{"_id":"57dafe814f1c1bf504d47b37","slug":"pcs-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट गठित करेगा विशेषज्ञ समिति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट गठित करेगा विशेषज्ञ समिति
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Fri, 16 Sep 2016 01:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 2016 में पूछे गए प्रश्नों के विकल्पीय उत्तर गलत दिए जाने के मामले में हाईकोर्ट विशेषज्ञ समिति गठित करेगा। इस मामले में लोक सेवा आयोग द्वारा गठित कमेटी की रिपोर्ट हाईकोर्ट ने नहीं मानी है। इस बीच कोर्ट ने मुख्य परीक्षा के आयोजन पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। सुशील कुमार सिंह और 61 अन्य ने याचिका दाखिल कर प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम को चुनौती दी है। जस्टिस दिलीप गुप्ता और जस्टिस एमके गुप्ता की पीठ 17 सितंबर को इस मामले की सुनवाई करेगी।
इससे पूर्व कोर्ट ने याची और आयोग के वकीलों से विशेषज्ञों के नाम देने के लिए कहा था। दोनों ओर से दो-दो विशेषज्ञों के नाम सुझाए गए हैं। कोर्ट ने सामान्य अध्ययन के लिए प्रदेश सरकार की अधिवक्ता मीनाक्षी सिंह को भी एक विशेषज्ञ का नाम देने के लिए कहा है। अगली तिथि पर इन नामों से कोर्ट कोई पैनल बना सकती है, जिसकी रिपोर्ट मिलने के बाद विवाद तय किया जाएगा। याचिका में कहा गया है कि प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गए सात प्रश्नों के बहुविकल्पीय उत्तर गलत दिए गए थे। उनमें कोई भी विकल्प प्रश्न का सही जवाब नहीं था। इसके बावजूद गलत उत्तरों के आधार पर अभ्यर्थियों को अंक दिए गए जबकि सही उत्तर देने वालों के अंक कट गए। यदि इसे संशोधित कर परिणाम जारी किया जाए तो याचीगण प्रारंभिक परीक्षा में सफल घोषित हो सकते हैं।
विज्ञापन
इससे पूर्व कोर्ट ने याची और आयोग के वकीलों से विशेषज्ञों के नाम देने के लिए कहा था। दोनों ओर से दो-दो विशेषज्ञों के नाम सुझाए गए हैं। कोर्ट ने सामान्य अध्ययन के लिए प्रदेश सरकार की अधिवक्ता मीनाक्षी सिंह को भी एक विशेषज्ञ का नाम देने के लिए कहा है। अगली तिथि पर इन नामों से कोर्ट कोई पैनल बना सकती है, जिसकी रिपोर्ट मिलने के बाद विवाद तय किया जाएगा। याचिका में कहा गया है कि प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गए सात प्रश्नों के बहुविकल्पीय उत्तर गलत दिए गए थे। उनमें कोई भी विकल्प प्रश्न का सही जवाब नहीं था। इसके बावजूद गलत उत्तरों के आधार पर अभ्यर्थियों को अंक दिए गए जबकि सही उत्तर देने वालों के अंक कट गए। यदि इसे संशोधित कर परिणाम जारी किया जाए तो याचीगण प्रारंभिक परीक्षा में सफल घोषित हो सकते हैं।
विज्ञापन