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ट्रेनों में यात्रियों को मिलेगी हाट स्पॉट की सुविधा, स्लीपर के यात्रियों को भी मिलेगा लाभ
Sat, 02 Nov 2019 09:00 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 02 Nov 2019 09:00 PM IST
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- फोटो : प्रयागराज
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रेलवे अब अपने मुसाफिरों को हाट स्पॉट की सुविधा देगा, इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) समेत सभी जोन की ट्रेनों में यात्री इस सहूलियत का लाभ उठा सकेंगे। प्रयागराज आए चेयरमैन रेलवे बोर्ड (सीआरबी) वीके यादव ने बताया कि हाट स्पॉट की सुविधा सिर्फ एसी ही नहीं, स्लीपर कोच में भी यात्रियों को दी जाएगी। इसके अलावा देश में डेडीकेटेेड फ्रेट कॉरीडोर कारपोरेशन (डीएफसीसी) के तीन और नए मार्ग बनेंगे। इस योजना में चार लाख करोड़ रुपये की लागत आएगी।
शनिवार को उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में एनसीआर और केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन (कोर) की समीक्षा बैठक में शिरकत करने आए सीआरबी ने कहा कि अभी कुछ चुनिंदा विमानन कंपनियां अपने यात्रियों को हाट स्पॉट की सुविधा दे रही है। अब यही सुविधा ट्रेनों में भी यात्रियों को मिलेगी। ताकि चलती ट्रेन में लोग आसानी से इंटरनेट का प्रयोग कर सकें। इसके लिए रेलवे बोर्ड स्तर से बिडिंग की प्रक्रिया चल रही है। अभी हाट स्पॉट से वाई फाई की यह सुविधा वंदे भारत और लखनऊ तेजस के यात्रियों को ही मिल रही है।
जीएम एनसीआर राजीव चौधरी की मौजूदगी में संवाददाताओं से हुई बातचीत में सीआरबी ने कहा कि डीएफसीसी के तीन और नए रेल मार्ग का निर्माण होगा। यह मार्ग हैं खड़गपुर-विजयवाड़ा, मुंबई-कोलकाता और दिल्ली-चेन्नई। इन तीन मार्ग का चयन इसलिए किया गया है कि क्योंकि दिल्ली-हावड़ा, दिल्ली-मुंबई के बाद सर्वाधिक मालगाड़ी इन्हीं रूट पर चल रही है। इन तीन फ्रेट कॉरीडोर की लंबाई 5800 किलोमीटर रहेगी। उधर लुधियाना से कोलकाता के बीच बन रहे डीएफसीसी में वर्तमान में 200 किमी क्षेत्र तक मालगाड़ियां चल रही हैं। मार्च 2020 तक इस रूट के 800 किमी क्षेत्र में मालगाड़ियों का संचालन एवं दिसंबर 2021 तक इस पूरे रूट पर मालगाड़ियों का संचालन शुरू हो जाएगा।
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खत्म होगी वेटिंग लिस्ट की झंझट, बढ़ेगी 150 यात्री ट्रेनें
सीआरबी ने एनसीआर मुख्यालय में हुई प्रेसवार्ता में बताया कि ट्रेनों से वेटिंग लिस्ट खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। दिल्ली-हावड़ा रूट पर डीएफसीसी का काम पूरा होने के बाद इस मार्ग पर चलने वाली मालगाड़ियां डीएफसीसी रूट पर शिफ्ट कर दी जाएगी। इसके बाद इस रूट पर यात्री ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। यह संख्या 150 तक भी हो सकती है। देश के अन्य महत्वपूर्ण रूट पर भी यही तैयारी है। डिमांड के हिसाब से यात्री ट्रेनों की संख्या बढ़ाकर प्रतीक्षा सूची खत्म करने की तैयारी है।
चार वर्ष में तैयार हो जाएगी दीवार, 160 होगी स्पीड
देश के दो प्रमुख रूट दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-मुंबई रूट पर ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 160 अगले चार वर्ष में हो जाएगी। इसके लिए इन दोनों महत्वपूर्ण मार्गों पर ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए ट्रैक के दोनों ओर दीवार का निर्माण होगा। सीआरबी के मुताबिक दीवार बनाने का काम शीघ्र शुरू होगा। चार वर्ष में दीवार तैयार हो जाएगी।
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शनिवार को उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में एनसीआर और केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन (कोर) की समीक्षा बैठक में शिरकत करने आए सीआरबी ने कहा कि अभी कुछ चुनिंदा विमानन कंपनियां अपने यात्रियों को हाट स्पॉट की सुविधा दे रही है। अब यही सुविधा ट्रेनों में भी यात्रियों को मिलेगी। ताकि चलती ट्रेन में लोग आसानी से इंटरनेट का प्रयोग कर सकें। इसके लिए रेलवे बोर्ड स्तर से बिडिंग की प्रक्रिया चल रही है। अभी हाट स्पॉट से वाई फाई की यह सुविधा वंदे भारत और लखनऊ तेजस के यात्रियों को ही मिल रही है।
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जीएम एनसीआर राजीव चौधरी की मौजूदगी में संवाददाताओं से हुई बातचीत में सीआरबी ने कहा कि डीएफसीसी के तीन और नए रेल मार्ग का निर्माण होगा। यह मार्ग हैं खड़गपुर-विजयवाड़ा, मुंबई-कोलकाता और दिल्ली-चेन्नई। इन तीन मार्ग का चयन इसलिए किया गया है कि क्योंकि दिल्ली-हावड़ा, दिल्ली-मुंबई के बाद सर्वाधिक मालगाड़ी इन्हीं रूट पर चल रही है। इन तीन फ्रेट कॉरीडोर की लंबाई 5800 किलोमीटर रहेगी। उधर लुधियाना से कोलकाता के बीच बन रहे डीएफसीसी में वर्तमान में 200 किमी क्षेत्र तक मालगाड़ियां चल रही हैं। मार्च 2020 तक इस रूट के 800 किमी क्षेत्र में मालगाड़ियों का संचालन एवं दिसंबर 2021 तक इस पूरे रूट पर मालगाड़ियों का संचालन शुरू हो जाएगा।
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खत्म होगी वेटिंग लिस्ट की झंझट, बढ़ेगी 150 यात्री ट्रेनें
सीआरबी ने एनसीआर मुख्यालय में हुई प्रेसवार्ता में बताया कि ट्रेनों से वेटिंग लिस्ट खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। दिल्ली-हावड़ा रूट पर डीएफसीसी का काम पूरा होने के बाद इस मार्ग पर चलने वाली मालगाड़ियां डीएफसीसी रूट पर शिफ्ट कर दी जाएगी। इसके बाद इस रूट पर यात्री ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। यह संख्या 150 तक भी हो सकती है। देश के अन्य महत्वपूर्ण रूट पर भी यही तैयारी है। डिमांड के हिसाब से यात्री ट्रेनों की संख्या बढ़ाकर प्रतीक्षा सूची खत्म करने की तैयारी है।
चार वर्ष में तैयार हो जाएगी दीवार, 160 होगी स्पीड
देश के दो प्रमुख रूट दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-मुंबई रूट पर ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 160 अगले चार वर्ष में हो जाएगी। इसके लिए इन दोनों महत्वपूर्ण मार्गों पर ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए ट्रैक के दोनों ओर दीवार का निर्माण होगा। सीआरबी के मुताबिक दीवार बनाने का काम शीघ्र शुरू होगा। चार वर्ष में दीवार तैयार हो जाएगी।