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पीडीए फ्लैट दे नहीं तो पूरा पैसा ब्याज सहित वापस करे : उपभोक्ता आयोग
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने फ्लैट आवंटित होने के बाद कब्जा न दिलाने को सेवा में कमी माना है। आयोग ने कहा कि प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) दो माह में फ्लैट दे नहीं तो पूरा पैसा ब्याज सहित वापस करे।
यह आदेश आयोग के अध्यक्ष मोहम्मद इब्राहीम व सदस्य सरला ने कृष्ण चंद्र गुप्ता की ओर से दायर परिवाद पर दिया। अल्लापुर निवासी कृष्ण चंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया था कि उन्होंने 2013 में कालिंदीपुरम स्थित सुगम बिहार आवास योजना में फ्लैट के लिए आवेदन किया था। उन्हें फ्लैट आवंटित हुआ। जिसकी कुल कीमत 4,86,000 रुपये निर्धारित थी। 25 जनवरी 2016 तक पूरी धनराशि जमा कर दी। लेकिन तय समय (30 माह) के भीतर फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया।
बाद में प्राधिकरण ने भूमि विवाद और हाईकोर्ट में लंबित मामले का हवाला देकर देरी की बात कही और दूसरी योजना में समायोजन की पेशकश की। इसके बावजूद 2018 में प्राधिकरण ने 3,21,657 रुपये बकाया बताकर नोटिस जारी कर दिया।
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आयोग ने प्राधिकरण की ओर से जारी बकाया नोटिस को निरस्त कर दिया। आयोग ने कहा कि निर्धारित समय में कब्जा नहीं दिया जाता है। तो प्राधिकरण को 4,86,000 रुपये की राशि पर 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज (25 जनवरी 2016 से भुगतान तक) देना होगा। इसके साथ ही 20,000 रुपये मानसिक व आर्थिक क्षतिपूर्ति और 10,000 रुपये वाद व्यय भी देने का आदेश दिया।
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यह आदेश आयोग के अध्यक्ष मोहम्मद इब्राहीम व सदस्य सरला ने कृष्ण चंद्र गुप्ता की ओर से दायर परिवाद पर दिया। अल्लापुर निवासी कृष्ण चंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया था कि उन्होंने 2013 में कालिंदीपुरम स्थित सुगम बिहार आवास योजना में फ्लैट के लिए आवेदन किया था। उन्हें फ्लैट आवंटित हुआ। जिसकी कुल कीमत 4,86,000 रुपये निर्धारित थी। 25 जनवरी 2016 तक पूरी धनराशि जमा कर दी। लेकिन तय समय (30 माह) के भीतर फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया।
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बाद में प्राधिकरण ने भूमि विवाद और हाईकोर्ट में लंबित मामले का हवाला देकर देरी की बात कही और दूसरी योजना में समायोजन की पेशकश की। इसके बावजूद 2018 में प्राधिकरण ने 3,21,657 रुपये बकाया बताकर नोटिस जारी कर दिया।
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आयोग ने प्राधिकरण की ओर से जारी बकाया नोटिस को निरस्त कर दिया। आयोग ने कहा कि निर्धारित समय में कब्जा नहीं दिया जाता है। तो प्राधिकरण को 4,86,000 रुपये की राशि पर 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज (25 जनवरी 2016 से भुगतान तक) देना होगा। इसके साथ ही 20,000 रुपये मानसिक व आर्थिक क्षतिपूर्ति और 10,000 रुपये वाद व्यय भी देने का आदेश दिया।