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सिने पर्दे से दूर ही रही पद्मावत
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 26 Jan 2018 02:09 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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नेशनल रिलीज की तय तारीख और प्रदर्शन के तमाम दावों के बावजूद बृहस्पतिवार को इलाहाबाद के किसी भी सिनेमाघर में फिल्म ‘पद्मावत’ नहीं दिखाई गई। पीवीआर हो या स्टार वर्ल्ड या फिर कार्निवाल सिनेमॉज, सभी के प्रबंधन के पास टका सा जवाब था, ‘हायर अथॉरिटीज’ से अनुमति नहीं मिली। कुल मिलाकर फिल्म के प्रदर्शन को लेकर देश भर में उपजे माहौल के चलते सिनेमा प्रबंधन फिल्म के प्रदर्शन की हिम्मत नहीं जुटा सके।
हालांकि तकरीबन सभी सिनेमाघरों के पास फिल्म डाउनलोड थी और डिस्ट्रीब्यूटर की ओर से केडीएम (की डिलेवरी मैसेज) मिलते ही थोड़ी देर में फिल्म प्रदर्शित की जा सक ती थी, लेकिन जब प्रसारण को तैयार सिनेमाघरों ने अपने पांव पीछे कर लिए तो बाकी के सिनेमाघरों ने भी कोई हिम्मत नहीं जुटाई। फिलहाल छह सिनेमाघरों की 10 स्क्त्रस्ीन पर पद्मावत दिखाई जानी थी लेकिन किसी भी सिनेमाघर में नहीं दिखाई गई।
खास बात यह कि पहले से तय शिड्यूल के मुताबिक बृहस्पतिवार को पद्मावत ही दिखाई जानी थी लेकिन पद्मावत नहीं दिखाई जा सकी तो ऐन वक्त पर सिनेमाघरों में दूसरी फिल्म भी नहीं दिखाई गई।
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पीवीआर के ड्यूटी मैनेजर प्रशांत शर्मा, पायल-झंकार कार्निवाल सिनेमाज के प्रबंधक विमल भराली और गौतम, संगीत, दर्पण स्टार वर्ल्ड सिनेमॉज के मालिक आशुतोष अग्रवाल ने कहा, स्थिति को देखते हुए ही शुक्रवार को फिल्म के प्रसारण के बारे में कोई निर्णय लिया जा सकेगा। वहीं पैलेस सिनेमा के प्रबंधक ललित किशोर श्रीवास्तव और राजकरन के प्रबंधक अकील खान ने कहा कि स्थितियां दर्शकों के अनुकूल हुईं तभी प्रसारण किया जाएगा, अन्यथा नहीं।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की युवा शाखा के कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को पीवीआर सिनेमाज के सामने पहुंचकर नारे लगाए और फिल्म के प्रसारण का बंद करने की मांग की। हालांकि शो से पहले ही शहर के संबंधित सिनेमाघरों ने फिल्म पद्मावत न दिखाए जाने का फैसला ले लिया था, लिहाजा सिनेमाहाल बंद थे। क्षत्रिय महासभा की युवा शाखा के कार्यकर्ताओं ने संगठन मंत्री उत्पल सिंह पराशर के नेतृत्व में पीवीआर पहुंचकर भंसाली के नाम सहित ‘पत्थर को भी कर दे पानी, जय भवानी, जय भवानी’, वैन पद्मावत, ‘मां पद्मावती का अपमान, नहीं सहेगा हिन्दुस्तान’ जैसे नारे लगाए, प्रदर्शन किया। बाद में वहां मौजूद पुलिस अफसरों ने उन्हें वहां से जाने को कहा। प्रदर्शन करने वालों में वैभव शाही, रमेंद्र प्रताप सिंह, अपूर्व सिंह, अभिषेक सिंह, राहुल सिंह, शोभित सिंह, प्रिंस सिंह बागी, राज, गोलू आदि शामिल थे। वहीं रिटायर्ड आईएएस अधिकारी डॉ.सूर्य प्रताप सिंह ने फिल्म के विरोध में युवाओं से लखनऊ पहुंचने की अपील की है।
युवा भाजपा नेता राणा यशवंत प्रताप सिंह के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को सुभाष चौराहे से लेकर हॉट स्टफ चौराहे तक शांति मार्च निकाला गया। इस दौरान आम जन मानस से हिन्दू धर्म के इतिहास और संस्कृति से छेड़छाड़ करने वाली फिल्म पद्मावत को न देखने, बहिष्कार करने की अपील की गई ताकि ऐसी फिल्म बनाने वाले निर्माताओं को सबक मिल सके। प्रदर्शन करने वालों में मोहित सिंह, विजय प्रताप सिंह, शिवा पांडेय, अभिषेक पांडेय आदि शामिल थे।
फिल्म पद्मावत प्रदर्शित न किए जाने पर पीवीआर सिनेमाज ने दर्शकों के पैसे लौटाए। ड्यूटी मैनेजर सहित अन्य मैनेजर्स पैसे लेकर गेट के पास भी खड़े रहे और टिकट देखकर दर्शकों के पैसे लौटाते रहे।
पीवीआर में बृहस्पतिवार के अलग-अलग शो के लिए विंडो या ऑनलाइन तकरीबन डेढ़ हजार से ज्यादा टिकट बुक किए गए थे। ऐसे में फिल्म का प्रसारण न किए जाने पर पीवीआर प्रबंधन ने विंडो बुकिंग वाली टिकट के पैसे लौटाए। वहीं फिल्म को लेकर बने माहौल के चलते किसी अन्य सिनेमाघर की ओर से एडवांस बुकिंग नहीं की गई थी।
पहले ही दिन फिल्म पद्मावत देखने की आस संजोए दर्शक जब सिनेमाघर पहुंचे तो उन्हें निराशा ही हाथ लगी। बृहस्पतिवार को फिल्म का प्रदर्शन बंद था। पीवीआर पहुंचे झूंसी के राहुल ने कहा, अब तक जो पता चला है, उसमें ऐसा कुछ नहीं कि प्रदर्शन रोका जाए। बैन नहीं होना चाहिए था। अगर कोई आपत्ति है तो सेंसर बोर्ड ही नहीं पास करता। वहीं सीएमपी के बीए के छात्र अनुराग यादव ने कहा, दूर से आना बेकार गया। सब तय होने के बाद फिल्म बंद करने का कोई औचित्य नहीं है। करेली से आए दोस्तों मुहम्मद इमरान, नौशाद और निहाल ने कहा, हमने इसीलिए एडवांस बुकिंग कराई थी ताकि ऐन वक्त पर दिक्कत न हो, लेकिन यहां आने पर मायूसी हाथ लगी। फिल्म को बंद नहीं करना चाहिए था।
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हालांकि तकरीबन सभी सिनेमाघरों के पास फिल्म डाउनलोड थी और डिस्ट्रीब्यूटर की ओर से केडीएम (की डिलेवरी मैसेज) मिलते ही थोड़ी देर में फिल्म प्रदर्शित की जा सक ती थी, लेकिन जब प्रसारण को तैयार सिनेमाघरों ने अपने पांव पीछे कर लिए तो बाकी के सिनेमाघरों ने भी कोई हिम्मत नहीं जुटाई। फिलहाल छह सिनेमाघरों की 10 स्क्त्रस्ीन पर पद्मावत दिखाई जानी थी लेकिन किसी भी सिनेमाघर में नहीं दिखाई गई।
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खास बात यह कि पहले से तय शिड्यूल के मुताबिक बृहस्पतिवार को पद्मावत ही दिखाई जानी थी लेकिन पद्मावत नहीं दिखाई जा सकी तो ऐन वक्त पर सिनेमाघरों में दूसरी फिल्म भी नहीं दिखाई गई।
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पीवीआर के ड्यूटी मैनेजर प्रशांत शर्मा, पायल-झंकार कार्निवाल सिनेमाज के प्रबंधक विमल भराली और गौतम, संगीत, दर्पण स्टार वर्ल्ड सिनेमॉज के मालिक आशुतोष अग्रवाल ने कहा, स्थिति को देखते हुए ही शुक्रवार को फिल्म के प्रसारण के बारे में कोई निर्णय लिया जा सकेगा। वहीं पैलेस सिनेमा के प्रबंधक ललित किशोर श्रीवास्तव और राजकरन के प्रबंधक अकील खान ने कहा कि स्थितियां दर्शकों के अनुकूल हुईं तभी प्रसारण किया जाएगा, अन्यथा नहीं।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की युवा शाखा के कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को पीवीआर सिनेमाज के सामने पहुंचकर नारे लगाए और फिल्म के प्रसारण का बंद करने की मांग की। हालांकि शो से पहले ही शहर के संबंधित सिनेमाघरों ने फिल्म पद्मावत न दिखाए जाने का फैसला ले लिया था, लिहाजा सिनेमाहाल बंद थे। क्षत्रिय महासभा की युवा शाखा के कार्यकर्ताओं ने संगठन मंत्री उत्पल सिंह पराशर के नेतृत्व में पीवीआर पहुंचकर भंसाली के नाम सहित ‘पत्थर को भी कर दे पानी, जय भवानी, जय भवानी’, वैन पद्मावत, ‘मां पद्मावती का अपमान, नहीं सहेगा हिन्दुस्तान’ जैसे नारे लगाए, प्रदर्शन किया। बाद में वहां मौजूद पुलिस अफसरों ने उन्हें वहां से जाने को कहा। प्रदर्शन करने वालों में वैभव शाही, रमेंद्र प्रताप सिंह, अपूर्व सिंह, अभिषेक सिंह, राहुल सिंह, शोभित सिंह, प्रिंस सिंह बागी, राज, गोलू आदि शामिल थे। वहीं रिटायर्ड आईएएस अधिकारी डॉ.सूर्य प्रताप सिंह ने फिल्म के विरोध में युवाओं से लखनऊ पहुंचने की अपील की है।
युवा भाजपा नेता राणा यशवंत प्रताप सिंह के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को सुभाष चौराहे से लेकर हॉट स्टफ चौराहे तक शांति मार्च निकाला गया। इस दौरान आम जन मानस से हिन्दू धर्म के इतिहास और संस्कृति से छेड़छाड़ करने वाली फिल्म पद्मावत को न देखने, बहिष्कार करने की अपील की गई ताकि ऐसी फिल्म बनाने वाले निर्माताओं को सबक मिल सके। प्रदर्शन करने वालों में मोहित सिंह, विजय प्रताप सिंह, शिवा पांडेय, अभिषेक पांडेय आदि शामिल थे।
फिल्म पद्मावत प्रदर्शित न किए जाने पर पीवीआर सिनेमाज ने दर्शकों के पैसे लौटाए। ड्यूटी मैनेजर सहित अन्य मैनेजर्स पैसे लेकर गेट के पास भी खड़े रहे और टिकट देखकर दर्शकों के पैसे लौटाते रहे।
पीवीआर में बृहस्पतिवार के अलग-अलग शो के लिए विंडो या ऑनलाइन तकरीबन डेढ़ हजार से ज्यादा टिकट बुक किए गए थे। ऐसे में फिल्म का प्रसारण न किए जाने पर पीवीआर प्रबंधन ने विंडो बुकिंग वाली टिकट के पैसे लौटाए। वहीं फिल्म को लेकर बने माहौल के चलते किसी अन्य सिनेमाघर की ओर से एडवांस बुकिंग नहीं की गई थी।
पहले ही दिन फिल्म पद्मावत देखने की आस संजोए दर्शक जब सिनेमाघर पहुंचे तो उन्हें निराशा ही हाथ लगी। बृहस्पतिवार को फिल्म का प्रदर्शन बंद था। पीवीआर पहुंचे झूंसी के राहुल ने कहा, अब तक जो पता चला है, उसमें ऐसा कुछ नहीं कि प्रदर्शन रोका जाए। बैन नहीं होना चाहिए था। अगर कोई आपत्ति है तो सेंसर बोर्ड ही नहीं पास करता। वहीं सीएमपी के बीए के छात्र अनुराग यादव ने कहा, दूर से आना बेकार गया। सब तय होने के बाद फिल्म बंद करने का कोई औचित्य नहीं है। करेली से आए दोस्तों मुहम्मद इमरान, नौशाद और निहाल ने कहा, हमने इसीलिए एडवांस बुकिंग कराई थी ताकि ऐन वक्त पर दिक्कत न हो, लेकिन यहां आने पर मायूसी हाथ लगी। फिल्म को बंद नहीं करना चाहिए था।