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कलाइयों पर प्यार बांधेगी प्यारी बहना
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 29 Aug 2015 01:30 AM IST
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इलाहाबाद। भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व रक्षाबंधन शनिवार को मनाया जाएगा। शुक्रवार को घरों में पर्व की तैयारियां होती रहीं। बहनों की ओर से भाइयों की कलाई पर राखी बांधने का सिलसिला दोपहर डेढ़ बजे के बाद शुरू होकर देर रात तक चलता रहेगा। बहनें, भाइयों की कलाई पर राखी बांध कर उनके लिए मंगलकामना करेंगी। वहीं भाई उन्हें शगुन के तौर पर उपहार देंगे। पुरोहित अपने यजमानों को श्रावणी उपाकर्म के बाद रक्षासूत्र बांधेंगे।
अबकी भद्रा लगने से बहनों को राखी बांधने के लिए इंतजार करना पड़ेगा। भद्रा का संचरण शुक्रवार की रात 2.53 बजे शुरू होकर शनिवार की दोपहर 1.49 बजे तक रहेगा। अखिल भारतीय ज्योतिष परिषद के महामंत्री आचार्य अविनाश राय के मुताबिक राखी बांधने का मुहूर्त दोपहर 1.49 के बाद शुरू होगा। शास्त्रों के अनुसार भद्रा के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। इसलिए राखी 1.49 बजे के बाद ही बांधना शुभ माना जाएगा।
शुक्रवार को दिन भर बहनें पर्व की तैयारी में व्यस्त रहीं । कई दिनों से जिन बहनों को अपने भाइयों की कलाई के लिए कोई राखी नहीं जंच रही थी, उन्होंने मिठाई संग मनपसंद राखी खरीद ही ली। प्रजापिता ब्रह्मकुमारियां विभिन्न मोहल्लों में राखी बांधने जाएंगी ,आर्य समाज मुंडेरा की ओर से श्रावणी उपाकर्म के तहत दोपहर बारह बजे तक वैदिक यज्ञ, प्रवचन आदि कार्यक्रम होंगे।
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अबकी भद्रा लगने से बहनों को राखी बांधने के लिए इंतजार करना पड़ेगा। भद्रा का संचरण शुक्रवार की रात 2.53 बजे शुरू होकर शनिवार की दोपहर 1.49 बजे तक रहेगा। अखिल भारतीय ज्योतिष परिषद के महामंत्री आचार्य अविनाश राय के मुताबिक राखी बांधने का मुहूर्त दोपहर 1.49 के बाद शुरू होगा। शास्त्रों के अनुसार भद्रा के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। इसलिए राखी 1.49 बजे के बाद ही बांधना शुभ माना जाएगा।
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शुक्रवार को दिन भर बहनें पर्व की तैयारी में व्यस्त रहीं । कई दिनों से जिन बहनों को अपने भाइयों की कलाई के लिए कोई राखी नहीं जंच रही थी, उन्होंने मिठाई संग मनपसंद राखी खरीद ही ली। प्रजापिता ब्रह्मकुमारियां विभिन्न मोहल्लों में राखी बांधने जाएंगी ,आर्य समाज मुंडेरा की ओर से श्रावणी उपाकर्म के तहत दोपहर बारह बजे तक वैदिक यज्ञ, प्रवचन आदि कार्यक्रम होंगे।
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