पीसीएस प्री के रिजल्ट पर असंतोष
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के बैनर तले पहुंचे अभ्यर्थियों का कहना था कि आयोग की ओर से पूर्व में जारी उत्तर कुंजी के अनुसार 105, 107 प्रश्नों का सही जवाब देने वाले अभ्यर्थी असफल हो गए हैं, जबकि जिनका 98 सवालों के जवाब सही हैं वे सफल हैं। उन्होंने रिजल्ट में गड़बड़ी की आशंका जताई। प्रतियोगियों का यह भी कहना था कि आयोग में पूर्व में प्रस्तावित हुआ था कि रिजल्ट के साथ संशोधित उत्तर कुंजी और कटऑफ जारी कर दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने जल्द से जल्द संशोधित उत्तर कुंजी जारी करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में अवनीश पांडेय, रजनीश, विक्की खान, जफीर अहमद, शैलेश सिंह, अशोक पांडेय, छत्रपाल सिंह, नवीन कुमार तिवारी, विकास, संदीप यादव, एसके राय आदि शामिल रहे।
भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा की बैठक में भी रिजल्ट पर असंतोष व्यक्त किया गया है। बैठक में शामिल अभ्यर्थियों ने रिजल्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने तेज आंदोलन की घोषणा की। आंदोलन की रणनीति पर चर्चा के लिए मोर्चा की रविवार को शाम 5.30 बजे इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन पर बैठक बुलाई गई है। बैठक में कौशल सिंह, लालजी द्विवेदी, कुंवर साहब सिंह, अमरदीप सिंह, अभिषेक सिंह, धर्मेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे। आयोग के सचिव सुरेश कुमार सिंह का कहना है कि जल्द से जल्द कटऑफ और उत्तर कुंजी जारी की जाएगी।
पीसीएस-2016 प्रारंभिक परीक्षा को लेकर व्याप्त असंतोष के बीच त्रिस्तरीय आरक्षण का मुद्दा भी उठने लगा है। हालांकि आयोग ने अभी कटऑफ जारी नहीं किया है, लेकिन अभ्यर्थियाें का कहना है कि सामान्य का अधिकतम कटऑफ 171 तथा न्यूनतम 140 अंक गया है। वहीं ओबीसी का अधिकतम कटऑफ 167 तथा न्यूनतम 143 अंक है। इस तरह से ओबीसी का न्यूनतम कटऑफ दो अंक अधिक गया है। इसके अलावा आयोग की ओर से घोषित प्री के रिजल्ट में आरक्षण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका का जिक्र किया गया है। इन बिंदुओं को ध्यान में रखकर उनका आरोप है कि इसमें त्रिस्तरीय आरक्षण व्यवस्था लागू की गई है। हालांकि आयोग के अफसरों ने इससे साफतौर पर इंकार किया है। उनका कहना है कि पीसीएस-2016 में आरक्षण को लेकर कोई भी बदलाव नहीं किया गया है।
पीसीएस-2016 के रिजल्ट को लेकर अभ्यर्थियों के असंतोष के पीछे सीसैट को भी कारण माना जा रहा है। प्रतियोगियों की मांग पर सिविल सर्विसेज की तर्ज पर पीसीएस में भी सीसैट के पेपर को क्वालीफाइंग कर दिया गया है। इसके तहत न्यनूतम 33 फीसदी अंक पानेे वालों को क्वालीफाई कराया गया। सामान्य अध्ययन में अधिक पाने का दावा करने वाले अभ्यर्थियों के सफल न होने के पीछे इसे भी कारण माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि सामान्य अध्ययन में अच्छा करने वाले बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सीसैट में क्वालीफाई भी नहीं कर पाए।