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सूर संगीतज्ञ के निधन से शोक में डूबे लोग
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 05 Jul 2016 02:17 AM IST
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संगीतज्ञ की पत्नी को दिलासा देती महिला।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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दोनों आंखों से महरूम संगीत के अध्यापक एवं संगीतज्ञ 60 वर्षीय के.सी.बनर्जी रविवार बीती रात बीमारी की हालत में चल बसे। समाजसेवी बच्चा विश्वकर्मा, उनके शिष्य संकल्प खरे, राहुल दास गुप्ता तथा आसपास रहने वाले उनके पड़ोसियों ने उनका अंतिम संस्कार चंदा एकत्र कर सोमेश्वर घाट अरैल पर सोमवार सुबह कराया। उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में उनके जानने वाले, शिष्य और पड़ोसी शामिल हुए। पति के इस तरह साथ छोड़ कर चले जाने से उनकी पत्नी कुमुद बनर्जी रोती-बिलखती रही। पत्नी भी दोनों आंखों से सूर है। पिछले 40 वर्षों से श्री बनर्जी अपनी पत्नी संग नैनी में बच्चों और बड़ों को संगीत की शिक्षा देकर पारंगत करते रहे और गरीबी में जिदंगी गुजारते रहे। उनकी पत्नी भी संगीत विधा में पारंगत है।
नैनी के जनमानस से पति-पत्नी बेहद करीब से जुड़े रहे। उनके रहने और खाने-पीने की व्यवस्था भी पड़ोसी किया करते थे। नैनी व शहर में उनके सैकड़ों शिष्य है। जिनमें गृहणी, स्कूली बच्चे और छात्र-छात्राएं शामिल है। संगीत विधा के हर क्षेत्र में पति-पत्नी दोनों माहिर रहे। पति के चल बसने से कुमुद अब अकेली रह गई। करीब बीस साल से संगीतज्ञ पति-पत्नी महरा का पुरवा के तिवारी हाता में रहते थे। हाता में निर्माण शुरु होने पर दोनों को सामने सड़क के फुटपाथ पर टेंट लगाकर रहने की व्यवस्था टेंट व्यवसाई लल्लन ने कर दी थी। मोहल्ले के लोगों के यहां से पति-पत्नी का खाना आ जाता था। दोनों की कोई संतान नहीं है। कुमुद का ख्याल मोहल्ले के लोग रखेंगे। क्षेत्रीय नागरिक नरेश भारतीया, लक्ष्मी नारायण साहू, मनोज तिवारी, बब्बू नेता, गुड्डन चायवाला, बाबू लाल मिस्त्री आदि ने कुमुद बनर्जी के भरण-पोषण की जिम्मेदारी ली है। रविवार सुबह संगीतज्ञ के.सी.बनर्जी की अंतिम यात्रा धूमधाम से निकाली गई। जिनमें सैकड़ों लोग शामिल रहे।
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नैनी के जनमानस से पति-पत्नी बेहद करीब से जुड़े रहे। उनके रहने और खाने-पीने की व्यवस्था भी पड़ोसी किया करते थे। नैनी व शहर में उनके सैकड़ों शिष्य है। जिनमें गृहणी, स्कूली बच्चे और छात्र-छात्राएं शामिल है। संगीत विधा के हर क्षेत्र में पति-पत्नी दोनों माहिर रहे। पति के चल बसने से कुमुद अब अकेली रह गई। करीब बीस साल से संगीतज्ञ पति-पत्नी महरा का पुरवा के तिवारी हाता में रहते थे। हाता में निर्माण शुरु होने पर दोनों को सामने सड़क के फुटपाथ पर टेंट लगाकर रहने की व्यवस्था टेंट व्यवसाई लल्लन ने कर दी थी। मोहल्ले के लोगों के यहां से पति-पत्नी का खाना आ जाता था। दोनों की कोई संतान नहीं है। कुमुद का ख्याल मोहल्ले के लोग रखेंगे। क्षेत्रीय नागरिक नरेश भारतीया, लक्ष्मी नारायण साहू, मनोज तिवारी, बब्बू नेता, गुड्डन चायवाला, बाबू लाल मिस्त्री आदि ने कुमुद बनर्जी के भरण-पोषण की जिम्मेदारी ली है। रविवार सुबह संगीतज्ञ के.सी.बनर्जी की अंतिम यात्रा धूमधाम से निकाली गई। जिनमें सैकड़ों लोग शामिल रहे।
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