फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Pending cases should be decided by the new Revenue Code, High Court gave order in the pending mutation petitio

हाईकोर्ट : नई राजस्व संहिता से तय करें लंबित मामले, हाईकोर्ट ने लंबित म्यूटेशन अर्जी मामले में दिया आदेश

Sat, 24 Feb 2024 02:19 PM IST
विनोद सिंह अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 24 Feb 2024 02:19 PM IST
सार

यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र तथा न्यायमूर्ति एसक्यू एच रिजवी की खंडपीठ ने एकलपीठ के आदेश की वैधता की चुनौती में दाखिल अधिवक्ता चंद्र भान सिंह की विशेष अपील को स्वीकार करते हुए दिया है।

विज्ञापन
Pending cases should be decided by the new Revenue Code, High Court gave order in the pending mutation petitio
कोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लंबित म्यूटेशन अर्जी को उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश अधिनियम के बजाय बाद में आए कानून उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा के मुताबिक तय करने के तहसीलदार बांदा के आदेश को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया है।

विज्ञापन


साथ ही तहसीलदार बांदा के आदेश के खिलाफ कानूनी उपबंध लागू करने को लेकर दाखिल याचिका खारिज करने के एकलपीठ के आदेश को भी रद्द कर दिया है। कहा, तहसीलदार तत्समय के कानून के तहत अर्जी तय कर ने के आदेश का पालन करें।
विज्ञापन


यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र तथा न्यायमूर्ति एसक्यू एच रिजवी की खंडपीठ ने एकलपीठ के आदेश की वैधता की चुनौती में दाखिल अधिवक्ता चंद्र भान सिंह की विशेष अपील को स्वीकार करते हुए दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अपीलार्थी का कहना था कि उसने जमीन के म्यूटेशन के लिए उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश अधिनियम के तहत तहसीलदार को अर्जी दी। खारिज करने पर कमिश्नर को अपील की। अपील मंजूर कर कमिश्नर ने तहसीलदार को नए सिरे से आदेश पारित करने का निर्देश दिया।


कोर्ट ने कोई आदेश पारित न कर लंबित रखा तो हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। कोर्ट ने कहा, राजस्व संहिता की धारा 231 से स्पष्ट है कि संहिता लागू होने से पहले लंबित मामले तत्समय के कानून से तय होंगे। इसका पालन नहीं किया गया, जो सही नहीं है। तहसीलदार को 1950 के कानून में अर्जी तय करनी चाहिए न कि 2006 के कानून में।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed