फूलपुर उप चुनाव : क्षत्रिय मतों में बिखराव रोकने को भाजपा ने चला ट्रंप कार्ड, बसपा ने उतारा है ठाकुर प्रत्याशी
कोटवा व आसपास के पांच गांव में क्षत्रिय वोटरों की बहुलता है। सिर्फ कोटवा में ही करीब पांच हजार क्षत्रिय वोट हैं। इनमें कोटवा, ढोकरी, कतवारूपुर, सुदनीपुर कला, छिबैया, सुदनीपुर खुर्द, बजहा, रिठैया शामिल हैं। इन सभी गांवों को मिलाकर करीब 15 हजार क्षत्रिय वोटर हैं।
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फूलपुर उपचुनाव के लिए कोटवा में सीएम की जनसभा का आयोजन क्षत्रिय मतों में बिखराव रोकने के लिए भाजपा का ट्रंप कार्ड खेलना है। कोटवा व आसपास के पांच गांव क्षत्रिय वोटर बहुल हैं। उधर, बसपा के क्षत्रिय प्रत्याशी से भी सजातीय वोटों में सेंधमारी की आशंका भी है। इसी को देखते हुए पार्टी ने वहां अपने प्रत्याशी के लिए समर्थन मांगने को सीधे सीएम को उतारा।
कोटवा व आसपास के पांच गांव में क्षत्रिय वोटरों की बहुलता है। सिर्फ कोटवा में ही करीब पांच हजार क्षत्रिय वोट हैं। इनमें कोटवा, ढोकरी, कतवारूपुर, सुदनीपुर कला, छिबैया, सुदनीपुर खुर्द, बजहा, रिठैया शामिल हैं। इन सभी गांवों को मिलाकर करीब 15 हजार क्षत्रिय वोटर हैं।
अब बात करें लोकसभा चुनाव की तो यहां से विधायक रहे प्रवीण पटेल को अपनी ही विधानसभा में करीब 18 हजार वोटों से पिछड़ना पड़ा था। यही वजह थी कि लोकसभा चुनाव में उनकी जीत का अंतर महज चार हजार वोट रहा।
अपनी ही विधानसभा में 18 हजार वोटों का डेंट भाजपा के लिए चिंता का सबब था। उधर, बसपा की ओर से उपचुनाव में स्थानीय क्षत्रिय प्रत्याशी को उतारे जाने से पार्टी को अपने परंपरागत वोटों में बिखराव की भी आशंका सताने लगी। बसपा प्रत्याशी जीतेंद्र सिंह काेटवा के पास स्थित कतवारूपुर गांव के ही रहने वाले हैं।