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परीक्षा कार्यक्रम जारी न होने से अभ्यर्थियों में ऊहापोह
Sat, 11 May 2019 11:17 PM IST
विनोद सिंह
Prayagraj
Prayagraj
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 11 May 2019 11:17 PM IST
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया तो शुरू कर दी, लेकिन परीक्षा कार्यक्रम अब तक अटका हुआ है। मुख्य परीक्षा 17 जून से प्रस्तावित है, लेकिन किस विषय की परीक्षा कब होगी, यह परीक्षा कार्यक्रम जारी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। अभ्यर्थियों में ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। इस बार पीसीएस मुख्य परीक्षा नए पैटर्न पर होगी, सो परीक्षा कार्यक्रम समय से जारी न होने के कारण अभ्यर्थियों को तैयारी करने में दिक्कत आ रही है।
यूपीपीएससी की ओर से पीसीएस-2018 की प्रारंभिक परीक्षा पिछले साल 28 अक्तूबर को आयोजित की गई थी, जिसमें तीन लाख 98 हजार 630 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। पीसीएस के 988 पदों पर भर्ती के लिए प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम इस साल 30 मार्च को जारी किया गया था और इसमें 19096 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए सफल घोषित किया गया था। मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन आयोग ने अब तक परीक्षा कार्यक्रम जारी नहीं किया है। इससे अभ्यर्थियों में ऊहापोह की स्थिति है। अभ्यर्थियों का कहना है कि इस बार पीसीएस मुख्य परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा की तर्ज आयोजित की जा रही है। पैटर्न बिल्कुल नया है और तैयारी के लिए वक्त कम बचा है। किस विषय की परीक्षा कब होगी, आयोग ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है। इसकी वजह से तैयारी के लिए टाइम टेबल का निर्धारण कर पाना मुश्किल हो गया है, जबकि इस वक्त तैयारी के लिए प्रत्येक दिन महत्वपूर्ण है। अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग की इस लचर कार्यप्रणाली के कारण तैयारी प्रभावित हो रही है।
परीक्षा टलवाने के लिए आयोग में प्रदर्शन कल
अभ्यर्थी चाहते हैं कि पीसीएस मुख्य परीक्षा कुछ दिनों के लिए टाल दिया जाए और परीक्षा की तारीख आगे बढ़ा दी जाए, ताकि नए पैटर्न पर पहली बार आयोजित होने जा रही परीक्षा की तैयारी ठीक से की जा सके। इस मांग को लेकर अभ्यर्थी 13 मई को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में धरना-प्रदर्शन करेंगे। कुछ दिनों पहले भी इसी मुद्दे पर अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया था और आयोग के प्रतिनिधियों ने आश्वस्त किया था कि उनके ज्ञापन को विचार के लिए आयोग के समक्ष रखा जाएगा, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ। अभ्यर्थियों ने शनिवार को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या से मिलकर उन्हें भी ज्ञापन दिया और परीक्षा टाले जाने की मांग की।
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यूपीपीएससी की ओर से पीसीएस-2018 की प्रारंभिक परीक्षा पिछले साल 28 अक्तूबर को आयोजित की गई थी, जिसमें तीन लाख 98 हजार 630 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। पीसीएस के 988 पदों पर भर्ती के लिए प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम इस साल 30 मार्च को जारी किया गया था और इसमें 19096 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए सफल घोषित किया गया था। मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन आयोग ने अब तक परीक्षा कार्यक्रम जारी नहीं किया है। इससे अभ्यर्थियों में ऊहापोह की स्थिति है। अभ्यर्थियों का कहना है कि इस बार पीसीएस मुख्य परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा की तर्ज आयोजित की जा रही है। पैटर्न बिल्कुल नया है और तैयारी के लिए वक्त कम बचा है। किस विषय की परीक्षा कब होगी, आयोग ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है। इसकी वजह से तैयारी के लिए टाइम टेबल का निर्धारण कर पाना मुश्किल हो गया है, जबकि इस वक्त तैयारी के लिए प्रत्येक दिन महत्वपूर्ण है। अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग की इस लचर कार्यप्रणाली के कारण तैयारी प्रभावित हो रही है।
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परीक्षा टलवाने के लिए आयोग में प्रदर्शन कल
अभ्यर्थी चाहते हैं कि पीसीएस मुख्य परीक्षा कुछ दिनों के लिए टाल दिया जाए और परीक्षा की तारीख आगे बढ़ा दी जाए, ताकि नए पैटर्न पर पहली बार आयोजित होने जा रही परीक्षा की तैयारी ठीक से की जा सके। इस मांग को लेकर अभ्यर्थी 13 मई को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में धरना-प्रदर्शन करेंगे। कुछ दिनों पहले भी इसी मुद्दे पर अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया था और आयोग के प्रतिनिधियों ने आश्वस्त किया था कि उनके ज्ञापन को विचार के लिए आयोग के समक्ष रखा जाएगा, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ। अभ्यर्थियों ने शनिवार को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या से मिलकर उन्हें भी ज्ञापन दिया और परीक्षा टाले जाने की मांग की।
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