिए। वहीं, जल्द बाकी रकम अदा करने का समय मांगा।
विज्ञापन
इसके बाद एक साल से अधिक का समय बीत गया है और समझौते की धनराशि अदा नहीं की गई। आरोपी के खिलाफ कोर्ट ने वारंट भी जारी किया है, लेकिन पुलिस उसे कोर्ट में हाजिर नहीं करा पा रही है।
60-65 तारीखें लगीं, आरोपी को हाजिर नहीं कर पा रही पुलिस
वादी राजेश पांडेय ने बताया कि कोर्ट ने गैर जमानती और रिकवरी वारंट जारी कर रखा है। इस दौरान 60-65 तारीखें भी न्यायालय ने लगाई हैं। लेकिन, पुलिस वारंट जारी होने के एक साल बाद भी आरोपी को कोर्ट में हाजिर नहीं कर पाई है।