फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   pac inspector case in high court

प्रोन्नति न देने के खिलाफ पीएसी के दरोगा पहुंचे हाईकोर्ट

Wed, 28 Mar 2018 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Wed, 28 Mar 2018 12:34 AM IST
विज्ञापन
pac inspector case in high court
हाई कोर्ट
सिविल पुलिस की तरह ही पीएसी में तैनात दरोगाओं को इंस्पेक्टर पद पर प्रोन्नति नहीं देने के खिलाफ पीएसी के दरोगा हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस में इंस्पेक्टर के पांच हजार पद स्वीकृत कर लगभग 2200 दरोगाओं को प्रोन्नति दिए जाने के मामले में राज्य सरकार से जानकारी मांगी है।
विज्ञापन


राजेश कुमार व 37 अन्य उप निरीक्षकों की याचिका पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र सुनवाई कर रहे हैं। याचिका में कहा गया है सिविल पुलिस के 2007 बैच तक के दरोगा इंस्पेक्टर बन गए जबकि पीएसी में 2001 और 2005 बैच के दरोगाओं को अब तक प्रोन्नति नहीं दी गई है।
विज्ञापन


याचीगण केअधिवक्ता पीयूष शुक्ल ने बताया कि 2008 में नागरिक पुलिस और सशस्त्र पुलिस की अलग- अलग नियमावली बनाई गई, जिसे 2015 में संशोधित किया गया। नियमावली में कहीं भी जनपदीय पुलिस (डीएफ) और अजनपदीय (नान डीएफ ) के रूप में पद का बंटवारा नहीं किया गया है, जबकि पुलिस मुख्यालय ने 5000 स्वीकृत पद का विभाजन 3500 इंस्पेक्टर डीएफ  और 1500 पद नान डीएफ के रूप में करते हुए सभी 5000 पद नागरिक पुलिस के दरोगाओं को प्रमोशन देकर भर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पीएसी के दरोगाओं को इन 5000 पदों के सापेक्ष सम्मिलित नहीं किया गया। उनका कहना है कि 1500 नॉन डीएफ  पदों में आर्म्ड पुलिस के वह पद भी शामिल हैं जो पीएसी नियमावली 2015 के तहत आर्म्ड पुलिस के हैं। इनमें सिक्योरिटी, ट्रैफिक व ट्रेनिंग के हैं। इस प्रकार यह लोग अपने ही बैच के सब इंस्पेक्टर से जूनियर हो गए और डिप्टी एसपी के लिए होने वाली डीपीसी में वे अपने साथ और अपने से जूनियर दरोगा के साथ सम्मिलित नहीं हो पाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed