{"_id":"5db0b19b8ebc3e93d8449867","slug":"pmjay-allahabad-news-ald2583628191","type":"story","status":"publish","title_hn":"आयुष्मान भारत योजना में ऑपरेशन कर निकाला दो किलो का ट्यूमर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आयुष्मान भारत योजना में ऑपरेशन कर निकाला दो किलो का ट्यूमर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आयुष्मान भारत योजना के तहत कौशाम्बी के मरीज की नि:शुल्क सर्जरी
ओटी में 5.30 घंटे जुटी रही ईएंडटी विभाग के डॉक्टरों की टीम
प्रयागराज। आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना के तहत एसआरएन अस्पताल के डॉक्टरों ने कौशाम्बी निवासी एक मरीज मेडुकुलर ग्लैंड (लार बनाने की ग्रंथि) के प्लीयु मार्फिट ट्यूमर का नि:शुल्क ऑपरेशन किया। ट्यूमर का वजन दो किलो सौ ग्राम है। डॉक्टरों का दावा है कि यह विश्व का तीसरा बड़ा ट्यूमर है, जिसकी सर्जरी सफल हुई है।
आयुष्मान कार्ड धारक कड़ा कौशाम्बी निवासी 60 वर्षीय मानिक चंद्र लार ग्रंथि में ट्यूमर से परेशान थे। कई अस्पतालों के चक्कर काटे लेकिन इस कठिन सर्जरी के लिए कोई तैयार नहीं हुआ। जहां ऑपरेशन की हामी भरी गई वहां खर्च ढाई से तीन लाख रुपये बताया गया। गरीब मानिक चंद्र के लिए यह स्थिति कठिन थी।
कुछ दिन पहले वह एमएलएन मेडिकल कॉलेज में एसआरएन अस्पताल के नाक, कान, गला (ईएंडटी) विभाग पहुंचे। वहां परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। आयुष्मान योजना के तहत मानिक चंद्र को भर्ती किया गया। एनेस्थेटिक डॉ. धर्मेंद यादव ने दूरबीन विधि से ट्यूब डालकर मरीज को बेहोश किया। डॉ. आफताब, डॉ. रामसिया सिंह की देखरेख में डॉ. प्रभात श्रीवास्तव की टीम ने प्लीयु मार्फिट ट्यूमर का ऑपरेशन किया। इस सर्जरी में पूरे साढ़े पांच घंटे लगे। अब मरीज खतरे से बाहर है। टीम में ईएंडटी सर्जन डॉ. संकल्प, डॉ. रिजवान आदि शामिल रहे। प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने ट्यूमर के सफल ऑपरेशन को बड़ी उपलब्धि करार दिया। सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी के मुताबिक यह आयुष्मान योजना के सफल क्रियान्वयन का परिणाम है। नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत योजना डॉ. राहुल सिंह इसका श्रेय एसआरएन के चिकित्सकों और आयुष्मान टीम को दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ओटी में 5.30 घंटे जुटी रही ईएंडटी विभाग के डॉक्टरों की टीम
प्रयागराज। आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना के तहत एसआरएन अस्पताल के डॉक्टरों ने कौशाम्बी निवासी एक मरीज मेडुकुलर ग्लैंड (लार बनाने की ग्रंथि) के प्लीयु मार्फिट ट्यूमर का नि:शुल्क ऑपरेशन किया। ट्यूमर का वजन दो किलो सौ ग्राम है। डॉक्टरों का दावा है कि यह विश्व का तीसरा बड़ा ट्यूमर है, जिसकी सर्जरी सफल हुई है।
आयुष्मान कार्ड धारक कड़ा कौशाम्बी निवासी 60 वर्षीय मानिक चंद्र लार ग्रंथि में ट्यूमर से परेशान थे। कई अस्पतालों के चक्कर काटे लेकिन इस कठिन सर्जरी के लिए कोई तैयार नहीं हुआ। जहां ऑपरेशन की हामी भरी गई वहां खर्च ढाई से तीन लाख रुपये बताया गया। गरीब मानिक चंद्र के लिए यह स्थिति कठिन थी।
विज्ञापन
कुछ दिन पहले वह एमएलएन मेडिकल कॉलेज में एसआरएन अस्पताल के नाक, कान, गला (ईएंडटी) विभाग पहुंचे। वहां परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। आयुष्मान योजना के तहत मानिक चंद्र को भर्ती किया गया। एनेस्थेटिक डॉ. धर्मेंद यादव ने दूरबीन विधि से ट्यूब डालकर मरीज को बेहोश किया। डॉ. आफताब, डॉ. रामसिया सिंह की देखरेख में डॉ. प्रभात श्रीवास्तव की टीम ने प्लीयु मार्फिट ट्यूमर का ऑपरेशन किया। इस सर्जरी में पूरे साढ़े पांच घंटे लगे। अब मरीज खतरे से बाहर है। टीम में ईएंडटी सर्जन डॉ. संकल्प, डॉ. रिजवान आदि शामिल रहे। प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने ट्यूमर के सफल ऑपरेशन को बड़ी उपलब्धि करार दिया। सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी के मुताबिक यह आयुष्मान योजना के सफल क्रियान्वयन का परिणाम है। नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत योजना डॉ. राहुल सिंह इसका श्रेय एसआरएन के चिकित्सकों और आयुष्मान टीम को दिया है।
विज्ञापन