फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Pitru Paksha: Descendants from Gujarat to Rajasthan performed Pind Daan at Sangam

Pitru Paksha : संगम पर गुजरात से लेकर राजस्थान तक के वंशजों ने किया पिंडदान

Mon, 12 Sep 2022 11:29 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 12 Sep 2022 11:29 PM IST
सार

सोमवार को सुबह से ही वेदियां सजाने का क्रम शुरू हो गया। जगह-जगह वंशज त्रिपिंडी श्राद्ध के लिए वेदियां बनाकर काले, लाल कपड़ों के मंडप सजाते रहे। इसके साथ ही पिंडदान और श्राद्ध होता रहा। तीर्थपुरोहितों की चौकियों पर दिन भर दूर-दराज के इलाके से आने वाले वंशजों की भीड़ लगी रही।

विज्ञापन
Pitru Paksha: Descendants from Gujarat to Rajasthan performed Pind Daan at Sangam
Prayagraj News : संगम तट पर पिंडदान करते लोग। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

पितरों के मोक्ष के लिए सोमवार को को संगम पर गुजरात, राजस्थान तक के वंशज पहुंचे। बसों, ट्रेनों के अलावा अन्य निजी वाहनों से लोग पूर्वजों के श्राद्ध के लिए पहुंच रहे हैं। देर शाम तक त्रिवेणी तट तट वंशजों से गुलजार रहा।

विज्ञापन



सोमवार को सुबह से ही वेदियां सजाने का क्रम शुरू हो गया। जगह-जगह वंशज त्रिपिंडी श्राद्ध के लिए वेदियां बनाकर काले, लाल कपड़ों के मंडप सजाते रहे। इसके साथ ही पिंडदान और श्राद्ध होता रहा। तीर्थपुरोहितों की चौकियों पर दिन भर दूर-दराज के इलाके से आने वाले वंशजों की भीड़ लगी रही। इस दिन तृतीया का श्राद्ध और तर्पण किया गया। संगम में डुबकी लगाने के साथ ही मुंडन कराकर लोग तिल और गंगाजल से तर्पण करते रहे।

विज्ञापन

सनातनी परंपरा में पितृपक्ष में पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान करने के पीछे मोक्ष प्राप्ति की धारणा सदियों पुरानी है। इसीलिए पितृ पक्ष के दौरान पूर्वजों का श्राद्ध करना लोग नहीं भूलते। ज्योतिषाचार्य पं. ब्रजेंद्र मिश्र के मुताबिक पितृपक्ष के दौरान पूर्वजों की आत्माएं धरती पर अपने परिवार के लोगों से अपनी मुक्ति और तृप्ति लेने के लिए आती हैं। इसलिए इस दौरान पिंडदान, तर्पण,अर्पण, अन्न, वस्त्र और शैय्या दान का खास महत्व माना जाता है। यह क्रम संगम पर 25 सितंबर तक चलेगा।


पितृपक्ष में श्राद्ध से सारे कष्ट हो जाते हैं दूर
पितृपक्ष के दौरान जो लोग पितृपक्ष में दौरान सच्ची श्रद्धा से अपने पितरों का श्राद्ध करते हैं उनके सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। श्राद्ध के दौरान पूर्वज अपने परिजनों के हाथों से ही तर्पण स्वीकार करते हैं। इस दौरान पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान अवश्य करना चाहिए। पं. ऋतुराज मिश्र, प्रधान तीर्थपुरोहित।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed