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Prayagraj News: इविवि में विश्वेश्वरैया योजना से पीएचडी का मौका, आवेदन शुरू
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शोध करने वाले अभ्यर्थियों के लिए पीएचडी में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो गई है। विश्वेश्वरैया पीएचडी योजना चरण-तीन के तहत आवेदन मांगे गए हैं। इसकी अंतिम तारीख एक अक्तूबर निर्धारित की गई है।
इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग और सूचना प्रौद्योगिकी व आईटी इनेबल्ड सर्विसेज में शोध का अवसर मिलेगा। प्रवेश के लिए संबंधित विषय में बीई व बीटेक के साथ एमई व एमटेक की डिग्री अनिवार्य है।
अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक या 6.5 सीपीआई और एससी, एसटी व दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 55 प्रतिशत अंक या 6.0 सीपीआई निर्धारित है। आवेदन से संबंधित दस्तावेजों की हार्ड कॉपी विश्वविद्यालय में अंतिम तिथि तक जमा कर सकते हैं। अंतिम तिथि तक अभ्यर्थी की आयु 34 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
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पांच साल तक मिलेगी फेलोशिप
- योजना के तहत चयनित शोधार्थियों को पहले और दूसरे वर्ष तक 46,250 रुपये प्रतिमाह और तीसरे से पांचवें वर्ष तक 52,500 रुपये प्रतिमाह फेलोशिप दी जाएगी। छात्रावास उपलब्ध नहीं होने पर केंद्र सरकार के निर्धारित मानकों के अनुसार फेलोशिप के 16 प्रतिशत तक आवास किराया प्रतिपूर्ति भी मिलेगी।
शोध और विदेश यात्रा के लिए भी आर्थिक मदद
-शोध कार्य के लिए प्रत्येक वर्ष 1.20 लाख रुपये रिसर्च कंटीजेंसी ग्रांट मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रतिभाग करने के लिए अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक वित्तीय सहायता का प्रावधान है। तीसरे वर्ष से पात्र शोधार्थियों को विदेश स्थित प्रयोगशालाओं के भ्रमण के लिए भी योजना के नियमों के तहत सहायता मिल सकती है।
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इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग और सूचना प्रौद्योगिकी व आईटी इनेबल्ड सर्विसेज में शोध का अवसर मिलेगा। प्रवेश के लिए संबंधित विषय में बीई व बीटेक के साथ एमई व एमटेक की डिग्री अनिवार्य है।
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अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक या 6.5 सीपीआई और एससी, एसटी व दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 55 प्रतिशत अंक या 6.0 सीपीआई निर्धारित है। आवेदन से संबंधित दस्तावेजों की हार्ड कॉपी विश्वविद्यालय में अंतिम तिथि तक जमा कर सकते हैं। अंतिम तिथि तक अभ्यर्थी की आयु 34 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
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पांच साल तक मिलेगी फेलोशिप
- योजना के तहत चयनित शोधार्थियों को पहले और दूसरे वर्ष तक 46,250 रुपये प्रतिमाह और तीसरे से पांचवें वर्ष तक 52,500 रुपये प्रतिमाह फेलोशिप दी जाएगी। छात्रावास उपलब्ध नहीं होने पर केंद्र सरकार के निर्धारित मानकों के अनुसार फेलोशिप के 16 प्रतिशत तक आवास किराया प्रतिपूर्ति भी मिलेगी।
शोध और विदेश यात्रा के लिए भी आर्थिक मदद
-शोध कार्य के लिए प्रत्येक वर्ष 1.20 लाख रुपये रिसर्च कंटीजेंसी ग्रांट मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रतिभाग करने के लिए अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक वित्तीय सहायता का प्रावधान है। तीसरे वर्ष से पात्र शोधार्थियों को विदेश स्थित प्रयोगशालाओं के भ्रमण के लिए भी योजना के नियमों के तहत सहायता मिल सकती है।