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प्रोफेसर सीएल खेत्रपाल को कुलपति सर्च कमेटी का सदस्य बनाने का विरोध

Sun, 08 Mar 2020 12:27 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 08 Mar 2020 12:27 AM IST
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opposition to make professor cl khetrpal a member of the vice chancellor  search committee
इलाहाबाद विश्वविद्यालय कुलपति चयन के लिए कार्य परिषद की ओर से मनोनीत प्रो. सीएल खेत्रपाल के नाम को लेकर विरोध शुरू हो गया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ (ऑटा) के अध्यक्ष प्रो. राम सेवक दुबे ने कुलपति चयन समिति में विवि से पूर्व में जुड़े प्रो. खेत्रपाल को शामिल किए जाने का विरोध किया है। उनका कहना है कि विवि से किसी प्रकार से संबद्घ रहे व्यक्ति को कुलपति चयन समिति में शामिल नहीं किया जा सकता। उनका कहना है कि इस बात की शिकायत मानव संसाधन विकास मंत्रालय, राष्ट्रपति (विजिटर) से करेंगे। सुनवाई नहीं होने की दशा में वह इस मामले को लेकर कोर्ट में याचिका दाखिल करेंगे।
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आटा अध्यक्ष प्रो. राम सेवक दुबे ने मांग की है कि 16 मार्च को प्रस्तावित कार्य परिषद बैठक में प्रो. सीएल खेत्रपाल के नाम पर पुनर्विचार करके उन्हें चयन समिति से बाहर करे। प्रो. दुबे का कहना है कि यूजीसी के रेगुलेशन 2018 में कहा गया है कि विवि से किसी प्रकार का लाभ ले चुका व्यक्ति कुलपति सर्च कमेटी में शामिल नहीं हो सकता। ऐसे में कार्य परिषद की ओर से इनके नाम को शामिल किया जाना नियमों के खिलाफ है। आटा अध्यक्ष का कहना है कि प्रो. सीएल खेत्रपाल पर इविवि के कुलपति रहते हुए अपने गलत निर्णय के चलते 50 हजार का जुर्माना भी लग चुका है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व कुलपति प्रो. आरएल हांगलू के कार्यकाल के दौरान प्रो. खेत्रपाल कुलपति हटाने वाले ग्रुप के साथ मिलकर लगातार विवि को अस्थिर करते रहे हैं। ऐसे में उनका चयन नियमों के खिलाफ है। प्रो. खेत्रपाल ने विवि में कुछ शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर भी कोर्ट में याचिका दाखिल कर रखी है। ऐसे में वह निष्पक्ष कैसे हो सकते हैं। पता चला है कि कार्य परिषद की छह मार्च की बैठक के दौरान भी उनके नाम पर सहमति नहीं होने पर वोटिंग करवाई गई थी। वोटिंग के बाद उनके नाम पर सहमति बन पाई थी। इससे पहले पूर्व कुलपति प्रो.सुरेश चंद्र श्रीवास्तव के चयन में भी पूर्व में कार्य परिषद सदस्य रहे मोहन सिंह को शामिल किए जाने के विरोध में कोर्ट में याचिका दाखिल की जा चुकी है।
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