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उठे सवाल : अपने ही हिस्ट्रीशीटर के शव की शिनाख्त नहीं कर सकी करारी पुलिस

Thu, 11 Aug 2022 09:24 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 11 Aug 2022 09:24 PM IST
सार

प्रयागराज के सोरांव कोतवाली के जूड़ापुर दांदू में एक अगस्त को चोरी के इरादे से घर में घुसे बदमाशों ने जगहट होने पर शिक्षक दंपती की हत्या कर दी थी। इस मामले में करारी कोतवाली के वैशकांटी गांव निवासी ज्ञानचंद्र (45) का नाम प्रकाश में आया।

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police could not identify the body of its own history-sheeter
Crime Scene - फोटो : social media

विस्तार

मंझनपुर/करारी। जिले के हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी व्यवस्था सवालों के घेरे में है। पुलिसकर्मी अफसरों की आंख में धूल झोंक रहे हैं। निगरानी के नाम पर बुजुर्ग हिस्ट्रीशटरों की फोटो खींचकर कोरम पूरा किया जा रहा है। इसका खुलासा आठ अगस्त को करारी के निमतापुर गांव में फंदे से लटके मिले ज्ञानचंद्र के शव से हुआ। ज्ञानचंद्र करारी कोतवाली का ही हिस्ट्रीशीटर था लेकिन पुलिस उसे पहचान नहीं सकी। 

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प्रयागराज के सोरांव कोतवाली के जूड़ापुर दांदू में एक अगस्त को चोरी के इरादे से घर में घुसे बदमाशों ने जगहट होने पर शिक्षक दंपती की हत्या कर दी थी। इस मामले में करारी कोतवाली के वैशकांटी गांव निवासी ज्ञानचंद्र (45) का नाम प्रकाश में आया। पांच अगस्त को सोरांव पुलिस व प्रयागराज एसओजी ने ज्ञानचंद्र के यहां छापेमारी की लेकिन वह फरार हो गया। पुलिस उसके बेटे मोनू व पत्नी को साथ ले गई। आठ अगस्त को ज्ञानचंद्र का शव कोतवाली क्षेत्र के निमतापुर गांव में फंदे से लटका मिला। करारी पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन वह ज्ञानचंद्र को पहचान नहीं सकी। 

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नौ अगस्त को पश्चिमशरीरा कोतवाली के बरूवा गांव में ब्याही ज्ञानचंद्र  की बेटी ने शव की शिनाख्त अपने पिता के रूप में की। ज्ञानचंद्र के खिलाफ वर्ष 2011 में  करारी कोतवाली में पुलिस मुठभेड़ का मामला दर्ज हुआ था। इसी साल सैनी कोतवाली में उसके खिलाफ चोरी के दो मामले दर्ज हुए। करारी पुलिस ने तमंचा के साथ गिरफ्तार कर उसे जेल भेजा। इसके बाद करारी पुलिस ने उसके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की। 


वर्ष 2016 में सरायअकिल कोतवाली में ज्ञान के खिलाफ लूट का मामला दर्ज हुआ। वर्ष 2019 में ज्ञान के खिलाफ पश्चिमशरीरा कोतवाली में चोरी के दो मामले दर्ज किए गए। वर्ष 2021 में ज्ञानचंद्र की करारी पुलिस ने हिस्ट्रीशीट खोल कर बराबर निगरानी का दावा किया लेकिन उसने पुलिस को चकमा देकर साथियों के साथ सोरांव में दोहरे हत्याकांड को अंजाम दे डाला। 

जिले में 728 हिस्ट्रीशीटर, निगरानी के नाम पर हो रही खानापूरी 
जिले में कुल 728 हिस्ट्रीशीटर हैं। इनकी निगरानी बीट सिपाही से लेकर हलका दरोगा तक करते हैं। हिस्ट्रीशीटरों की हर गतिविधि पर नजर रखने का दावा होता है। इनकी रात में भी निगरानी होती है। लेकिन इन दावों के बीच करारी पुलिस द्वारा ज्ञानचंद्र की पहचान न कर पाना, पुलिस की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

 
करारी कोतवाली में 80 हिस्ट्रीशीटर हैं, इनमें से 29 वैशकांटी के ही रहने वाले हैं। इन्हीं में ज्ञानचंद्र भी शामिल था। वह सक्रिय अपराधी भी था। इसी तरह परिश्चमशरीरा में 48, मंझनपुर में 75, कौशाम्बी में सात, पिपरी में 72, कोखराज में 89, सैनी में 86, महेवाघाट में 36, सरायअकिल में 29, चरवा में 106, कड़ाधाम में 45 व पइंसा कोतवाली में 35 लोगों की हिट्रीशीट खोली गई है। ज्ञानचंद्र की तरह ही अगर बाकी हिस्ट्रीशीटरों की भी निगरानी हो रही होगी तो फिर कानून व्यवस्था का ऊपर वाला ही मालिक है।  

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काफी दिनों से चकमा दे रहा था ज्ञान
एसपी हेमराज मीना के मुताबिक हिस्ट्रीशीटर ज्ञानचंद्र की बराबर निगरानी की जाती थी लेकिन वह काफी दिनों से चकमा दे रहा था। कई बार पुलिस उसके घर गई लेकिन परिवार के लोग कभी रिश्तेदारी तो कभी कहीं और जाने की सूचना देते थे।  


हिस्ट्रीशीटरों की बराबर निगरानी कराई जाती है। दोहरे हत्याकांड के आरोपी ज्ञानचंद्र का शव बॉर्डर गांव में मिला। फांसी लगाने पर चेहरा बिगड़ जाता है। इस वजह से पुलिस को पहचान कराने में दिक्कत हुई। - हेमराज मीना, एसपी

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