UP News : माफिया अतीक के कब्जे से मुक्त जमीन पर गरीबों के आशियाने का निर्माण ठप, सीएम योगी ने रखी थी नींव
विधानसभा चुनाव 2022 की अधिसूचना जारी होने से ठीक पहले भाजपा सरकार ने माफिया अतीक अहमद के कब्जे इस जमीन को मुक्त कराकर चुनावी दांव खेला था। सरकार एलान किया कि लूकरगंज स्थित इस जमीन पर गरीबों के लिए आवास बनाए जाएंगे।
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लूकरगंज में माफिया अतीक अहमद के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन गरीबों के आशियाने का निर्माण अधर में लटक गया है। यह योजना इस वर्ष के अंत तक ही पूरी की जानी है लेकिन पिछले डेढ़ महीने से ही यहां काम ठप है। बताया जा रहा है कि प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने कार्यदायी संस्था को भुगतान नहीं किया है। जिसके कारण काम ठप पड़ा है। दूसरी तरफ पीडीए के अफसर योजना का काम रुकने के पीछे बाजार में निर्माण सामग्री की कीमतों में बढ़ोतरी को वजह बता रहे हैं।
विधानसभा चुनाव 2022 की अधिसूचना जारी होने से ठीक पहले भाजपा सरकार ने माफिया अतीक अहमद के कब्जे इस जमीन को मुक्त कराकर चुनावी दांव खेला था। सरकार एलान किया कि लूकरगंज स्थित इस जमीन पर गरीबों के लिए आवास बनाए जाएंगे। बाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां भूमि पूजन पहली ईंट रखी। सरकार के इस कदम ने आवास से वंचित लोगों के बीच एक उम्मीद जगा दी। चुनाव में सत्तारूढ़ दल को इस घोषणा का फायदा भी मिला। लेकिन इसके बाद गरीबों के सपनों को जैसे नजर लग गई।
जनवरी 2022 में पीडीए ने लखनऊ की कृष्णा रेफ्रिजरेशन संस्था को आवास तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी। 1731 स्क्वायर मीटर की इस जमीन पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 76 फ्लैट बनने हैं। इमारत को तैयार करने का काम हर हाल में वर्ष के अंत तक यानी 2022 तक पूरा करना था। लेकिन काम की शुरुआत के चार महीने बाद योजना अटक गई। मई में भुगतान न होने के कारण कार्यदायी संस्था ने काम रोक दिया। इसके बाद सबकुछ ठप पड़ा है। हाल यह है कि अभी तक इमारत का ढांचा भी ठीक से खड़ा नहीं हो सका है। फिलहाल इस पूरे मामले में ठेकेदार हो या अधिकारी, किसी के पास माकूल जवाब मौजूद नहीं है।
किसको मिलना है लाभ
इस योजना में तीन लाख रुपये वार्षिक आय पाने वालों को ही पात्र बनाया गया है। शहरी आवासीय योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांगजन, विधवा व एकल महिला, उभयलिंगी एवं वरिष्ठ नागरिकों को वरीयता दी गई है।
कार्यदायी संस्था को भुगतान किया जा रहा है। मार्केट में स्टील व सीमेंट के दाम बढ़ गए थे, जिसकी वजह से कार्य की प्रगति धीमी है। - मनोज मिश्रा, मुख्य अभियंता, प्रयागराज विकास प्राधिकरण।
भुगतान का संकट बना हुआ है। साथ ही पीडीए द्वारा नक्शे की डिजाइन में भी परिवर्तन कर दिया गया। जिसका बजट अप्रूव नहीं हो पा रहा है। - गोविंद मिश्रा, ठेकेदार, कृष्णा रेफ्रिजरेशन, लखनऊ।