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कई जगह रहे बूथ कैप्चरिंग जैसे रहे हालात
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 14 Oct 2015 12:17 AM IST
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पंचायत चुनाव का दूसरा चरण बवाल की भेंट चढ़ गया। चाका में तो कई जगह बूथ कैप्चरिंग जैसे हालात रहे। विरोध करने वालों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। शंकरगढ़ में भी भाजपा के एजेंट को धमकी दी गई और उसे मारापीटा गया। कौड़िहार में बीडीसी सदस्य पद के दो प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच जमकर मारपीट हुई। दिनभर शिकायतें आती रहीं कि दबंग प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने वोटरों को बूथों से बाहर निकल कर मतपत्रों को अपने कब्जे में ले लिया है और अपने हिसाब से वोट डाल रहे हैं।
पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में तहत मंगलवार को चाका, कौंधियारा, शंकरगढ़, जसरा और कौड़िहार ब्लॉक में हुए मतदान के दौरान जिला पंचायत सदस्य पद के लिए 388 और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए 2730 प्रत्याशी मैदान में थे लेकिन सबकी नजर शंकरगढ़ ब्लॉक के वार्ड 73 एवं 74 और चाका के वार्ड 59 पर टिकी हुई थी। शंकरगढ़ के वार्ड 74 से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष केशरी देवी पटेल और वार्ड 73 से उनकी बहू लक्ष्मी सिंह पटेल जिला पंचायत सदस्य पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं। वार्ड 73 से ही भाजपा नेता सुबोध सिंह की पत्नी साधना सिंह भी चुनाव लड़ रही हैं जबकि चाका ब्लॉक के वार्ड 59 से हिस्ट्रीशीटर दिलीप मिश्र की पत्नी अर्चना मिश्रा चुनाव मैदान में हैं। अर्चना को सपा का समर्थन प्राप्त है जबकि केशरी देवी और उनकी बहू बसपा एवं साधना सिंह भाजपा के समर्थन से चुनाव लड़ रही हैं।
इन्हीं वार्डों में टकराव की सबसे ज्यादा आशंका थी। शंकरगढ़ में तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए गए लेकिन चाका में मतदान के दौरान कई जगह बूथ कैप्चरिंग जैसे हालात बने रहे। शंकरगढ़ के वार्ड नंबर 73 के पगुआर में भाजपा एजेंट को धमकाने और दो पक्षों में मारपीट की सूचना आई लेकिन चाका में कई केंद्रों में मतपत्रों पर कब्जे, दो पक्षों के बीच मारपीट की सूचना दिनभर आती रही। 90 फीसदी शिकायतें वार्ड नंबर 59 से आ रही थीं। यही वजह रही कि प्रशासन को चाका के वार्ड 59 के दो बूथों पर पुनर्मतदान कराने का निर्णय लेना पड़ा लेकिन कुछ प्रत्याशी इस फैसले से संतुष्ट नजर नहीं आए। उनकी मांग है कि आधा दर्जन बूथों पर पुनर्मतदान कराया जाए। वार्ड 59 से जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी राधा पासी ने मुख्य मंत्री, जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचन आयोग को पत्र भेजकर तेंदुआवन, नरसिंहपुर, चकबबुरा सहित आधा दर्जन केेंद्रों पर पुनर्मदान की मांग की है। ये वही केंद्र हैं, जहां दिन भर बवाल होता रहा। समर्थकों में मारपीट और बूथों पर कब्जे की शिकायतें भी आती रहीं।
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पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में तहत मंगलवार को चाका, कौंधियारा, शंकरगढ़, जसरा और कौड़िहार ब्लॉक में हुए मतदान के दौरान जिला पंचायत सदस्य पद के लिए 388 और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए 2730 प्रत्याशी मैदान में थे लेकिन सबकी नजर शंकरगढ़ ब्लॉक के वार्ड 73 एवं 74 और चाका के वार्ड 59 पर टिकी हुई थी। शंकरगढ़ के वार्ड 74 से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष केशरी देवी पटेल और वार्ड 73 से उनकी बहू लक्ष्मी सिंह पटेल जिला पंचायत सदस्य पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं। वार्ड 73 से ही भाजपा नेता सुबोध सिंह की पत्नी साधना सिंह भी चुनाव लड़ रही हैं जबकि चाका ब्लॉक के वार्ड 59 से हिस्ट्रीशीटर दिलीप मिश्र की पत्नी अर्चना मिश्रा चुनाव मैदान में हैं। अर्चना को सपा का समर्थन प्राप्त है जबकि केशरी देवी और उनकी बहू बसपा एवं साधना सिंह भाजपा के समर्थन से चुनाव लड़ रही हैं।
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इन्हीं वार्डों में टकराव की सबसे ज्यादा आशंका थी। शंकरगढ़ में तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए गए लेकिन चाका में मतदान के दौरान कई जगह बूथ कैप्चरिंग जैसे हालात बने रहे। शंकरगढ़ के वार्ड नंबर 73 के पगुआर में भाजपा एजेंट को धमकाने और दो पक्षों में मारपीट की सूचना आई लेकिन चाका में कई केंद्रों में मतपत्रों पर कब्जे, दो पक्षों के बीच मारपीट की सूचना दिनभर आती रही। 90 फीसदी शिकायतें वार्ड नंबर 59 से आ रही थीं। यही वजह रही कि प्रशासन को चाका के वार्ड 59 के दो बूथों पर पुनर्मतदान कराने का निर्णय लेना पड़ा लेकिन कुछ प्रत्याशी इस फैसले से संतुष्ट नजर नहीं आए। उनकी मांग है कि आधा दर्जन बूथों पर पुनर्मतदान कराया जाए। वार्ड 59 से जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी राधा पासी ने मुख्य मंत्री, जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचन आयोग को पत्र भेजकर तेंदुआवन, नरसिंहपुर, चकबबुरा सहित आधा दर्जन केेंद्रों पर पुनर्मदान की मांग की है। ये वही केंद्र हैं, जहां दिन भर बवाल होता रहा। समर्थकों में मारपीट और बूथों पर कब्जे की शिकायतें भी आती रहीं।
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